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मंदसौर छोटी बड़ी खबरे : 25 Sep 2019

खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्यवाही लगातार जारी

पांच संस्थानों से लिए सेम्पल, जांयेंगे जांच हेतु

मंदसौर। खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम द्वारा जिले भर में लगातार कार्यवाही की जा रही है।
खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा ने बताया कि बुधवार 25 सितम्बर को मंदसौर नगर के खाद्य संस्थानों पर कार्यवाही की गई।
श्री जमरा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन मंदसौर द्वारा खाद्य पदार्थो में हो रही मिलवाट खोरी को रोकने के लिए लगातार कार्यवाही जारी है। विभाग द्वारा विगत दो दिनों से विभिन्न खाद्य संस्थानों व निर्माताओं के यहां पर औचक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थो के नमूने जांच हेतु लिये गये।

जिसके अंतर्गत योगेन्द्र किराना रामटेकरी से रजनीगंधा पानमसाला, भगवान सुपारी सेन्टर सदर बाजार से पान बहार पान मसाला, पार्वती दाल एवं फ्लोर मिल औद्योगिक क्षेत्र से चना दाल एवं बेसन, अंजलि मल्टी टेªड औद्योगिक क्षेत्र से आटा एवं बेसन, दीपक ओवरसीज औद्योगिक क्षेत्र से मसूर दाल के सेम्पल लिए गए है। उक्त सभी सेम्पल राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे जायंेगे। जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। श्री जमरा ने बताया कि निर्देशानुसार आगे भी लगातार कार्यवाही जा रहेगी।


जिले में मलेरिया रोग के रोकथाम के व्यापक प्रयास जारी

मंदसौर।  मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ लोकेश बिरले ने बताया कि पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे आयुष मलेरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में भी आयुष विभाग विभाग स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त कार्यक्रम द्वारा जिले के  चार ब्लॉक के मुल्तानपुरा, अलावदाखेड़ी, नोगांव, मोतीपुरा, मेलखेड़ा, बनी, सावत कोटडी, नावली, छतरी, चेनपुरिया, कैलाशपुर की 29110 जनसंख्या को दूसरे चरण के अंतिम सप्ताह में पूरे जिले में होम्योपैथी की मलेरिया ऑफ 200 दवाई का सेवन करवाया गया।  पूरे प्रदेश में मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में होम्योपैथी दवा दो चरणों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा द्वारा सेवन करवाई जा रही है उन्होंने बताया कि जिला अधिकारी डॉ ओमनाथ मिश्र के मार्गदर्शन में पूरे जिले में चिन्हित 11 गांव में विशेष रूप से यह दवा खिलाई जा रही है तथा पिछले 4 वर्षों से इसके सेवन से मलेरिया रोगियों की संख्या में कमी आई है तथा होम्योपैथी दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होने से सभी आयु वर्ग के लोगों को सेवन कराया जा रहा है। अभियान 3 अगस्त से प्रारंभ हुआ था 25 सितंबर को इस अभियान का अंतिम चरण पूरा किया गया। इस अभियान में चिन्हित गावो के आयुष सुपरवाइजर, ए.ऐन.एम, मलेरिया  निरीक्षक, सुपरवाइजर, सहित अन्य कर्मचारियों की विशेष रूप से ड्यूटी लगाई गई।


जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक 27 सितम्बर को

मंदसौर। माह सितम्बर-अक्टूबर में नवरात्री पर्व,दशहरा एवं दीपावली  आदि पर्व परम्परागत रूप से शांति पूर्वक मनाये जाने के संबंध में जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक 27 सितम्बर को शाम 5 बजे पुलिस कन्ट्रो ल रूम में आयोजित की गई है।


मुख्यमंत्री स्वेेच्छानुदान मद से 3 लाख 15 हजार रूपये स्वीकृत

मंदसौर। मुख्य मंत्री श्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री स्वेच्छायनुदान मद से मंदसौर जिले के सात रोग पीडितों को उपचार हेतु कुल 3 लाख 15 हजार रूपये स्वी कृत किये है। कलेक्टर मनोज पुष्प ने मुख्यमंत्री स्वेच्छोनुदान मद से यह आर्थिक मदद मंजूरी आदेश भी जारी कर दिये है। जारी आदेशानुसार जिले की निवासी सुवासरा श्रीमती रामकन्या बाई को 25 हजार रूपये, निवासी बडिया बरखेडी श्री भरतसिंह को 25 हजार रूपये, निवासी मोरडी श्रीमती ललिताबाई को 40 हजार रूपये, निवासी गुराडिया नरसिंह श्री मदनलाल को 40 हजार रूपये, निवासी मंदसौर श्री राजू को 50 हजार रूपये, निवासी मंदसौर श्रीमती अनुसुईया को 60 हजार रूपये एवं निवासी मंदसौर श्री कमलेश श्रीवास्त व को 75 हजार रूपये उपचार हेतु मुख्यमंत्री स्वेच्छादान से स्वीकृत किये गये है।


