Breaking News

मंदसौर छोटी बड़ी खबरे : 11 August 2019

स्वतंत्रता दिवस पर पेंशनर महासंघ करेगा झण्डावंदन

मन्दसौर। सेवानिवृत्त एवम पेन्शनर नागरिक महासंघ जिला मंदसौर के द्वारा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2019, गुरूवार को ‘वरिष्ठ नागरिक भवन‘ गौशाला मार्केट दयामंदिर रोड़, मंदसौर पर 7.30 बजे एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय वृद्धजन सेवा केन्द्र (डे केअर सेंटर) शक्कर कुईया बालागंज पर 8 बजे झण्डावंदन किया जावेगा।

पेंशनर महासंघ अध्यक्ष श्रवण कुमार त्रिपाठी, सचिव नन्दकिशोर राठौर, संगठन सचिव मोहनलाल गुप्ता, डे केअर सेंटर व्यवस्थापक प्रमोद अरवन्देकर एवं समन्यवक डॉ. देवेन्द्र पुरााणिक, सचिव राजेन्द्र पोरवाल ने सभी वरिष्ठजनों से अपील की है कि समय पूर्व उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनावे।


बारिश ने दी राहत, राखी के त्यौहार पर ग्राहकी से चमके बाजार

मंदसौर। विगत चार से पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने आम जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया था। रविवार को कुछ मौसम खुला और शहर के बाजारों में राखी के त्यौहार की रौनक देखी गई। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद भी बाजार ग्राहकों से भरे रहे। राखी के त्योहार में अब सिर्फ तीन दिन शेष बचे है। ऐसे में हर बहन अपने भाई के लिए अच्छी से अच्छी राखी लेना चाहती है।

भाई – बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन ही मनाया जायेगा। त्योहार को लेकर बाजार में राखी की कई दुकानें सज गई जिसे पर अनेक प्रकार की राखीयां बहनो को लुभा रही है। घंटाघर क्षेत्र के दुकानदार ओम ने बताया कि इस बार राखी के भावों में 10 से 15 प्रतिशत की तेजी है। चंूकि इस बार रक्षाबंधन का पर्व स्वंतत्रता दिवस के दिन आ रहा है इसलिए तिरंगे की राखीयों की भी खासी डिमांड है।

आर्टिफिश्यिल और कॉर्टून कैरेक्टर राखीयां भी बाजार में

परंपरागत राखीयों के साथ इस बार भी बाजारों में आर्टिफिशियल और कॉर्टून कैरेक्टर की राखीयां बाजार में आई है। जो ग्राहकों को लुभा रही है।

5 रू से 500 रू तक की राखी उपलब्ध इस बार राखीयों के भाव में तेजी जरूर आई है लेकिन बाजार में हर वर्ग के बजट अनुसार राखीयां उपलब्ध है। बाजार में लगी दुकानों पर 5 रू से लेकर 500 रू तक की राखीयां उपलब्ध है।


राखी, ईद नजदीक लेकिन नहीं मिला अध्यापकों को अभी तक वेतन- शुक्ला

मन्दसौर। पूर्व एवं नवागत कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद भी अध्यापक संवर्ग का अधिकांश स्कूलों में छटवें वेतनमान की प्रथम एवं दूसरी किश्त का भुगतान होना तो दूर यहां तक की अब वेतन भुगतान में भी समस्या उत्पन्न होती जा रही है। सीतामऊ विकासखण्ड में आज दिनांक तक वेतन का भुगतान नहीं हो पाना न सिर्फ नाराजगी का कारण बनता जा रहा है बल्कि रक्षाबंधन एवं ईद जैसे त्यौहार नजदीक होने, मकान व वाहनों की किश्तें चुकाने में भी अध्यापक साथियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के साथ-साथ पूर्व में जिला कलेक्टर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बिल पर प्रति हस्ताक्षर कराने के कारण एक दिवस का विलम्ब तो हो ही रहा है किंतु वर्तमान में अनुदान की देरी और मद में राशि आने के उपरांत भी समय पर आहरण नहीं करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।  अध्यापक संघ के दिनेश शुक्ला ने त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप कर वेतन एवं छटवें वेतनमान की किश्तों का भुगतान शिघ्र कराने की मांग करते हुए भविष्य में समय पर वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।


