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मंदसौर छोटी बड़ी खबरे 21-Nov-2018

प्रधानमंत्री की सभा में जिले के प्रत्येक बुथ से 10 मोटरसाइकिल से पहुँचेंगे युवा मोर्चा कार्यकर्ता-हितेश शुक्ला

मन्दसौर:- आगामी 24 नवम्बर को भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मन्दसौर में आ रहे हे। मोदीजी के स्वागत सम्मान में युवा मोर्चा पूरे जिले से बाइक रैली के माध्यम से मंदसौर पहुचेगा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हितेश शुक्ला ने बताया कि 2018 विधानसभा का चुनाव युवा केंद्रित है। और युवा मोर्चा उसमे पूरे जोश के साथ लगा हुआ है।ये युवा जोश और अधिक बढ़ गया है क्योंकि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी खुद मंदसौर की धरा पर जनता से मिलने आ रहे है। मोदीजी की सभा को लेकर  युवा मोर्चा द्वारा निरतंर बैठको का दौर जारी हे। सीतामऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हेतु भाजयुमो ने नगर में एक बैठक सीतामऊ मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह लोगनि के नेतृत्व में आयोजित हुई। जिसमे तय हुआ कि सीतामऊ सहित पूरे जिले से युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जिले के प्रत्येक पोलिंग बुथ से 10 मोटर सायकल के साथ में पुरे जिले के 14 मण्डलों के प्रत्येक पोलिंग बुथ से युवा मोर्चा के कार्यकर्त्ता पहुँचेगा। मन्दसौर आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का युवा मोर्चा द्वारा भव्य स्वागत भी किया जायेगा। जिलाध्यक्ष हितेश शुक्ला, जिला महामंत्री जीवन शर्मा, हर्ष पाटिल व मिथुन वप्ता ने युवाओ से मन्दसौर में आयोजित होने वाली सभा में भाग लेने की अपील की है की सभा हेतु युवा मोर्चा के कार्यकर्ता साथियो के साथ अधिक से अधिक संख्या में मंदसौर पहुचे। मन्दसौर आगमन पर प्रधानमंत्री मन्दसौर में मोदी की सभा हेतु भाजयुमो मन्दसौर द्वारा निरन्तर बैठको का दौर जारी हे। उक्त जानकारी भाजयुमो जिला मिडिया प्रभारी निलेश शुक्ला ने दी

दशपुर दिव्यांग संघ ने दिव्यांग भाईयों से मतदान अवश्य करने की अपील की

मन्दसौर। दशपुर दिव्यांग शिक्षा एवं कल्याण संगठन के पदाधिकारियों ने मंदसौर जिले के समस्त दिव्यांग भाई एवं बहनों से अपील की है कि मतदान अपना अधिकार है इसलिये मत अवश्य डाले एवं अपने मत का सही उपयोग करे। यह नहीं सोचे की हम मतदान नहीं करेंगे।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि इस बार निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांगों के लिये मतदान करने हेतु अलग से व्यवस्था की है। अब दिव्यांगों को लम्बी कतार में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। उनका नम्बर सबसे पहले लिया जावेगा। आयोग ने दिव्यांगों के लिये गाड़ियों की व्यवस्था भी की है। जो दिव्यांग भाई-बहन मतदान केन्द्र तक नहीं जा सकते या बहुत ज्यादा परेशानी होती है उन्हें गाड़ी द्वारा मतदान केन्द्र पर पहुंचाया जाएगा एवं सबसे पहले मतदान करवाकर पुनः अपने घर पर पहुंचाया जावेगा।
दशपुर दिव्यांग शिक्षा एवं कल्याण संगठन मंदसौर के समस्त दिव्यांग भाई-बहनों से अपील की है कि अपना मतदान अवश्य करे तथा मतदान करने हेतु अपने परिवार, मित्रों को भी प्रेरित करे एवं देश के विकास में योगदान दे।
यह अपील दिव्यांग संगठन के अध्यक्ष दिलीप राठौर, गोपाल नामदेव, विजय परिहार, अशोक कुमावत, सिराज मेव, जगदीश कुमावत, ऋषिराज, पिंकी राठौर, प्रहलाद बारोड़, बाबू एवं समस्त पदाधिकारियों ने की है।

