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मंदसौर छोटी बड़ी ख़बरे : 06 May 2019

अक्षय पर अवतार परशुराम

मंदसौर – अक्षय तृतीया को भारतीय कालगणना में दशहरा, दीपावली और नववर्ष प्रतिपदा के समकक्ष महत्व देते हैं। इस दिवस को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना गया है। बिना किसी पंडित के श्रेष्ठ शुभ कार्य विवाह आदि किए जाते हैं । इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए चौकडि़या देखने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसका हर पल शुभ और मंगलकारी है।

अक्षय का अर्थ जिसका कभी क्षय अर्थात नाश ना हो । इसके आधार पर वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को क्षय के साथ पर अक्षय कार्यों के शुभारंभ का पर्व माना जाता है । अक्षय तृतीया पर्व जीवन में चयन एवं संकल्प लेने का संदेश देता है ताकि हम अक्षय की ओर जाने वाले उत्तम कार्य करें ना कि क्षय की ओर जाने वाले अशुभ कार्य। इसी का एहसास और अच्छाई की ओर बढ़ने की प्रेरणा देने के लिए हर वर्ष आती है यह अनूठी तिथि अक्षय तृतीया ।
एक दिवस का महत्व और भी इसलिए बढ़ जाता है कि विष्णु के 24 अवतारों में से तीन नरनारायण, हयग्रीव और परशुराम अवतरण धरती पर प्रकट हुए । शास्त्रों में इस तिथि को खूब महिमा गाई है । कालजई परशुराम ने राष्ट्र मंगल के लिए अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया था । समय की मांग है कि आज भी परशुराम जैसे व्यक्तित्व की आवश्यकता है । राष्ट्र की रक्षा भारतीय संस्कृति का निर्धारण और उसकी स्थापना ही भगवान परशुराम का उद्देश्य था । आज के दौर में कामयाबी का स्वाद चखने के लिए परशुराम युवाओं के सच्चे मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं, किंतु उन युवाओं को परशुराम जैसी तपस्या को पूरी लगन से करना होगी । केवल परसो को हाथ में लेने से परशुराम नहीं बन सकते। अवतार के रूप में पृथ्वी लोक में श्रम शक्ति संपन्न थे जिस उद्देश्य उनका अवतरण हुआ था उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठिन तप और पुरुषार्थ किया। भगवान परशुराम ने तपस्या के द्वारा अनेक शक्तियां प्राप्त की थी । शंकर के परम भक्त होकर भगवान शिव की तपस्या से प्राप्त परसों प्रमुख है । आईना नेन धारण वाले परशु को धारण करने से उनका नाम परशुराम हो गया । पुराण के अनुसार उनका वास्तविक नाम राम ही था। उनको प्राप्त परसों अस्त्र-शस्त्र जरूर था किंतु उनके नाम से वे स्थापित हो गए। इस तस्वीर में भी युवाओं को संदेश यह है कि परशुराम जैसी तपस्या से प्राप्त जो फल आपको भी प्रतिष्ठित कर दे गुरु के रूप में भगवान शंकर जो स्वयं संहार सर्जन के देवता हैं शंकर की आराधना के लिए उत्पन्न होने ही कैलाश पर्वत चले गए, उससे उनके भक्ति भाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। भगवान परशुराम ने घोर तपस्या एवं सेवा से अनेक अस्त्र-शस्त्र पाए और विद्याओं का प्रयोग कर उन्होंने आतंकी, अत्याचारी, दुराचारी व क्षत्रियों का अंत कर पृथ्वी को आतंकियों से मुक्त किया । क्षत्रियों से उनका कोई विवाद नहीं था ना ही उनके प्रति द्वेषता थी। उस समय क्षत्रियों ने गलत रास्ता चुन लिया था। उसके प्रतिकार में उन्हें नरसंहार करना पड़ा । आज भी परशुराम जी से व्यक्तित्व प्रासंगिक है। यह संदेश युवाओं को जाता है कि अलग-अलग अस्त्र और विज्ञान से अपने लक्ष्य से संबंधित विद्या में दक्षता हासिल करें तथा समय आने पर अपने तरकश में से तीर निकालकर सही समय पर उचित सद् कार्य का सदुपयोग करें। युवा उनके अनुसरण में अपने मन और मस्तिष्क को खुला रख कर यथासंभव अधिक से अधिक सीखने की कोशिश करें । खुद को किसी समय व सीमा में ना बांधे, परशुराम जी की तरह आदर्श शिष्य बनने की प्रतिबद्धता रखें ताकि आने वाली पीढ़ी भी वर्तमान युवाओं की सफलता देख कर भगवान परशुराम के उत्तम चरित्र का अनुसरण करें ।

