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मंदसौर एसपी ने युवराज सिंह हत्याकांड का किया खुलासा

मंदसौर :  विहिप नेता युवराज सिंह चौहान की हत्या का खुलासा गुरुवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कांफेंस कर दिया। मूल रूप से रुप से केबल और अन्य व्यवसायिक विवादों के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया गया। दीपक तंवर ने पूरे हत्याकांड की साजिश को रचा और अंकित तंवर ने गोलियां चलाई, नागेश गोस्वामी ने गाड़ी चला कर हत्याकांड में मदद की। पुलिस ने हत्याकांड से जुड़े संदिग्ध 30 से 35 लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन मुख्य चार आरोपियों में से अभी तक कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।

इस आशय की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि पुलिस की अभी तक की पड़ताल में जो मुख्य बात सामने आई है उसमें व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा ही हत्याकांड का प्रमुख कारण है। दीपक तंवर ने हत्या की साजिश को रचा और अंकित तंवर और  फैजान ने गोलियां चलाई तथा नागेश ने गाड़ी चला कर मदद की है। पुलिस ने अब तक संदिग्ध रूप से 30 से 35 लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें अभी भी विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है संभावना है कि मुख्य आरोपी शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे।

कल हत्या का घटना क्रम

9 अक्टूबर 2019 की प्रातः करीब 11.30 बजे एसआरएम केबल नेटवर्क के संचालक युवराज सिंह चौहान की गीता भवन अण्डरब्रिज के समीप चाय की होटल पर तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की अभी तक हुई विवेचना के अनुसार इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में दीपक तंवर का नाम सामने आया है और हत्याकांड को अंजाम देने में अंकित तंवर, फैजान उर्फ छोटू और नागेश लाला गोस्वामी है। यही वह तीनों आरोपी है जिन्होंने बाईक पर आकर युवराज सिंह चौहान को सिर में और सीने में गोलियां दागकर मौत के घाट उतारा था। फिलहाल यह चारों पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस अधीक्षक ने किया खुलासा

आज 10 अक्टूबर को दोपहर 1.30 बजे कंट्रोल रूम में मीडिया से रूबरू होते है पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने युवराज सिंह चौहान हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक तंवर है, साथ ही अंकित तंवर, फैजान उर्फ छोटू तथा नागेश लाला गोस्वामी द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों से इसका खुलासा हुआ है। एसपी चौधरी का कहना है कि इस मामले में अन्य अपराधी भी जुड़े हो सकते है, पुलिस विवेचना कर रही है और जिले तथा अन्य क्षेत्रों की पुलिस टीमें भी इस मामले में तत्परता से लगी हुई है।

एसपी हितेश चौधरी ने कहा कि इस हत्याकांड का जो मुख्य उद्देश्य विवेचना के दौरान उभर कर सामने आया है वह व्यवसायिक प्रतिद्वंदा को लेकर माना जा सकता है, इसके साथ ही केबल से जुड़े व्यवसाय व अन्य व्यवसायिक प्रतिद्वंदा में हत्या होने को भी नकारा नहीं जा सकता है। फिलहाल प्रथम दृष्टया व्यवसायिक प्रतिद्वंदा को लेकर ही हत्या होना विवेचना के दौरान पाया गया है। एसपी चौधरी ने बताया कि अभी तक इस मामले में पुलिस ने 30-35 लोगों से पूछताछ की है और आगे भी प्रयास जारी है।

मृतक और आरोपी दोनों ही पर थे दर्ज अपराधिक प्रकरण

मरने वाले और मारने वाले के आपराधिक रिकॉर्ड संबंधी मामले में पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि मरने वाले युवराज सिंह चौहान के विरूध्द दो अपराध थाना क्षेत्र में मिले है एक चार सौ बीसी का है तथा एक अन्य अपराध पंजीबध्द है । वहीं मारने वाले दीपक तंवर और छोटू फैजान के आपराधिक रिकॉर्ड है तथा अन्य आरोपी जो इस मामले में संलिप्त है उनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे है ।

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