 सत्यसाई बाबा के जन्मोत्सव 23 नवम्बर के शुभ अवसर पर साप्ताहिक जन्मोत्सव आयोजन 17 से 23 नवम्बर एक परिचय एवं समाज संबंधी परियोजनाएं

आन्ध्रप्रदेश के जिला अनन्तपुर के एक छोटे से गाँव पुट्टपर्ति में एक साधारण परिवार में 23 नवम्बर 1926 को स्वामी का जन्म हुआ। उनके पिता का नाम पेद्दवेंकप्पा राजू और माता का नाम ईश्वरम्मा। चार वर्ष की छोटी सी उम्र में ही स्वामी के हृदय में प्राणी मात्र के लिये दया, प्र्रेम तथा परोपकारिता की असीम भावना विद्यमान थी। स्वामी ने मांसाहारी भोजन निषेध कर पशु-पक्षियों की हत्याओं की निंदा की। बाल्यकाल में ही स्वामी कई चमत्कार करने लगे थे, जिसके कारण उनके परिवार एवं ग्रामवासियों को लगा कि उनके शरीर पर किसी प्रेतात्मा का अधिकार हो गया। इस कारण उन्हें कई यातनाएं भी सहन करनी पड़ी। 14 वर्ष की आयु में 23 मई 1940 को स्वामी ने बड़ी शांति और गंभीरता से कहा कि मैं साई बाबा हूँ और उन्होनंे परिवार त्याग दिया। स्वामी ने प्रथम 25वर्ष लीलाओं और महिमाओं में बिताए इसका उद्देश्य लोगों को यह विश्वास दिलाना था कि वे वास्तव में महान शक्ति है।
स्वामी द्वारा स्थापित मानव सेवा कार्यों के अन्तर्गत किए गए कार्यों की परियोजनाएंः- मानव सेवा माधव सेवा है। (मानव सेवा दिव्यता की सेवा है) इसको चरितार्थ करते हुए उनके द्वारा निम्न परियोजनाएं स्थापित की गई जो कि पूर्णतः निःशुल्क है।
चिकित्सा सेवा:-
(1) सुपर स्पेशयालिटी अस्पताल की स्थापना 22 नवम्बर 1991 को पूट्टपर्ती में की गई। जिसके अन्तर्गत काडियोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, गेस्ट्रो एंटरोलॉजी, ऑप्थेमोलॉजी, हड्डी रोग, नेत्र रोग, सी.टी.वी.एस. आदि सेवाएं।
(2) सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल की स्थापना 21 जनवरी 2001 को बैंगलोर में की गयी जिसमें कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी, सी.टी.वी.एस. आदि की सेवाएं।
इसके अतिरिक्त जनरल हॉस्पिटल, ओ.पी.डी. में परामर्श के लिये, ईको और डाप्लर स्केनिंग, खून की जांच, कैथेट्राइजेशन, दवाओं, डॉक्टरों की सलाह, सर्जरी के लिये, आई.सी. सहित वार्ड में रहने के लिए, भोजन आदि के लिये किसी भी सेवा के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जाता है तथा धन संचय की नियत से कोई नोटिस बोर्ड या दानपेटी भी दिखाई नहीं देगी। भारत वर्ष के अलावा अन्य देशों से भी चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने हेतु मरीज आते है। देश के अन्य राज्यों में भी संगठन द्वारा चिकित्सा सेवा प्रारंभ की गई है।
2. पेयजल परियोजना-
स्वामी की पहली बड़ी पेयजल परियोजना 1994-1996 की अवधि में आंध्रप्रदेश के अनंतपुर जिले में 300 करोड़ की लागत से 900 से अधिक गांवों के लिये विशाल जलाशयों का निर्माण कर 2500 कि.मी. की लंबी पाईप बिछाई जाकर एक वर्ष तक सफल संचालन के बाद 19 अक्टूबर 1997 को महबूबनगर और चैन्नई में परियोजना प्रारंभ की गई। स्वामी के 79वें जन्मदिवस पर चैन्नई के घरों के नलों में पानी बहने लगा।
3. शिक्षा-
पूट्टपर्ती में भारत के प्रत्येक राज्यों के छात्र/छात्राओं के लिये प्राइमरी, माध्यमिक, कॉलेज स्थापित है। जिसमें अध्ययन हेतु कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। शिक्षा क्षेत्र में भी सभी धर्मों के छात्र/छात्राएं अध्ययन करते है।
श्री सत्यसाई सेवा संगठन, उद्देश्य एवं गतिविधियां-