भगवान परशुराम जी की जीवन यात्रा संघर्ष, साहस, विद्या, तपस्या, गुरू आज्ञा आदी से भरी पड़ी है, किंतु जैसा कि वेदों में कहा गया है कि 10 हाथों से संग्रह करते हुए हजारों हाथों से बांटने का निर्देश है जो शासक हजारों हाथों से केवल अर्जन करता, असंगत इकट्ठा करता रहे और हम मूकदर्शक बंद देखते रहे ऐसे राष्ट्र नायकांे के लिए परसु यदि जागृत नहीं होगा, तब देश कैसे बचेगा । भगवान परशुराम ब्राह्मण होने से ब्राह्मणों के आराध्य देवता होकर मार्गदर्शक है । उनका अनुसरण कर देश की खुशहाली के लिए अपना योगदान दें। आज भी परशुराम जैसे व्यक्तित्व कि देश को आवश्यकता है।

डॉ. देवेन्द्र पुराणिक
सेवा निवृत्त जिला आयुर्वेेर्दि अधिकारी, मंदसौर


दशपुर इनरव्हील क्लब ने बनवाये 26 महिलाओं के ड्राईविंग लायसेंस

मन्दसौर। दशपुर इनरव्हील क्लब मंदसौर द्वारा अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जिला मंदसौर कार्यालय पर 26 महिलाओं के ड्राईविंग लायसेंस बनवाये गये। उक्त जानकारी देते हुए क्लब अध्यक्षा तेजल चौरड़िया ने बताया कि बिना लायसेंस गाड़ी चलाना कानूनन अपराध है वहीं वाहन चालक खुद के साथ-साथ सामने वाले की जान भी जोखिम में डालता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दशपुर इनरव्हील क्लब द्वारा 26 महिलाओं को ड्रायविंग लायसेंस बनाने में मदद प्रदान की तथा उनके लायसेंस बनवाये। इस कार्य में परिवहन अधिकारी सहायक ग्रेड-2 आर.आर. शिन्दे एवं नामदेव यातायात ऑनलाईन सर्विस के संचालक सर्वेश नामदेव ने भी सहयोग प्रदान किया। क्लब सचिव पूजा बग्गा ने सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।


100 बच्चों को एक हजार पुस्तकें दी गई

नैतिक शिक्षण शिविर के विद्यार्थियों को साहित्य व पुरस्कार दिए गए

मन्दसौर। सुधर्म जैन श्रावक संघ द्वारा 220 विद्यार्थियों का नैतिक शिक्षण व धार्मिक शिक्षण देने का शिविर लगाया गया। महावीर पुस्तकालय समिति द्वारा आयोजकों, पालकों एवं बालकांे को साधुवाद दिया गया।

सभी कक्षाओं की परीक्षाओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के रूप में नये वस्त्र भेंट किये गये। जीवनोपयोगी साहित्य की 10-10 पुस्तकों के 100 सेट के माध्यम से 1000 पुस्तके कार्यालय प्रभारी मुस्कान लक्षकार ने बच्चों को वितरित की। महावीर पुस्तकालय समिति के महेन्द्र चौरड़िया, गजराज जैन, निर्विकार रातड़िया, सीए दिनेश मुणत, डॉ. राजकुमार बाकलीवाल, समता खिंदावत, शिव फरक्या, प्रहलाद काबरा, सत्यनारायण केडिया ने सुधर्म संघ की सराहनीय सेवाओं के लिये उनका आभार माना।


पुण्य स्मृति में दान

मंदसौर। महावीर पुस्तकालय एवं वस्त्र वितरण समिति की सराहनीय सेवाओं से प्रभावित होकर सौरभ मेडिकोज के राजेश एवं गुरूजी मांगीलाल पोरवाल ने श्रीमती मंजुला के स्वर्गवास पर पुण्य स्मृति में अनेक  संस्थाओं को दान राशि भेंट की। पुस्तकालय समिति को भी 3000 रू. प्राप्त हुए। सभी संस्थाओं की ओर से पुस्तकालय समिति द्वारा पोरवाल परिवार का हार्दिक आभार। परिवार द्वारा लंबे समय तक मंजुला भाभीजी की अनुकरणीय सेवा हेतु साधुवाद।


