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भूलकर भी सावन में न करें ये 9 काम, भगवान शिव होते है नाराज

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भोपाल। सावन मास शुरू हो रहा है। भगवान शिव की पूजा का समय आ गया है, ऐसे में कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिन्हें ध्यान रखकर शिव पूजा का विशेष फल पाया जा सकता है। यदि आप सावन के पूरे माह इन बातों का ध्यान रखेंगे तो यकीन मानिए उसके सुखद परिणाम जल्दी देखने मिलेंगे। आचार्य द्वारिकानाथ बता रहे हैं शास्त्रों में सावन माह में किन बातों को निषेध किया गया है
  1. आज से भगवान शिव का सबसे मनपंसद महीना सावन शुरू हो रहा है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे बढ़िया माना जाता है। इस माह में विधि पूर्वक शिवजी की आराधना करने से, मनुष्य को शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। शास्त्रों के मुताबिक इस माह में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं और संसार के पालनहार के रूप में शिव जी ही कार्य करते हैं। सावन के महीने में कुछ काम नहीं करना चाहिए।
  2. सावन में शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए।
  3. शिव कृपा पाने के लिए पूरे महीने सात्विक भोजन करना चाहिेए इस कारण सावन के महीने में मांस,मदिरा,प्याज और लहसुन का सेवन बंद कर देना चाहिए। सावन के महीने में इन सबके सेवन को पाप माना जाता है।
  4. धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि सावन में हरी सब्जी का त्याग कर देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।लेकिन सावन में साग में पित्त बढ़ाने वाले तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। यही कारण है कि सावन में साग खाना वर्जित माना गया है। साथ ही कीट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।
  5. सावन में संभव हो तो दूध का सेवन न करें। यही बात बताने के लिए सावन में शिव जी का दूध से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। वैज्ञानिक मत के अनुसार इन दिनों दूध पित्त बढ़ाने का काम करता है।
  6. सावन में बैंगन को खाना उत्तम नहीं माना गया है। इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्ध कहा गया है। वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े अधिक लगते हैं। ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है।
  7.  सावन के महीने में किसी भी प्रकार के बुरे विचार से बचना चाहिए। अन्यथा शिवजी की पूजा में मन नहीं लग पाएगा।
  8.  सावन के महीने में इस बात का ध्यान रखें कि बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवन साथी, माता-पिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का अपमान न करें।
  9. इस महीने में अगर घर के दरवाजे पर सांड या गाय आ आए तो उसे मार कर भगाने की बजाय कुछ खाने को दें। सांड को मारना श‌िव की सवारी नंदी का अपमान माना जाता है।

क्सर देखा गया गया है कि ईश्वर की पूजा करते समय कई तरह के चढ़ावे अर्पित किये जाते हैं, लेकिन अगर आप भगवान शिव के उपासक हैं और उनकी सच्चे दिल से भक्ति करते हैं, तो फिर नीचे दिए गए बातों पर ध्यान दीजिए. कहा जाता है कि भोलेनाथ की पूजा करने से वहीं नहीं बल्कि सभी देवता खुश हो जाते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान शिव को सफेद रंग का फूल अधिक प्रिय है. हालांकि हर सफेद फूल भगवान को नहीं चढ़ता. ऐसे में जानें किस फूल को भगवान शिव को अर्पित नहीं करना चाहिए.

केतकी का फूल ना चढ़ाएं

केतकी का फूल भूलकर भी शिवजी को कभी ना चढ़ाएं. ऐसा करने से वो नाराज हो सकते हैं, दरअसल शास्त्रों के अनुसार एक बार ब्रह्माजी व विष्णुजी में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है. ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का दावा कर रहे थे और भगवान विष्णु पूरी सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में स्वयं को श्रेष्ठ कह रहे थे, तभी वहां एक विराट लिंग प्रकट हुआ दोनों देवताओं ने सहमति से यह निश्चय किया गया कि जो इस लिंग के छोर का पहले पता लगाएगा उसे ही श्रेष्ठ माना जाएगा.

शिवजी ने काटा ब्रह्माजी का एक सिर

दोनों विपरीत दिशा में शिवलिंग की छोर ढूढंने निकले, छोर न मिलने के कारण विष्णुजी लौट आए. ब्रह्मा जी भी सफल नहीं हुए परंतु उन्होंने आकर विष्णुजी से कहा कि वे छोर तक पहुँच गए थे. उन्होंने केतकी के फूल को इस बात का साक्षी बताया. ब्रह्मा जी के असत्य कहने पर स्वयं शिव वहां प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्माजी की एक सिर काट दिया और केतकी के फूल को श्राप दिया कि शिव जी की पूजा में कभी भी केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं होगा.

 

सावन के पहले सोमवार को ऐसे करें पूजा, परेशानियां होंगी दूर

ये सावन का महीना है, यानी भोले शंकर का महीना। सावन के महीने में पहला सोमवार खास होता है। इस दिन अगर विधि-विधान से पूजा की जाए तो आपकी मनोकामना भोलेनाथ जरूर पूरी करते हैं।

सावन के महीने में सोमवार के व्रत की शिव जी की पूजा की सर्वाधिक महिमा है। सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय मास है, वहीं सावन में सोमवार के दिन भगवान शिव भगवान शिव एंव माता पार्वती के पूजन के साथ ही शिवलिंग की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

इस साल सावन का महीना इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इस वर्ष सावन का शुभारंभ सोमवार से हो रहा है और समाप्ति भी सोमवार को हो रही है ऐसे में अगर भक्तजन यहां बताई गयी इस विधि से शिव का पूजन करेंगे तो भगवान शिव जरूर मेहरबान होंगे और उस व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।

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