भगवान श्री सत्यसाई बाबा द्वारा 1960 में श्री सत्यसाई सेवा संगठन की स्थापना की गई। श्री सत्यसाई सेवा संगठन मानव मात्र की सेवा करने वाला एक ऐसा संगठन है जिसका आधार आध्यात्मिक है। संगठन की सभी गतिविधियां आध्यात्मिक व सेवा कार्यों पर आधारित है। ‘‘मानव सेवा ही माधव सेवा है‘‘। यह विचार संगठन के सेवा कार्यों का मूलमंत्र है। धर्म, राष्ट्रीयता जाति सामाजिक आर्थिक स्थिति के किसी भी भेदभाव के बिना सेवा करना यह संगठन की मुख्य विशेषता है।
यह संगठन एक अखिल भारतीय संगठन है जिसकी शाखाएं समूचे भारतवर्ष में फैली हुई है। मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में समितियों के माध्यम से संगठन की गतिविधियां संचालित की जाती है। संगठन के राज्य के प्रमुख प्रान्ताध्यक्ष होते है जिनके समन्वय से समस्त गतिविधियां संचालित होती है। संगठन के सभी पदाधिकारी नामांकित होते है एवं बिना किसी भुगतान के स्वयं के व्यय पर अपनी सेवा के पुष्प भगवान के श्री चरणों में अर्पित करते है।
संगठन का उद्देश्य-
संगठन कोई धर्म प्रचार अथवा धर्म परिवर्तन करने वाला संगठन नहीं है। इस संगठन के प्रमुख उद्देश्यः-
(1) प्रत्येक प्राणी की सहायता (2) सभी मानव संबंध, सत्य, धर्म, प्रेम, शांति और अहिंसा के सिद्धांतों के आधार पर ही निर्धारित होते है अतः इन सिद्धांतों को अपने जीवन में व्यावहारिक रूप से उतारना। (3) भक्तगणों जो किसी भी धर्म के हो अपने-अपने पवित्र धर्मों की श्रेष्ठ भावना को अंगीकार कर व्यवहार में अपने-अपने धर्म के प्रति सहृदयता से समर्पित करवाना (4) धर्म मात्र एक ही है और वह है प्रेम का धर्म। (5) भाषा मात्र एक ही है वह भाषा हृदय की है। (6) जाति मात्र एक ही है वह जाति मानवता की है। (6) परमात्मा मात्र एक है और वह सर्वव्यापी है।
प्रमुख गतिविधियां-
1. आध्यात्मिक गतिविधियां- साप्ताहिक भजन, नगर संकीर्तन, स्वाध्याय, साधना शिविर आदि।
2. शैक्षणिक गतिविधियां- बालविकास की कक्षा का संचालन।
3. सेवा गतिविधियां- ग्राम सेवा, नारायण सेवा, राष्ट्रीय नारायण सेवा, प्रशांति सेवा में सेवादल की व्यवस्था आदि।
(इस वर्ष 2 से 20 अक्टूबर तक स्वच्छता कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रान्त में 140982 मानव घंटों की स्वच्छता सेवा नेशनल वेबसाईट पर दर्ज हुई एवं मंदसौर-रतलाम-नीमच जिले में मुंगा/सुरजना पौधे के 3200 पौधे रोपित किए गए।)
श्री सत्य साई सेवा संगठन आपदा प्रबंधन के रूप में मानव सेवा में संलग्न रहता है। जब भी जहां भी आपदा होती है वहां संगठन का प्रत्येक प्रशिक्षित सेवादल उपस्थित होकर सेवा करता है। जम्मू-कश्मीर से केरल तक सेवादल ने आपदा प्रबंधन में चिकित्सा, गैर चिकित्सा अथवा सड़क बनाने तक के कार्यों को जरूरत अनुसार पहुंचाने के लिये कोई रास्ता नहीं छोड़ा गया है। सेवादल श्री सत्य साई बाबा के अनुग्रह को व्यक्त करते है ‘‘प्रार्थना करने वाले होठों से वे हाथ श्रेष्ठ है जो सेवा में संलग्न है।’’
उपरोक्त समस्त गतिविधियां समस्त जिलों की समितियों के माध्यम से संचालित होती है। मन्दसौर में प्रत्येक गुरूवार को दशरथ नगर स्थित साई मंदिर मंे शाम 7 से 8 बजे तक साप्ताहिक भजन होते है। समिति में किसी भी प्रकार की गतिविधि का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। और न ही जनता से अनुदान लिया जाता है। संगठन अपने आर्थिक व्ययों की पूर्ति मात्र साई भक्तों से स्वेच्छिक रूप से प्राप्त अनुदानों से करता है।