सहयोगियों का आभार

मन्दसौर। महावीर पुस्तकालय व वस्त्र वितरण समिति के संचालन के लिये मात्र 3 रू. प्रतिदिन या 80 रू. मासिक या वर्षभर में कभी भी 1000 रू. दान देकर मासिक सहयोगी योजना में एडव्होकेट विमल कुमार तरवेचा एवं रिखबचंद नलवाया ने 1000-1000 रू. प्रदान किये। इसी प्रकार दशपुर नगर के समाजसेवी देहदानी अर्जुनसिंह राठौर ने अपने जन्मदिवस के उपलक्ष्य में संस्था को 5000 रू. प्रदान कर वार्षिक लाभार्थी बने। समिति ने सहयोग की भावना रखने वाले सभी से अपील की है कि वे तन-मन-धन से सहयोग कर पुण्य कमाए।


लायनेस क्लब पिपलियामण्डी ने लगाया संचालन शिविर

मन्दसौर। लायनेस क्लब पिपलियामंडी द्वारा 6 दिवसीय मंच संचालन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन महावीर गंज स्थित किड्स कैम्पस स्कूल में किया गया। यह जानकारी देते हुए क्लब अध्यक्ष लायनेस नीलिमा अग्रवाल ने बताया कि शहरी क्षेत्रों की तरह पिपलियामंडी कस्बे में भी महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। आवश्यकता है प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की। सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में संचालकों की आवश्यकता को महसूस करते हुए लायनेस क्लब ने महिला मंच संचालकों को तैयार करने का बीड़ा उठाया और जैन अग्रवाल, पोरवाल, माहेश्वरी, पाटीदार, ब्राह्मण आदि सभी वर्गों की महिलाओं के लिये प्रशिक्षण शिविर अत्यन्त कम राशि में रियायती दर पर आयोजित करते हुए 15 महिला मंच संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया। मंदसौर की प्रख्यात महिला मंच संचालक डॉ. चंदा कोठारी ने मंच संचालन के विभिन्न बिन्दुओं को रेखांकित करते हुए 6 दिनों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों में संचालन करने की कला सिखाई। इस अवसर पर प्रशिक्षक डॉ. चंदा कोठारी का स्वागत क्लब अध्यक्ष नीलिमा अग्रवाल, सचिव ममता शर्मा व कोषाध्यक्ष दीपिका पटवा ने किया। शिविर में आशा अग्रवाल, चंदा गुप्ता, सोनू फरक्या, प्रियंका जैन, नेहा जैन, पूर्वा कुमठ, आशा पाटीदार, सुमन गर्ग आदि ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।


भारत की गुरूकुल पद्धति से छात्रों में सर्वांगीण विकास होता है

भारतीय शिक्षण मण्डल का स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया

मन्दसौर। भारतीय शिक्षण मण्डल का स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में अ.भा. शिक्षण मण्डल की सयुक्त सचिव अरूणा सारस्वत, डाइट पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद् उर्मिला तोमर, मालवा प्रांत सचिव डॉ. मनु गोरह, जिला संयोजक श्याम देशमुख, नगर संयोजक शेर मोहम्मद खान, युवा आयाम विपुल शर्मा मंचासीन थे। सरस्वती वंदना एवं सरस्वती को माल्यार्पण किया गया। जिला संयोजक श्री देशमुख द्वारा अतिथियों का फूलहार से स्वागत किया गया। अतिथि परिचय रूपेश पारिख द्वारा करवाया गया।

