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मंदसौरः एक साथ 11 अर्थियां देखकर नम हुई आंखे

नीमच में हादसे में जान गंवाने वाले एक ही गांव के 11 लोगों के शव देर शाम उनके गांव खंडेरिया काचर लाए गए। गांव में एकसाथ 11 अर्थियां देखकर माहौल गमगीन हो गया। गांव में हर किसी की आंखे नम थी। गुरुवार को दोपहर में घोसुण्डी बामनी के समीप कानका फंटे पर स्पीड ब्रेकर पर ब्रेक लगाने के दौरान एक ट्रेक्टर ट्राली समीप खाई में पलटी खा गई जिससे महिला बच्चों सहित 11 जनों की मौत हो गई व 21 घायल हो गए। ये लोग ट्रेक्टर ट्रॉली में बैठकर सांवलिया जी दर्शन करने जा रहे थे। ट्रेक्टर ट्राली में कुल 32 लोग बैठे  हुए थे। सभी खंडारिया काचर व सदर थाना सीतामऊ मंदसौर के निवासी हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेक्टर नीमच से सांवलियाजी दर्शन के लिए जा रहे थे कि घोसूण्डी के समीप कानका फंटे के यहां पर स्पीड ब्रेकर पर ब्रेक लगाया जिससे ट्रेक्टर ट्राली सहित समीप खाई में जा गिरा। आसपास से होटल ढाबा व खेत में कार्य कर रहे किसान दौड़ के आए और नयागांव पुलिस को सूचना दी। इस पर चौकी प्रभारी जेसी निनामा, एएसआई शिवलाल कुलमी सहित अपने फोर्स के साथ टोल एम्बुलेस के साथ पहुंचे। वहीं कुछ ही समय में एसपी मनोजकुमार सिंह भी पहुंचे व दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। घायलों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। इनकी जानकारी लेने जिला चिकित्सालय भी पहुंचे। मौके पर जावद एसडीओपी व टीआई भी आये और जानकारी ली।

पुलीस चौकी नयागांव द्वारा जानकारी दी गई कि उसमें मृतकों में छह महिलाएं, 4 बच्चे व एक युवक शामिल हैं। मृतकों के नाम मोहनलाल पुत्र गोवर्धन जाट 30 वर्ष निवासी खंडेरिया काचर, नीलेश पुत्र घनश्याम बलाई 5 वर्ष निवासी सदर, दीपक पुत्र मदनलाल बलाई, वर्षा पुत्री श्यामू बलाई 3 वर्ष, लोकेश पुत्र जगदीश लुहार 6 वर्ष, मथरी बाई पत्नी शिवनारायण लोहार 40 वर्ष, भागु बाई पत्नी रोडिमल बलाई, भंवरी बाई पत्नी उदयराम बलाई निवासी सदर, रुकमणी बाई पत्नी किशनलाल लोहार, डाबला गुर्जर निवासी सीतामऊ, काशीबाई पत्नी श्यामू बलाई निवासी सदर, मथरी बाई पत्नी शिव नारायण लोहार उम्र 50 वर्ष निवासी सदर हैं। यशवंत पुत्र राधेश्याम उम्र 20 वर्ष, श्रीमती राधाबाई कन्हैयालाल उम्र 25 वर्ष, मुकेश पुत्र दिनेश, श्रीमती राधाबाई, दिनेश, विष्णु, बाबूलाल, संतोष, घनश्याम, कारूलाल, रतन, जगदीश, गोपाल पुत्र अमृत राम, हरि सिंह पुत्र हरिशचंद्र आदि घायल हुए हैं।

दुर्घटना के समय घोसुंडी निवासी पूर्व सरपंच प्रकाश पुरोहित, खेमराज पुरोहित, कानका निवासी कैलाश चंद्र व अन्य ग्रामीणों जनों की सराहनीय भूमिका  रही। समय रहते यह लोगों मौके पर पहुंचे जिससे कुछ लोगों को बचाया जा सका। ट्रॉली में सुखला डाल कर ऊपर तिरपाल डाल रखा था। जिससे ट्रॉली पलटी तो बच्चे सुखले में दब गए।

हाईवे पर केसरपुरा से कानका फंटे तक मार्ग दुर्घटना जोन बना 

नयागांव हाईवे पर केसरपुरा से कानका फंटे तक दुर्घटना जोन बन गया है। दो किमी क्षेत्र में आए दिन हादसे हो रहे हैं। 29 दिन में यहां दो हादसों में 17 लोगों की जान चली गई। 26 अप्रैल को केसरपुरा के पास देवास से भीलवाड़ा जा रहे परिवार की कार कंटेनर से टकरा गई थी। इसमें एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई थी। उत्तरप्रदेश के मैनपुरी के एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद गुरुवार को कानका फंटे पर मंदसौर जिले के सीतामऊ तहसील के खंडेरिया काचर के लोगों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इसमें 11 लाेगों की मौत हो गई। केसरपुरा सरपंच प्रतिनिधि रमेश धाकड़ ने केसरपुरा से कानका फंटे पर हादसे हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे पूर्व बुधवार को मनासा के आंतरीमाता में भी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से तीन की मौत व 22 लोग घायल हो गए थे। इधर जिले की प्रभारी मंत्री अर्चना चिटनीस ने लोगों से धार्मिक व किसी भी तरह की यात्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली से नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा ट्रैक्टर-ट्रॉली का सवारी के रुप में उपयोग कानूनी अपराध है।