अखिल भारतीय वाल्मीकी महासभा द्वारा मुस्लिम समाज के विशाल जलसे का स्वागत

मन्दसौर। अखिल भारतीय महासभा वाल्मीकी महासभा द्वारा कौमी एकता का परिचय देते हुए वसुदेव कुटुंबकम की भावना को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्षता का पालन करते हुए वर्ग सम्प्रदाय की भावना से उपर उठाकर धार्मिक एवं साम्प्रदायिक सौहाद्र की अनुठी मिशाल पेश करते हुए मुस्लिम समाज द्वारा जश्ने मिलादुनबी के मौके पर भारी तादाद में निकाले गये जलसे का पुष्पवर्षा कर व मुस्लिम समाज के मियांजी सरकार व वरिष्ठजनों को साफा बांधकर सम्मान किया। मुस्लिम समाज व सदर को महासभा के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने बधाई दी।
वाल्मीकी महासभा के प्रकोष्ठ अध्यक्ष किरण परमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत वर्ष में अनेक धर्म, मजहब के लोग निवास करते है और हमारा धैय्य यह रहना चाहिए कि प्रत्येक धर्म समाज का समय-समय पर मान सम्मान करना चाहिए जिससे धार्मिक और सामाजिक सौहार्द व प्रेम भाव बना रहे। छोटा व बड़े की भावना समाप्त हो, सामाजिक समानता का निर्माण हो। साथ ही साथ सांप्रदायिक उन्मात फैलाने वाली शक्तियों पर करारा तमाचा लगे क्योंकि भारत देश किसी एक वर्ग सम्प्रदायी की बपोती नहीं है। हम समस्त भारतीयों का देश है।
स्वागत करने के दौरान महासभा के राष्ट्रीय सचिव दादा गुरू जीवन गौसर, नगर उपाध्यक्ष सतीश खेरालिया, अर्जुन खोखर, महेश केसरिया, दिलीप चनाल, प्रकोष्ठ अध्यक्ष किरण परमार, उपाध्यक्ष प्रदीप दलोर, अजाक्स अध्यक्ष श्यामलाल लोदवार, अपाक्स अध्यक्ष चेतनदास गनछेड़, के.सी. सौलंकी, संरक्षक जागृति मंच, उधमसिंह मंच अध्यक्ष नागेश्वर सूर्यवंशी, राजेश परमार  पत्रकार दशपुर न्यूज आदि उपस्थित थे।

चीकूजी के माध्यम से बच्चे कर रहे है मतदान के लिये प्रेरित

मन्दसौर। मतदाता जागरूकता अभियान के अन्तर्गत बच्चे अपने अभिभावकों को मतदान करने हेतु प्रेरित कर रहे है। बाल साहित्यकार लालबहादुर श्रीवास्तव द्वारा मतदान के लिये बनाये गये बच्चों के प्रिय पात्र चीकूजी के विशेष पोस्टर जिसमें मतदान के लिये आव्हान किया गया है  के माध्यम से अपने अभिभावकों को मतदान के लिये अपील कर रहे है।
श्री श्रीवास्तव द्वारा स्कूली बच्चों को चीकूजी के पोस्टर प्रदान किये तथा उनसे कहा गया कि वे अपने अभिभावकों, परिचितों एवं पड़ोसियों को इस पोस्टर के माध्यम से मंदसौर विधानसभा चुनाव-2018 के अन्तर्गत 28 नवम्बर को होने वाले मतदान में अपना वोट देकर अपने दायित्व का निर्वहन करे। इस अभियान में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग ले रहे है।

 

 

 

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