रूपचॉद आराधना भवन में श्री सीमन्धर स्वामीजी भावयात्रा का आयोजन हुआ

500 से अधिक धर्मालुजनों ने की सहभागीता, मंदसौर में पहली बार हुआ ऐसा अदभुत आयोजन

मंदसौर। श्री केशरिया आदिनाथ श्रीसंघ चौधरी कॉलोनी के तत्वाधान में रूपचॉद ठाणा 10 की पावन प्रेरणा से एवं साध्वी श्री सुप्रसन्नाश्रीजी मसा की पावन निश्रा में प्रतिदिन यहां विविध धार्मिक गतिविधियों का आयोजन हो रहा हे। प्रति रविवार रूपचॉद आराधना भवन में विशिष्ट धार्मिक गतिविधियों हो रही है तथा इसमें बडी संख्या में श्रावक श्रावकायें सहभागीता कर रहे हे। कल रविवार को रूपचॉद आराधना भवन में तीर्थकर भगवान श्री सीमधंर स्वामी की भावयात्रा का अदभुत आयोजन किया गयां मंदसोर नगर में पहली बार इस प्रकार की विशिष्ठ भावयात्रा हुई ओर उसमें श्रावक श्राविकाओं के शमोशरण जैस अनुभव किया। सीमन्धर स्वामी के शमोशरण  जैसा अनुभव किया। सीमन्धर स्वामी की भावयात्रा हेतु तीर्थकर भगवान सीमंधर स्वमी का शमोशरण बनाया गया। विशिष्ट प्रकार की रंगोली बनायी गयी दिपक जलाये गये। पुरा वातावरण शमोशरण की भांति लगे इसके लिये भावयात्रा के दौना मोबाईल आदि भौतिक साान प्रतिबंधित किये गये। प्रात 9.30से 12.15 बजे तक यह अदभुत भावयात्रा में साध्वी श्री सुप्रसन्नाश्रीजी ने महाविजय क्षै? का जैसा वर्णन जैन शास्त्रो में है उसे बताया तथा भावों के द्वारा पुरे क्षैत्र की यात्रा करायी गई। अन्य खटोड, अनिल खटोड ने इस अवसर पर भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। इस समापन पर लाभार्थी लक्ष्मीलालजी, शैलेन्द्र भण्डारी परिवार के द्वारा यात्रा के समापन पर सधर्मी स्वामीवात्यलय का आयोजन किया गया। यात्रा में शामिल धर्मालुजनों ने शमोशरण के सम्मुख नवैध व अक्षत अर्पित किये।
भावविभोर हुए धर्मालुजन- मंदसौर में पहली बार तीर्थकर श्री सीमन्धर स्वामी की भवयात्रा में शामिल होने वाले कई धर्मालुजन ऐसी अदभुत यात्रा कर ऐसे भावविभोर हो गये उनके नेत्रो से आसुओं की घारा बहने लगी यात्रा में शामिल घर्मालुजनों ने ऐसे अदभुत यात्रा का आयोजन मंदसौर में पहली बार देखा इस यात्रा में शामिल एक ही परिवार के 5 सदस्य इतने भावविभोर हुए कि उन्होने इस प्रकार की भावयात्रा में  अंगामी समय में पुन शामिल होने का संकल्प लिया।

इन्होने की सहभागिता -इस अवसर पर रूपचॉद आराधना अध्यक्ष दिलीप डांगी, सचिव संदीप धींग, कोषाध्यक्ष छोटेलाल जैन, चातुर्मास समिति अध्यक्ष मनोज जेनन, सचिव पंकज खटोड, जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के पूर्व अध्यक्ष कमल कोठारी, समाजसेवी शैलेन्द्र भण्डारी, कपिल भण्डारी  भी उपस्थित थे।

बच्चो का संस्कार ज्ञान शिविर लगा 160 बच्चो ने की भागीदारी- रविवार को रूपचॉद आराधना भवन में संस्कार ज्ञान शिविर लगाया गया। इस शिविर में 160 बच्चो ने भागीदारी की। शिविर में शामिल बच्चो को साध्वी श्री परमप्रसन्नाश्रीजी मसा ने जैन धर्म व दर्शन की प्रारम्भिक जानकारी दी। शिविर आयोजन के लाभार्थी ज्ञानचंद्र रगवाला परिवार के द्वारा सभी बच्चों को स्वामीवात्यसल कराया गया।

