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भीषण गर्मी का दौर और पानी के पाउच कर रहें बीमार भीषण

गर्मी का दौर और पानी के पाउच कर रहें बीमार

आर्थिक हितों के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़ा

मंदसौर। इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और तपा देने वाली गर्मी मंे सर्वाधिक सुकून यदि किसी से मिलता हैं तो वो है ठण्डा शुद्ध पानी लेकिन इन दिनों आर्थिक हितों के चलते पानी के पाउच में मानकों के ताक पर रखरकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हालत यह हैं कि शहर में बिक रहे अधिकांश पानी के पाउच पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सापायरी तारिख तक अंकित नहीं है। अलग – अलग कंपनियों व नामों से बिकने वाले इन पाउच का पानी न तो शुद्ध है और न ही इनकी गुणवत्ता का कोई मापदण्ड है। लोगों के सेहत के साथ होते इस खिलवाड़ की ओर से जिम्मेदार अधिकारी भी आखंे मूंदकर बैठे है। लोगों का गला तर करने के लिए बेचे जा रहे इन पानी पाउच को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, जिससे कई बिमारियां पैदा होने का भय रहता है। इनमें कई बार कषैला और दुर्गंधयुक्त पानी मिलने की शिकायतें भी सामने आ चुकी है। कई पानी बेचने वाली कंपनियों के अनुसार पाउच के पानी को एक महीने तक रखने पर भी वह खराब नहीं होता है पर डॉक्टर्स कंपनी के इस दावे को झूठला रहे है।

ये है पैकिंग पानी पाउच के नियम

पानी के पाउच पर पैकिंग की तारिख होनी चाहिए। आईएसआई मार्क होना चाहिए। पानी की गुणवत्ता की जानकारी दी जानी चाहिए। एक्सपायरी दिनांक लिखी होनी चाहिए। कंपनी का पंजीयन होना चाहिए। पानी की लोबेरेटरी जांच का प्रमाण पत्र होना चाहिए।

यह चल रहा मार्केट में

अधिंकाश पानी पाउच पर कोई पंजीयन नंबर नहीं। आईएसआई मार्क नहीं। पानी के पैकिंग की तारिख भी नहीं होती है। जानकारी की कोई सील नहीं होती।

यहां बिक रहे धड़ल्ले से पाउच

नेहरू और महाराणा प्रताप बस स्टेण्ड, रेल्वे स्टेशन, चाय व पान की गुमटियों, रेस्टोरेंटांे, किराना, बेकरी आदि स्थानों पर गुणवत्ता विहिन पानी के पाउच धडल्ले से बिक रहे है।

नामी कंपनियो के साथ नकली कंपनियां भी मैदान में

नगर में कई नामी कंपनियों के पानी पाउच बिक रहे है। लेकिन दुकानदार अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में नकली व स्थानीय कंपनियों के गुणवत्त विहिन पानी के पाउच बेच रहे है। आरो वाटर का दावा होने के कारण लोग पाउच तो खरीद लेते है। हालांकि बाद में उन्हें पता चलता है कि उनके साथ धोखा हुआ है।

दूषित पानी से हो रहे बीमार

जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों का कहना है इन दिनों अस्पताल आने वाले मरीज दूषित पानी के कारण बीमार हो रहे है। हर दिन पेट संबंधी समस्या को लेकर कई मरीज आ रहे है। एक निजी चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ योगेन्द्र सिंह कोठारी ने बताया कि पॉलिथीन में भरे पानी का 48 घंटे के भीतर उपयोग कर लेना चाहिए। दो दिन से ज्यादा समय होने पर प्लास्टिक के दुष्प्रभाव पानी में आना शुरू हो जाते है। इससे आंतों में सूजन, उल्टी सहित पेट की अन्य बीमारियां होने का अंदेशा रहता है।

पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वाटर में भी बड़ा फर्क

अधिकांश कंपनियों द्वारा ग्राहकों को पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वाटर के नाम पर ठगा जाता है। अधिकांश बाजार में बिकने वाले पानी के पाउच या बोतल सिर्फ पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर  होते हैं उनमें मिनरल नहीं पाया जाता है। लेकिन कंपनियों मिनरल वाटर के नाम पर ग्राहकों को ठगती है। ऐसे ही हालत शहर में डोर टू डोर पानी की 15 लीटर की कैने पहुंचाने वाले प्लांट कर रहे है। मिनरल व आरओ पानी के नाम पर सिर्फ ठण्डा पानी ग्राहकों को दिया जा रहा है।

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