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सुधीर गुप्ता – जीवन परिचय

श्रीमान रामचंद्र जी गुप्ता एवं श्रीमती दुर्गाबाई गुप्ता के परिवार में 19 मई 1959 को जन्मे सुधीर जी गुप्ता की शिक्षा दीक्षा मंदसौर में हुई। आपका विवाह साधना जी से संपन्न हुआ एवं पुत्र रत्न के रूप में मूदुल की किलकारियां आपके आंगन में गुंजी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पष्ठमि वाले गुप्ता। परिवार की परंपरा एवं बचपन से ही समाज कार्य में गहरी रुचि सुधीर जी को संघ की शाखा में ले गई। शाखा में मिले संस्कार एवं संघ के विचारों का ही परिणाम है कि उनका व्यक्तित्व निखरता चला गया। तया राष्ट्रीय समाज के प्रति उनका चिंतन उनके व्यक्तित्व में आजकता चला गया संगठन ने जो भी। दायित्व सौपा कुशलता पूर्वक उनका निर्वहन करते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता तथा योजक शैली को साबित किया तथा प्रत्येक क्षेत्र में नवीन आयाम स्थापित किए। ऐसे करिश्माई व्यक्तित्व के धनी से, जो भी एक बार मिलता है सदा के लिए उनका हो जाता है सबके सुनने एवं सबको साथ लेकर चलने की विशिष्ट शैली इन्हें औरों से अलग ही पहचान दिलाती है। ओजस्वी एवं प्रखर वक्ता होने के साथ ही सतत अध्ययनशील होने के कारण स्थानीय राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ऐसी मजबूत पकड़ को सुनने वाला मंत्र मुग्ध रह जाते हैं। संगठन ही सर्वोपरि की भावना के साथ कार्य करने की इनकी निर्भीक शैली तथा कठोर निर्णय लेने की क्षमता कुशल संगठक एवं कठोर प्रशासक के रूप में इनकी छदि को साबित करती है इसी प्रकार श्री गुप्ता बाल स्वयंसेवक के रूप में प्रारंभ अपने सामाजिक जीवन में प्रगति के पथ पर सार्थक प्रयास करते हुए सांसद के रूप में आज भी गतिमान है। सर्वप्रथम आप ने मात्र 18 वर्ष की उम से 1977 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला महामंत्री के रूप में छात्र राजनीति की शुरुआत की एवं जिले में परिषद का चुनाव में परचम फहरा कर अपने नेतृत्व कला को साबित किया। 1980 के दशक में प्रबुद्ध भारती के प्रदेश के पदाधिकारी रहे साथ ही स्वदेशी जागरण मंच भारतीय मजदूर संघ बैंक शाखा एवं गौ रक्षा हेतु कार्य किया देश प्रसिद्ध गंगा यात्राओं में विश्व हिंदु परिषद के मुख्य पदाधिकारी रहे। राम जन्मभूमि आंदोलन के बलिदाान जत्थे का नेतृत्व करते हुए इटावा जिले में गिरफ्तारी दी तथा सेंट्रल जेल में बंदी रहे है। 1990 व 2000 के दशक में भाजपा के जिला पदाधिकारी रहे तत्पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर से उड़कर कार्य किया। सरस्वती शिशु मंदिर मंदसौर के सचिव के रूप में काफी विकास कार्य किए शिक्षा महाविद्यालय छात्रावास बालिका उ.मा.वी शिशु वाटिका आदि आप ही के कार्यकाल की देन है। परिणाम स्वरुप आज मंदसौर विद्यालय प्रांत के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय में गिना जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न दायित्व का निर्वहन किया। रामसेतु रक्षा मंच के प्रदेश के पदाधिकारी रहे। हिंदु महासम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया पूर्व छात्रों को शिशु मंदिर की वास्तविक पूंजी बताते हुए संरक्षक के रुप में पूर्व छात्र परिषद की संकल्पना को साकार किया आप की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन पूर्व छात्र परिषद मंदसोर इकाई न केवल राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ इकाई बनी अपित्त आपकी बनाई योजना को राष्ट्रीय स्तर तक मान्यता मिली भारत विकास परिषद की स्थापना एवं संचालन में भूमिका नेआई नेपाली संस्कृति परिषद के राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका का निर्वाहन सामाजिक समरसता के दश्य से पगासनिक दायित्व म प्र योजना आयोग के सदस्य के रूप में लंबे समय तक प्रदेश के विकास में सहभागी बने जन अभियान परिषद के जिला उपाध्यक्ष रहते हुए आपने समाज सेवा के इस पकल्पको वास्तव में जन जन का अभियान बना दिया। आपकी प्रेरणा व मार्गदर्शन से 750 से अधिक प्रस्फुटन एवं स्ंपदन समितियों के माध्यम से अनेक अभियान जनभागीदारी के अनुठे उदाहरण बन गए। शिवना गहरीकरण अभियान को राज्य स्तर पर प्रशंसा मिली। सुख व्यक्तित्व के धनी सुधीर जी पर चेंबर आॅफ काॅमर्स, मेडिकल एसोसिएशन जिला जूड़ो व कराटे एसोसिएशन आदि संगठनों से जुड़े रहें।