आज सामूहिक आयम्बिल होगे- अंहिसा पर्व के उपलक्ष्य में आज 12 अगस्त सोमवार को प्रात 11 बजे से आयुश्मान भवन एवं हर्ष विलास सामूहिक आयम्बिल का आयोजन रखा गया है। सभी धर्मालुजन अपनी सुविधानुसार आयम्बिल तप में भागीदारी करे।


नेशनल लोक अदालत 14 सितम्बार को

मन्दसौर। जिला विधिक सहायता अधिकारी मंदसौर ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार तथा जिला न्यायाधीशध्अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर के मार्गदर्शन में 14 सितम्बरर को 2019 शनिवार को जिला स्तर पर एवं तहसील न्यायालय भानपुरा, गरोठ, सीतामऊ, नारायणगढ़ में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।


भगवान पशुपतिनाथ मनोकामना अभिषेक किसी एक वर्ग विशेष-समाज विशेष का नहीं बल्कि सर्व

मंदसौर। लगातार 11 वर्ष में सम्पन्न होने जा रहे भगवान श्री पशुपतिनाथ के मनोकामना अभिषेक के 26वें दिवस राजपूत समाज, अ.भा. प्रजापति कुम्भकार समाज, सरस्वती स्कूल गर्रावद के विद्यार्थी एवं स्टॉफ तथा अन्य अभिषेकार्थियों सहित प्रथम चरण जहां उपर तथा नीचे दोनों सभागार पूरी तरह अभिषेकार्थियों से भर गये वहीं दूसरे चरण में भी उपर का सभागार पूरी तरह भर गया, लगभग दो हजार अभिषेकार्थियों ने अभिषेक किया। रविवार का दिन और सावन का महिने का भरपूर लाभ लिया अभिषेकार्थियों ने।
रजत प्रतिमा पूजन विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका गोस्वामी, अपर सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह, श्रीमती अर्चनासिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश रघुवीर शरणसिंह चुण्डावत, राजपूत समाज अध्यक्ष सुरेन्द्रसिंह खेजडि़या आदि ने किया।

विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने कहा कि मनोकामना अभिषेक किसी एक वर्ग अथवा किसी एक समाज विशेष का नहीं बल्कि विश्व वंद्य भगवान श्री पशुपतिनाथ की आराधना, भक्ति करने का सर्व समाज का एक बहुत ही दिव्य, अनूठा अनुष्ठान।

पत्रकार ब्रजेश जोशी ने मनोकामना अभिषेक की प्रस्तावना से लेकर अद्यतन आयोजन का संज्ञान कराते हुए इसे भगवान श्री पशुपतिनाथ के इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताया।


क्षमता भाव रखने वाला गुरु ही शिष्य के जीवन को ऊंचाइयों पर ले जा सकता है-मुनिश्री संबुद्धसागरजी

मन्दसौर। हर मनुष्य के जीवन में एक गुरु अवश्य होता है, लेकिन यह मनुष्य को ही तय करना है कि उसका गुरु कैसा हो, बेहतर गुरु जिस मनुष्य को मिलता है वह लगातार आगे बढ़ता जाता है, सफलताएं उसके कदम चूमती है, जबकि भोग वासना और गलत कार्यों में लिप्त रहने वाला गुरु शिष्य को भी गर्त में पहुंचा देता है, इसलिए जीवन में हमेशा सोच समझ कर अपना गुरु चुनें।

यह बात मुनिश्री संबुद्ध सागर महाराज ने धर्मसभा मे कही। आपने कहा कि भोग विलास और सुख सुविधाओं को छोड़ने वाले ही वास्तविकता में तपस्वी गुरु हो सकते हैं ऐसे गुरुओं की शरण में आने वालो का कल्याण हो जाता है। आपने कहा कि कई बार अखबारों के माध्यम से जानकारियां आप तक पहुंचती है कि अमुख नाम के साधु को पकड़ा गया है, मैं यह नहीं कहता कि हर साधु गलत होता है, लेकिन अपवाद के रूप में साधुओं के वेश में कई बार शैतान लोगों के  संपर्क में आते हैं और समाज को तो मूर्ख बनाते ही है, साथ में साधु के नाम पर कलंक लगाने का कार्य ऐसे लोगों के द्वारा किया जाता है। आपने कहा कि चंद दिनों मंदिर जाने के बाद मनुष्य स्वयं को बड़ा भक्त मानकर फल की कामना करने लगता है, जबकि जिम जाकर शरीर को हष्ट पुष्ट बनाने में भी महीनों लग जाते है, तो फिर मन के मेल को धोने के लिए प्रभु भक्ति में समय तो देना ही पड़ेगा।

