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मंदसौर की गिल्लियां से विदेशो मे खेलेंगे गीली डंडा खिलाड़ी

मंदसौर। मंदसौर के गिल्ली-डंडे अब शहर की पहचान बनने लगे हैं। इनके माध्यम से मकर संक्रांति की परंपरा अब विदेशों में भी नजर आएगी। इस बार मकर संक्रांति पर्व पर सऊदी अरब में भी मंदसौर में बने गिल्ली-डंडे खेले जाएंगे। देश के कई राज्यों में भी यहां के गिल्ली-डंडों की मांग है।

मंदसौर के गिल्ली-डंडे कुछ सालों पहले तक मंदसौर तक ही सीमित थे, लेकिन सुंदर बनावट के कारण आसपास के जिलों में भी पहुंचने लगे। इस वर्ष गिल्ली-डंडे विदेश तक पहुंचे हैं। गिल्ली-डंडा निर्माता एवं विक्रेता राजा नोगिया, कमलेश नोगिया ने बताया कि कुछ दिन पहले सऊदी अरब में निवासरत मंदसौर निवासी 11 जोड़ गिल्ली-डंडा लेकर गए हैं। उनका कहना था कि मकर संक्रांति पर सऊदी अरब में गिल्ली-डंडा खेलकर अपनी परंपरा का निर्वहन करेंगे। इसके साथ ही देश ही राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों सें भी मंदसौर के गिल्ली-डंडे इस साल संक्रांति पर लोगों ने मंगवाए हैं। मांग को देखते हुए नयापुरा रोड निवासी नोगिया परिवार के 15 से अधिक सदस्य 2 माह से गिल्ली-डंडों का निर्माण कर रहे हैं। इस साल संक्रांति पर 10 हजार से अधिक गिल्ली-डंडे की बिक्री का अनुमान है। मांग बढ़ते ही दामों में भी अंतर आ गया है, लेकिन इससे शौकीनों को कोई फर्क नहीं प़ड़ा। पिछले साल तक 15-50 रुपए तक में मिल रही गिल्ली-डंडे की जोड़ इस साल 20-80 रुपए तक में बिक रही है।

पतंगों की दुकानें सजने लगीं

मकर संक्राति से पहले बाजार में पतंगों की दुकानें सज गई हैं। अशोक टॉकीज मार्ग पर पतंग बाजार लग गया है। नई डिजाइन की पतंगें बच्चों को ज्यादा आकर्षित कर रही हैं। बाजार में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की फोटो वाली पतंग खरीददारों की पसंद बनी हुई है।

– पतंग की दुकानों पर धीरे-धीरे ग्राहकी जम रही है। बच्चों के लिए कई आकर्षक पतंगें आई हैं। मोदी-गांधी की पतंग ज्यादा पसंद की जा रही है। नायलोन डोर पर प्रतिबंध लगने से व्यवसाय में अंतर तो आया है लेकिन चलित डोर की मांग भी है।-अनूप माहेश्वरी, पतंग विक्रेता

– गिल्ली-डंडे कई सालों से बना रहे हैं। इस साल कुछ भारतीय सऊदी अरब में खेलने के लिए हमारे यहां से गिल्ली-डंडा लेकर गए हैं। इसके साथ ही राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात तक भी गिल्ली-डंडे जा रहे हैं। मांग को देखते हुए इस साल 10 हजार गिल्ली डंडे बिकने का अनुमान है। 20 से लेकर 80 रूपए जोड़ तक गिल्ली-डंडे बिक रहे हैं। -राजा नोगिया, गिल्ली-डंडा निर्माता

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