खुशी-खुशी गांव ने सांवलियाजी दर्शन के लिए लोगों को किया था विदा

गुरुवार की सुबह राजस्थान के तीर्थ सांवलियाजी जाने के लिए करीब 40 लोग गांव से निकले थे। गांव ने खुशी-खुशी उन्हें विदा किया था। पूरे गांव में उल्लास एवं उत्साह का वातावरण था। लोगों को क्या पता था कि नियती कुछ और ही है। सुबह की खुशी दोपहर आते-आते काफूर हो चुकी थी। टे्रक्टर-ट्राली की दुर्घटना की खबर सुन गांव के लोग बदहवास से हो गए। जिसको जो सुझा वह दुर्घटना के बारे में जानने का प्रयास कर रहा था। जब स्थिति स्पष्ट हुईकि गांव से गए सभी लोग दुर्घटना में प्रभावित हुए है जब गांव के एक रिश्तेदार सहित 12 लोगों की मौत की खबर पुष्ट हुईतो पूरा गांव स्थिर हो गया। गांव के कुछ हिम्मती लोगों ने प्रभावित परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया और अंतिम संस्कार की तैयारियां की। गांव में जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया उनमें अधिकांश गरीब है। उनके मकान तक पक्के नहीं है। मतरीबाई और उनका बेटा लोकेश व भाभी रुकीबाई की दुर्घटना में मौत हो गई। ऐसे में जगदीश अकेला रह गया। भंवरलाल की भी सात साल के पौते दीपक के साथ मौत हो गई। इस परिवार का भी चिराग बुझ गया। दीपक का पिता मदन पथराईआंखों से दरवाजे पर बैठ देर रात तक निहारता रहा। वह अपने पिता व बेटे का इंतजार कर रहा था। उसे विश्वास ही नहीं था कि उसके पिता और बेटा इस दुनिया में नहीं रहे। घनश्याम मालवीय का आठ वर्षीय निलेश एकलौता बेटा था। इसकी मौत होने के बाद अब कोईऔलाद नहीं बची। हांलाकि घनश्याम के परिवार से और लोग भी घायल है। श्यामलाल दुर्घटना में पत्नी कारीबाई एवं छह वर्ष के बेटे को खो चुका। श्यामलाल की एक मात्र बेटा भी अब नहीं रहा। पूरा घर को चलाने वाला मोहन जाट भी दुर्घटना में दुनिया से विदा हो गया। उनके परिवारजन का मोहन एक मात्र आसरा थे।

सरपंच ने कहा एक परिवार की तरह छोटा गांव

सरपंच गांगाबाई का कहना है कि साढ़े छह सौ मतदाता वाला छोटा सा गांव एक परिवार की तरह है। खंडेरिया काचर में आज भी गांव के परिवारों के बीच भाई चारा है। यहां अमीरी गरीबी से दूर सब लोग एक-दूसरे से आत्मीयता रखते है। पूरे गांव में सांवरियाजी दर्शन के लिए गांव से ट्रेक्टर-ट्राली में बैठ जा रहे थे तब पूरे गांव में खुशियां थी। दुर्घटना में गांव के सात महिलाएं एवं चार बच्चे व एक वृद्ध की मौत हुई है। हांलाकि इसमें एक महिला एक परिवार की रिश्तेदारी में आई थी। जिन परिवारों ने अपने सदस्य खोए वे अधिकांश गरीब है। मरने वालोंं में पांच लोग ऐसे थे जो अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले एक मात्र सदस्य थे। हांलाकि पूरा गांव दुखी परिवारों के साथ है। सरकार गरीब परिवारों को ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहायता दे। गांव के एक भी घर में चूल्हा नहीं जला। दुर्घटना की खबर होने के बाद पूरे गांव मरघट सा सन्नाटा छा गया था।

अंत्येष्टि के लिए तीन-तीन हजार

सीतामऊ जनपद पंचायत के सीईओ गांव में मृतकों के परिवारों को अंत्येष्टि के लिए तीन-तीन हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। यहां सीईओ डीएस मशराम ने बताया कि एक-एक लाख रूपए मृतकों के परिवार को देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।उन्होंने कहा कि शासन की और से पीडि़त परिवारों को सहायता में कोई कमी नहीं आएगी। हादसें की खबर सुन सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक यशपाल ङ्क्षसह सिसौदिया, विधायक हरदीप ङ्क्षसह डंग, गरोठ विधायक चंदर ङ्क्षसह सिसौदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष देवीलाल धाकड़ , कयामपुर के रामङ्क्षसह मंडलोई, भोपाल ङ्क्षसह मंडलोई, पूर्वविधायक राधेश्याम पाटीदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष दिलीप ङ्क्षसह सहित अनेक नेता गांव में जाकर शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया।

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