आपने कहा कि निर्दोष जीवो के चमडे से बनी हुई वस्तुओं का उपयोग करने वाला व्यक्ति भी उस जीव हिंसा में बराबर का भागीदार माना जा सकता है, इसलिए चमड़े की वस्तुओं का उपयोग कभी ना करें। आपने कहा कि 24 घंटे में से मात्र 5 मिनट इंसान ध्यान कर ले तो उसका कल्याण हो सकता है, 5 मिनट का ध्यान भी किसी तपस्या से कम नहीं होता, इसलिए जीवन में कम समय के लिए ही सही लेकिन ध्यान अवश्य करें ।प्रभु का ध्यान करते वक्त मनुष्य की आत्मा सीधे परमात्मा से जुड़ जाती हैं।


चंचलमन को कैसे लगाए सत्संग में

मंदसौर। केशव सत्संग भवन में सन्त समागम का आयोजन हुआ। इस मौके चंचलमन को काबू में कर भगवान की भक्ति में कैसे लगाया जाए। उसपर प्रकाश डाला। क्योकि मनुष्य जीवन अनमोल है। उसे सुधारने के लिए भगवान की भक्ती करना बहुत महत्वपूर्ण है। व्यक्ति मोह माया के बंधन में उलझकर भगवान को भूल रहा है। जब कि मनुष्य जीवन का उद्धार हरि भक्ति के बिना नहीं है। यह मोह के धागे है बस सांसारिक जीवन को पुण्य कर्म करने से रोकते हैं जिससे उससे जीवन मरण के चक्कर जन्म जन्मांतरण तक फसा रहता है क्योंकि लाखो योनियों के बाद मनुष्य योनि मिलती है। जिसमें मनुष्य भगवान की भक्ति करके भवसागर को पार कर सकता है। भगवान की माया के जाल में वह उलझकर मोक्ष प्रदान करने वाले भगवान को भूलता चला जा रहा है।मनुष्य को भक्ति में मन लगाने के लिए रामचरित्रमानस को पढ़ना चाहिए। इससे पढ़कर मनुष्य विलुप्त होती भारती संस्कृति को समझ सके और उसे आधार बना के संस्कृति के अनुकूल  व्यवहार कर सकता है। वैसे तो रामचरित्रमानस संपूर्ण वेदों उपनिषदों का निचोड़ है। इसी लिए इस ग्रन्थ को सबसे ऊपर माना जाता है। क्योंकि इसमें जात पात के भेद को भुलाके  सभी को प्रभु ने गले लगाया है। ये भेद भाव तो मनुष्यों ने किया है। प्रभु के लिए तो कौन राजा कौन रंक,कौन दलित,कौन सवर्ण सभी एक समान है। यही वजह है कि मनुष्य को रामचरित्रमानस को पढ़के अपने जीवन में उतारना चाहिए। ये एक मात्र ऐसा ग्रन्थ है जो अवधि भाषा में लिखा है। जिससे बड़ी आसानी से समझा जा सकता है। जबकि सारे ग्रन्थ सँस्कृत में है जिससे समझना इतना आसान नहीं है।


सुख, शांति, समृद्धि की कामना को लेकर : सांई मंदिर अभिनन्दन में आयोजित हुआ भजन कीर्तन व रामायण पाठ

मन्दसौर। श्री अभिनंदन बालाजी धाम एवं साईधाम महिला मंडल द्वारा प्रतिवर्ष देश में सुख, शांति, समृद्धि के साथ ही अच्छी बारिश के लिये सावन मास में रामायण पाठ तथा भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष आयोजित रामायण पाठी एवं भजन कीर्तन की पूर्णाहुति रविवार को हुई।
इस अवस पर हवन पं. सुरेश पंड्या द्वारा विधि विधान से कराया गया। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।  इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुषों की भागीदारी रही। हवन में पंकज-अनुपूरण जोशी, शांति सांखला, संगीता राठौर, ज्योति सक्सेना, गीता पांडेय, कल्पना रावल, सुशीला गर्ग, सुमन गोस्वामी, शांतिबाई प्रजापत, चंदा पांडेय, चंदा भावसार, कंचन शर्मा, गीता जोशी आदि उपस्थित थे।