रूपचॉद आराधना भवन में सकल्प सिद्धी अनुष्ठान आयोजित 81 जोडो ने लिया भाग

मंदसौर। बुधवार को चौधरी कॉलोनी स्थित श्री रूपचॉद आराधना भवन में सकल्प सिद्धी अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान में श्रीसंघ से जुडे परिवारों सहित मंदसौर नगर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागीता की। इस अनुष्ठान का आयोजन साध्वी श्री प्रसन्नाश्रीजी मसा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य ममें श्री केशरिया आदिनाथ श्रीसंघ चौधरी कॉलोनी के तत्वाधान में हुआ इस आयोजन साध्वी श्री प्रसन्नाश्रीजी मसा केे जन्मदिवस के उपलक्ष्य में श्री केेशरिया आदिनाथ श्रीसंघ चौधरी कॉलोनी के तत्वाधान  में हुआ इस आयोजन में 81 जोडो ने सहभागीता की सभी जोडो नेपूर्ण जैन विधि विधान में अक्षत, वाक्षक्षेप श्रीफल एवं सिद्धी यंत्र की पूजा की प्रातः 8.30 बजे प्रारंभ हुआ। यह अनुष्ठान दोपहर 12.30 बजे तक चला। जैन संत श्री पवित्ररत्नसागरजी मसा साध्वी श्री अनंतगुणाश्रीजी मसा व साध्वी श्री सुप्रसन्नाश्रीजी मसा की पावन निश्रा में यह अनुष्ठान सभी 81 जोडो के द्वारा अपने संकल्प को सिद्ध करने के लिये आयोजित  किया गया। इस अनुष्ठान मेंु अहमदाबाद से आये अनुष्ठान में संगीतकार झालवाड के देवेन्द्र पंवार ने अपनी संगीत के स्वरों की प्रस्तुती दीं। इस अनुष्ठान में श्रीसंघ अध्यक्ष दिलीप डांगी, सचिव संदीप घंीग, कोषाध्यक्ष छोटेलाल जेन, चातुर्मास समिति अध्यक्ष मनोज जैन, सचिव पंकज खटोड, समाजसेवी  दिलीप संघवी, संजय संधवी,  चिमनलाल बोकडिया, सोविल पोरवाल, शरद जैन, प्रकाश छाजेड, प्रवीण मुरडिया आदि वरिष्ठ श्रावक श्राविकाओं ने भी सहभागीता की।


महापुरूषो के चित्रों का नही उनकी प्रेरणाओं को स्मरण करो- साध्वी डॉ सुभाषाजी मसा

मंदसौर। मनुष्य जीवन मेें हम प्रायं किसी न किसी महामपुरूषों संत या साध्वी से प्रभावित होते ही ऐसे महापुरूषों का चित्र सदैव हमारे मन मस्तिष्क में बना रहता है। महापुरूष के चित्र होते ही प्रेरणा देने के लिये है लेकिन हम केवल चित्रों को स्मरण करके हमारे कर्तव्य की इतिश्री कर लेते है। जबकि हमें चित्र केसाथ ही उनकी प्रेरणाओं, शिक्षाओं को भी अपने मन मतिस्तष्क में सदैव बनायचे रखना चाहिए।

उक्त उदगार परम पूज्य जैन साध्वी डॉ सुभाषाजी मा ने जैन दिवाकर स्वाध्याय भवन शास्त्री कॉलोनी में आयोजित धर्मसभा में कहे। आपने बुधवार को यहा आयोजित धर्मसभा में कहा कि  हम महापुरूषों संतो को पअना आईडियल अर्थात प्रेरणा स्त्रोत मानते हे इन महापुरूष का चित्र ही नही बल्कि उनकी शिक्षाये हमारी प्रेरणा स्त्रोत होनी चाहिए। आपने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में सहनशीलता का गुण होता है। लेकिन उसकी क्षमता अलग अगल होती है। जब हमें थोडी सी चीज होती हे तो हम शरीर की चिन्ता करते लगते है तथा पुन आत्म के कल्याण छोड शरीर के पोषण की ओर ध्यान देते है। हमे शरीर व आत्म दोनो का भेद समझाना चाहिए।


बजरंगदल शक्ति की देवी माँ नवदुर्गा के उपासना केंद्र पर अश्लीलता व पश्चिमी संस्कृति का करेगा विरोध

मन्दसौर। बजरंगदल जिला मन्दसौर शक्ति की देवी माँ नवदुर्गा की उपासना केंद्र पर अश्लीलता व पश्चिमी सँस्कृति का करेगा विरोध बजरंगदल के जिला सह सयोंजक रवि मावर  व कपिल मावर ने कहा कि आगामी दिनों में शक्ति ,भक्ति व जगत जननी माँ जगदम्बे की आराधना का पर्व नवरात्रि बड़ी धूमधाम से मन्दसौर जिले में मनाया जाता है । मन्दसौर जिला धार्मिक त्योहारों की दृष्टि से बड़ा उपासना का केंद्र माना गया है  यहाँ पर हर त्यौहार बड़ी धार्मिक व उपासना से मनाया जाता है । ऐसे में जिले में गरबो का व्यावसायिककरण रूप में  होना हमारी भारतीय सँस्कृति के विरूद्ध होकर पश्चिमी फूहड़ता हिन्दु संस्कृति व सभ्यता के अनुरूप नही माना गया है साथ ही साथ नगर के  सभी गरबा पांडालों से निवेदन है कि सभी माँ अम्बे की मिट्टी की प्रतिमा की घट स्थापना के साथ स्थापित करे ताकि पर्यावरण को हमारी और से कोई नुकसान नही पहुंचे । एक माँ की आराधना के लिये हम दूसरी माँ प्रकृति माता को नुकसान क्यो पहुंचाये । हिन्दू समाज का प्रत्येक व्यक्ति माताये बहने  माँ के प्रांगड़ में बिना चपल्ल जूतों के आराधना करे इन सब बातों को ध्यान में रखकर ही नवरात्रा को हम सब को मिलकर सफल बनाना है । ऐसी आशा अपेक्षा मन्दसौर जिले के समस्त हिन्दू समाज  से बजरंगदल जिला मन्दसौर करता है। श्री मावर ने बताया कि विगत 3 वर्षो से प्रोफेशनल गरबा का आयोजन नही हो रहा है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए प्रोफेशनल गरबा को इस वर्ष भी परमिश नही दी जाए।


गायत्री परिवार द्वारा 28 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या पर निःषुल्क श्राद्ध तर्पण व पिण्डदान का आयोजन

मंदसौर।  पितृ दोश दूर करने का एकमात्र उपाय है हम अपने पितरों के प्रति अपनी सच्ची श्रद्धा व्यक्त करें। मनुश्य के जन्म से ही उस पर तीन प्रकार के ऋण चढ़े होते हैं देव ऋण, ऋशि ऋण व पितृ ऋण। पितृ पक्ष में अपने दिव्य पितृ देवताओं को श्राद्ध तर्पण व पिण्ड दान द्वारा पितृ देवताओं को तृप्त कर पितृ ऋण से मुक्त हुआ जता है।  हमारे द्वारा षुद्ध मन व पवित्र हृदय से की गई प्रार्थना व उपासना से निष्चय ही पितृ प्रसन्न होते हैं और अपना आषिर्वाद, अनुदान व संरक्षण प्रदान करते हैं। श्राद्ध हेतु कि गई पूजा केवल  कोरा कर्मकाण्ड ही नहीं अपितु हमारे ऋशियों द्वारा अपने पितरों से मिलने हेतु बनाया गया विषुद्ध विज्ञान है। उपरोक्त विचार 16 दिवसीय पितृ पक्ष में गायत्री परिवार द्वारा गायत्री षक्तिपीठ मंदसौर के प्रांगण में प्रतिदिन आयोजित निःषुल्क श्राद्ध तर्पण एवं पिण्डदान संस्कार को संपन्न कराते हुए आचार्य श्रीमति लीलादेवी मंडोवरा ने व्यक्त किये।

विस्तृत जानकारी देते हुए श्री  केषव राव षिन्दे ने बताया कि गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋशि वेदमूर्ति पं. श्रीराम षर्मा आचार्यजी द्वारा प्रतिपादित धर्मतंत्र से लोकषिक्षण पद्धति अनुसार यह कर्मकाण्ड अत्यंत सरल रीति से प्रेरणा देते हुए प्रतिवर्श पूर्ण षास्त्रोक्त वैदिक पद्धति से विधि-विधानुसार श्राद्ध-तर्पण संस्कार पूर्णतया निःषुल्क आयोजित किया जाता है।

श्री षिन्दे ने बताया कि 28 सितंबर, षनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर श्राद्ध तर्पण एवं पिण्डदान का यह संस्कार भगवान पषुपतिनाथ सभागृह में प्रातः 8 बजे से विराट रूप में आयोजित होगा। पूर्णतया निःषुल्क इस कर्मकाण्ड के लिये पूर्व पंजीयन आवष्यक रूप से करवाकर अपना स्थान सुनिष्चित करें। कार्यक्रम में सभी धर्मावलम्बी अपने पितरों का श्राद्धकर्म करने हेतु सादर आमंत्रित होंगे। कर्मकाण्ड हेतु याजक को भारतीय वेशभूशा में अपने साथ 3 लीटर पानी समा सके ऐसे गहरे दो स्टील के धामे या उंची किनारों वाली थाली साथ में लानी होगी जो कि कर्मकाण्ड के पष्चात वापस अपने साथ ले जा सकेंगे।

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