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भूतभावन को पशुपतिनाथ के दरबार में रविवार को लगेगा पॉच हजार छः सौ किलो का नैवेद्य 

हलवाई जुटे हैं भगवान का नैवेध बनाने में

मन्दसौर। अखंड मंडलाकार, त्रिनेत्रधारी, विश्वप्रसिद्ध अष्ठमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव के दरबार में 02 सितम्बर रविवार को अनेक आयोजन होंगें। भगवान का महारूद्राभिषेक कर मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा एवं 56 क्विंटल का 56 भोग का नेवैद्य लगाया जाएगा। साथ ही भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। इन आयोजनों को लेकर तैयारियां जोरों-शोंरो से चल रही है। छप्पन भोग का नैवेद्य बनाने में विभिन्न हलवाई जुट गये है। इसी दिन विशालकाय ध्वजा भी मंदिर शिखर पर चढाई जाएगी।

भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रातः काल आरती मण्डल के सरंक्षक पं. दिलीप शर्मा, अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार, महासचिव ज्योति प्रकाश जाजपुरीया, प्रवक्ता जगदीश पुरूसवानी, उमेश परमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि, कल 02 सितम्बर रविवार को छप्पन भोग का नेवैद्य लगेगा। भगवान को चढाया जाने वाला प्रसाद शुद्ध घी से बनाया जा रहा है। प्रातः काल आरती मण्डल के सदस्य इस अयोजन की तैयारीयों में लग गये है। उन्होनें बताया कि, रविवार को प्रातः 9 बजे मंदिर शिखर पर विशालकाय ध्वजा चढाई जाएगी। साथ ही अन्य मंदिरों पर ध्वजा लगाई जाएगी। महारूद्राभिषेक भी प्रातः 11 बजे शुरू होगा उसके बाद भांग से भी भगवान का अभिषेक किया जाएगा। मनमोहक श्रृंगार कर भगवान का नेवैद्य लगाया जाएगा। उन्होने ने बताया कि, रविवार को शहर सहित ग्रामीण अंचलो से अनेक लोग इस अनूठे आयोजन में सम्मिलित होने आते है। भक्तों के लिए समुचित व्यवस्था जुटाई जा रही है। मंदिर परिसर में विशेष विद्युत साज सजा की जाएगी।

  यह मिठाईयां बढायेगी शोभाः- इस वर्ष जो मिठाईयां प्रमुख रूप से बनाई गई है। जिसमें मख्खन बडा, केसर रोल, मोहननाथ, चन्द्रकला, मोतीपाक, मेसुरपाकर, ईमरती, खोपरापाक, काला जामुन, भांग पेडे, मटेडी, घेवर, मालपुए, रबडी, मिटी कचोरी, बेसन चक्की, उडद की फिनी, सलामी पेडे, बेसन पपडी, अजनवाईन पपडी, खट्टा मिट्टा मिक्चर, खीर, पुडी, दाल, बिडे, सहित 15 तरह के छोटे बडे लड्डु बनाया जा रहे है। साथ ही भांग के विशेष पेडे बनाए जा रहे है।

 नेवैद्य बनाने में जुटे हैं कई हलवाई व सहयोगीः- भगवान का नेवैद्य शुद्ध घी से बनाया जा रहा हैं इस नेवैद्य को बनाने में भीलवाडा के प्रसिद्ध हलवाई श्याम सेन के नेत्रत्व में 15 हलवाई की टीम लगी हुई हैं जिसमें भंवरलाल, नैनाराम, छोटुसिंह, जीवराम, सत्यनारायण, प्रेमचन्द्र, प्रकाश सहित मंदसौर के औंकारदास बैरागी, दाताराम हलवाई लगे हुवे हैं। यही नही 10 महिलाएं सहयोग कर रही साथ ही दस पुरूष भी नैवेद्य बनाने में जुटे हुए हैं।

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