श्री पशुपतिनाथ की शाही सवारी के साथ ओखाबावजी भी निकलेंगे नगर भ्रमण पर

मन्दसौर। आज 12 अगस्त 2019 को भगवान श्री पशुपतिनाथ की शाही सवारी के साथ ही भगवान शिव के गण तथा दशपुर नगर के द्वारपाल चन्द्रपुरा स्थित श्री ओखाबावजी (बटूक भैरव) भी सुसज्जित सवारी में नगर भ्रमण कर नगरवासियों के दुःख दर्द दूर करेंगे। बटूक भैरवनाथ (ओखाबावजी) दशपुर नगरी के द्वारपाल है उनकी महिमा अपार है जिनके दर्शन तथा मंदिर परिसर में स्थित कुएं के जल के सेवन मात्र से कई असाध्य रोग दूर हो जाते है। सात देवों के रूप प्रतिष्ठित होकर ओखाबावजी सात प्रकार की बीमारियों को भी दूर करते हैं। इनमें ओखाबावजी-बुखार, टाईफाईड, छोटे बच्चों को नजर से बचाव जिससे उन्हें होने वाली बिमारियों  को दूर करना, शरीर पर बारिक दाने होना, पानीझरा बावजी-आंखो से आंसू आना, पानी पीने की मात्रा बढ़ना, बेरा बावजी-कानों से सुनाई न देना, आंखों की रोशनी कम हो जाना, बेण्डा बावजी-मानसिक संतुलन बिगड़ना, गुंगा बावजी-गले से आवाज बंद होना, अनोखा बावजी-बुरे स्वप्न आना, बहकी हुई बातें करना आदि विशेष प्रकार के रोगों को हरकर अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।

नगर भ्रमण से पूर्व प्रातः 9.30 बजे पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में ओखाबावजी की अगवानी  प्रातःकालीन आरती मण्डल के अध्यक्ष दिलीप शर्मा व मण्डल के सदस्यों द्वारा की जायेगी। इस दौरान समाजसेवी अनिल मसानिया द्वारा 11 किलो मिठाई का भोग लगाया जाएगा। उसके पश्चात् संत श्री बालूपुरीजी महाराज तितरोद मठ, महंत शंभुपुरीजी चामुण्डा माता मंदिर मल्हारगढ़, मंदसौर मण्डल के महंत अर्जुनपुरीजी महाराज रूपावली के सानिध्य में सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटील, नगरपालिका अध्यक्ष मो. हनीफ शेख, युवा कांग्रेस नेता सोमिल नाहटा, युवा कांग्रेस नेता आदित्य पाटील, समाजसेवी लक्ष्मणसिंह चन्देल, कलेक्टर मनोज पुष्प, पुलिस अधीक्षक हितेन्द्र चौधरी ओखाबावजी का महाअभिषेक करेंगे। ओखाबावजी मोतीबावजी चरण सेवक समिति के नरेन्द्र अग्रवाल, नरेन्द्र धनोतिया, धर्मवीर रत्नावत, आलोक शर्मा, नेमीचंद राठौर, ब्रजेश जोशी, संजय लोढ़ा, पुष्पराजसिंह राणा, आशुतोष नवाल, नन्दू आडवानी, पंकज शर्मा, प्रकाश सिसौदिया, अभय अकोलकर, गोपालसिंह तोमर, कमल गोस्वामी, दिनेश चौधरी, गोरीगिरी गोस्वामी, मनोहरगिरी गोस्वामी, गणपतगिरी गोस्वामी, बगदुगिरी गोस्वामी, राजेश गिरी जानीमेर, प्रकाश गिरी कुण्डला, देवेन्द्र भारती, केके जोशी, प्रदीप चौधरी, सचिन जैन, संजीव परमार, दिलीप सेठिया एवं सांई पालकी मानव सेवा समिति मंदसौर ने सभी धर्मालुजनों से महाअभिषेक व शाही सवारी में सम्मिलित होने की अपील की है। इस बार ओखाबावजी को आशीर्वाद देते हुए झांकी का आयोजन किया जाएगा, यह झांकी जगदीश पेंटर नाटाराम एवं कलाकारेां द्वारा बनाई जाएगी। यह जानकारी शैलेन्द्रगिरी गोस्वामी ने दी।


 

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts