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मंडला, नीमच और मंदसौर में आंधी-बारिश, करोड़ों का नुक्सान

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उत्तर भारत में आए आंधी-तूफान का असर मप्र के भी कई जिलों में दिखने लगा है। सोमवार रात नीमच और मंदसौर जिले में आंधी और बारिश हुई। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है। तेज आंधी से कई जगह पेड़ गिर गए वहीं मंडी में रखा हजारों टन अनाज भीग गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी प्रदेश में इस प्रकार का मौसम बना रहेगा। मप्र में अचानक मौसम में आए बदलाव से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के बाद जहां उमस लोगों को परेशान कर रही हैै। वहीं आंधी और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है। आंधी से कई जगह पेड़ों के धाराशायी होने के साथ ही कई घरों की टीन भी उड़ गई।

नीमच शहर में कम, आसपास हुई तेज बारिश

सोमवार शाम शुरू हुई बारिश और तेज आंधी ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी। करीब आधे घंटे तक हवाएं चलने के बाद 15 मिनट तेज बारिश हुई। बारिश तो बंद हो गई, लेकिन हवा और बिजली रातभर कड़कती रही। नीमच शहर सहित सहित सीतामऊ, नगरी, धुंधड़का, टकरावद, नापाखेड़ा, जोधा पिपलिया, बिल्लोद, टिडवास, सुदवास, मगराना, रतनपिपलिया सहित अंचल में जगह-जगह तेज हवाओं के साथ पंद्रह से बीस मिनट तेज बरसात हुई।

तिरपाल लगाने के बाद भी कुछ नहीं कर सके किसान

मंदसौर कृषि उपज मंडी में उपज की बंपर आवक जारी है। ऐसे में मंडी परिसर में लहसुन के ढेर लगने के बाद हजारों वाहन बाहर कतार में लगे हुए हैं। मौसम साफ होने से कई किसान उपज को बचाने के लिए पाल व अन्य साधन लेकर नहीं आए। शाम को मौसम बदला तो किसान कुछ तैयारी कर पाते उससे पहले हजारों क्विंटल उपज भीग गई। मंडी परिसर में 20 हजार क्विंटल से अधिक लहसुन गीली हो गई। वहीं बाहर वाहनों पर कई किसानों ने तिरपाल तो लगा दिए पर कई किसान कुछ नहीं कर सके।

लहसुन गीली होने से चिंतित हुए किसान

पाल्यामारु के किसान सोहनलाल पाटीदार ने बताया कि 15 क्विंटल लहसुन लेकर आया था। ढेर लगाया ही था कि पानी आ गया। सारी लहसुन गीली हो गई। अब इसके दाम भी मिलने की उम्मीद नहीं है। सैलाना के लक्ष्मण जाट ने बताया कि 20 क्विंटल लहसुन लाया था सभी भीग गई। किसानों का कहना है कि मंडी में लहसुन नीलामी की जगह शेड नहीं होने से नुकसान उठाना पड़ा।

मनासा में भी आंधी बारिश से मचाया कहर

अचानक आंधी के साथ हुर्इ बारिश के चलते समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर ताैल बंद हाेने से किसानाें ने हंगामा कर दिया। किसानाें की मांग पर कृषि मंडी स्थित खरीदी केंद्र पर अल्हेड़ सोसायटी के सहायक मैनेजर ने दाेबारा खरीदी शुरू करने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। कुछ दिनों पहले हुई बारिश में 22 बाेरा चना खराब हाेने की घटना से सबक लेते हुए तूफान की आशंका के चलते सोसायटी प्रबंधन ने खरीदी बंद कर दी। इससे किसान नाराज हाे गए। खजूरी गांव से 52 साेमवार काे एसएमएस मिलने पर ट्रैक्टरों में उपज लेकर पहुंचे थे।

पिछली बार 2266 क्विंटल उपज भीग गर्इ थी

सहायक मैनेजर मनाेज नागदा ने बताया अचानक हुई बारिश में पिछली बार 2266 क्विंटल उपज भीग गर्इ थी और 22 बाेरा चना खराब हाे गया था। हम किसानाें का माल शेड के बाहर नहीं ढेर लगवा सकते। शेड छाेटा है अाैर हम्माल काम करने से मना कर रहे हैं। एेसे में दाे-तीन ट्रैक्टर का ताैल ही करा पाएंगे। फिर बाकी किसान विराेध करेंगे हालांकि हंगामे काे देखते हुए उन्होंने हम्मालों से बात कर वापस खरीदी शुरू करने का आश्वासन दिया तब किसान माने। खजूरी के किसान मुकेश अाैर धर्मेंद्र पाटीदार ने बताया 30 ट्रैक्टर का ताैल हाेना है। हम कल रात से अाए हैं अाैर खरीदी रोक दी।

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