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मंदसौर अब हाई रिस्क जोन में! अब मंदसौर में कोरोना मरीज की पहचान के लिए रेपिड एंटीजन टेस्ट का उपयोग होगा

मंदसौर। अब मंदसौर में मरीज की स्थिति के आधार पर 15 से 30 मिनट में ही टेस्ट हो सकेंगे, ताकि उसे जल्द ही इलाज मिल सके। मंदसौर में कोविड-19 टेस्ट के लिए रेपिड एंटीजन टेस्ट प्रारंभ कर दिए हैं। इसके लिए मरीज के सैंपल को लेब तक भी पहुंचाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग की टीम बाजार में घूमकर सैंपल लेकर मौके पर ही जांच कर रही है। प्रेग्नेंसी टेस्ट किट जैसी ही यह टेस्ट किट भी काम करती है। अभी यह सुविधा प्रदेश के मंदसौर सहित 10 जिलों में ही मिली है। फिलहाल काफी आरएटी किट जिले में हैं। 15 अगस्त को आठ मरीज इसी किट से हुए टेस्ट से मिले थे।

कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि मंदसौर जिले में कोविड-19 टेस्ट हेतु रेपिड एंटीजन टेस्ट की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग का दल मोहल्लों व कॉलोनियों में पहुंचकर लोगों की सैंपल लेकर जांच करेगा। इन क्षेत्रों में मिलने वाले लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रतिदिन हाई रिस्क जोन में इस टेस्ट को काम में लिया जाएगा। इसमें पॉजिटिव केस की पहचान हेतु केवल 15 से 30 मिनट का समय लगेगा। मध्यप्रदेश में अभी केवल 10 जिलों में शुरू की गई है, इसमें मंदसौर जिला भी एक है। इस किट के अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। जिन भी क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों को लगता है कि मरीज की स्थिति गंभीर है, वहां इस किट का उपयोग हो रहा है। 15 व 16 अगस्त को शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस टेस्ट किट से किए गए टेस्ट के बाद लगभग 10 मरीजों को कोविड केयर सेंटर भेजा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि इस टेस्ट किट से यह पता चल जाता है कि मरीज के शरीर में कोरोना संक्रमण हो चुका है और यह मुख्यतः उन मरीजों के लिए ज्यादा उपयोगी है जिनकी हालत ऐसी नहीं रहती है कि दो दिन तक लेब से सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार कर सकें। इसके चलते ही शासन ने रेपिड एंटीजन टेस्ट किट भेजी है। इसका फिलहाल अभी ठीक उपयोग हो रहा है।

कोविड जांच केंद्र भी कर रहा है दिनभर में 20-25 सैंपल की जांच

इसके अलावा जून में जिला चिकित्सालय परिसर में प्रारंभ हुए कोविड-19 जांच केंद्र में प्रतिदिन 20-25 सैंपल की जांच हो रही है। यहां पहले केवल निगेटिव व संदिग्ध की रिपोर्ट मिलती थी। संदिग्ध के सैंपल को फिर मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था। उसके बाद शासन ने जुलाई में इस लेब में पॉजिटिव टेस्ट किट भी उपलब्ध करा दी थी। उसके बाद से संदिग्ध सैंपल की जांच भी यहां की जा रही थी। अभी तक यहां 600 से कुछ अधिक सैंपल की जांच हो चुकी है।

प्रेग्नेंसी टेस्ट किट के समान काम करती है आरएटी

रेपिड एंटीजन टेस्ट किट भी प्रेग्नेंसी टेस्ट किट के समान ही कार्य करती है। मरीज का सैंपल लेकर मौके पर ही टेस्ट किट में लगाया जाता है। उसके बाद 20-30 मिनट में यह किट रिपोर्ट दे देती है। इसमें फिलहाल उन्हीं लोगों के सैंपल लगाए जा रहे हैं, जिनमें कोरोना के प्रारंभिक लक्षण दिख रहे हैं और मौके पर ही टेस्ट करने से समय पर इलाज शुरू हो जाता है।

शरीर में कोरोना वायरस के एंटीजन बता देता है

कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. डीके शर्मा की मानें तो रेपिड एंटीजन टेस्ट कोरोना के प्रारंभिक संक्रमण को बता देता है। हालांकि मेडिकल कॉलेज या अन्य जगह की लेब से आने वाली रिपोर्ट में मरीज के पॉजिटिव होने की जानकारी मिल जाती है। रेपिड एंटीजन टेस्ट में यह पता लग जाता है कि संबंधित के शरीर में कोरोना वायरस के एंटीजन की उपस्थिति है या नहीं।

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