प्रमुख वक्ता अरूणा सारस्वत द्वारा वर्तमान शिक्षा पद्धति को पैकेज देने वाली पद्धति बताया। उन्होनंे बताया कि भारत की गुरूकुल पद्धति से छात्रों में सर्वांगीण विकास होता है। आपने बताया कि गुरूकुल पद्धति का अर्थ आश्रम में रहकर शिक्षा प्राप्त करना ही नहीं है। गुरूकुल की मूल  अवधारणा छात्रों में स्वालम्बन एवं रोजगार मूलक शिक्षा से है। उर्मिला तोमर ने बताया कि बच्चों में संस्कार परिवार व माता-पिता से अधिक आते है। वर्तमान पीढी द्वारा परीक्षा परिणाम एवं छोटी छोटी परेशानियों के चलते आत्महत्या करने की प्रवृत्ति पर चिन्ता व्यक्त की। डॉ. मनु गोरह ने शिक्षण मण्डल के पांच, आयाम अनुसंधान, प्रबोधन प्रशिक्षण, प्रकाशन एवं युवा आयाम को विस्तृत रूप से बताया। जिला संयोजक श्याम सुन्दर देशमुख ने प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा से शुरू करने की बात कही। उन्होनंे बताया कि बच्चों के मस्तिष्क में गर्भ से ही माता एव ंपरिवार के वातावरण का प्रभाव शुरू हो जाता है। इसलिये माता एवं परिवार का वातावरण सही होना चाहिये। आभार नगर संयोजक शेर मोहम्मद खान द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन आशा गील द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे।


जीनगर शिक्षा जागृति मंच मंदसोर की बैठक संपन्न हुई

  • विमल सोनगरा अध्यक्ष बने
  • 31 सदस्यों ने ली शपथ
  • कार्यकारिणी का किया गठन
  • समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं के लिए, समाज की उन्नति प्रगति सांस्कृतिक विकास के लिए कार्य करने का लिया संकल्प

मन्दसौर। जीनगर शिक्षा जागृति मंच मंदसोर की बैठक संपन्न हुई , मंच के संयोजक हुकुमचंद पवार गणेश सोनगरा हरि पवार ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्ष 2019 के सदस्यता अभियान मैं  जीनगर समाज मंदसौर के जिन सदस्यों ने सदस्यता ली थी उन सभी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने सामूहिक रुप से संस्था के प्रति तन मन धन निष्ठा से कार्य करने की शपथ ली,  सभी सदस्यों का आपसी परिचय हुआ और सभी सदस्यों का स्वागत संस्था के तीनों संयोजको द्वारा किया गया।

संयोजको द्वारा जीनगर शिक्षा जागृति मंच के विगत 6 वर्षों में किए गए  कार्यों को सभी सदस्यों को  अवगत कराया गया जिन्हें सभी उपस्थित सदस्यों ने सहारा, ओर  कहा कि  आने वाले समय में भी इस प्रकार से और अधिक सफल आयोजन करने की शपथ ली ।

बैठक को आगे बढ़ाते हुए संयोजको ने कार्यकारिणी गठन करने का सभी सदस्यो से अनुरोध किया,  जिसमें अध्यक्ष पद हेतु सलाह राय सर्वसहमति कर  सहमति से विमल पिता शांतिलाल सोनगरा को अध्यक्ष चुना गया , सभी ने विमल सोनगरा को शुभकामनाएं दी।

जीनगर शिक्षा जागृति मंच मंदसोर की अगली अगली कार्यवाही अध्यक्ष विमल सोनगरा के अध्यक्षता में प्रारंभ हुई,  एवं संयोजको की  उपस्थिति में कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें उपाध्यक्ष भैरूलाल गोयल हस्तीमल सांखला,  कोषाध्यक्ष गणेश पवार, सह कोषाध्यक्ष मनीष सिसोदिया, महासचिव अनिल सांखला, सचिव जितेंद्र खींची, सहसचिव विनोद बोराणा, प्रवक्ता सुमित चौहान, सक्रिय सदस्य राकेश पँवार,  अंकित खींची, राजेश सोनगरा बनाए गए । वरिष्ठ मार्गदर्शक मंडल का भी गठन किया गया जिसमें राजकुमार पवार, दिलीप सांखला ,डॉ. राजेश सिसोदिया ,श्री हुकमचंद आसेरी , डॉ. के एल राठौर, दिलीप चौहान, मदनलाल सांखला बनाए गए।  इस अवसर पर विशेष रूप से आशीर्वाद दाता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ रामभरोस चौहान जिन्होंने जीनगर शिक्षा जागृति मंच के सभी कार्यों को सराहा और अपनी अग्रिम शुभकामनाएं दी कि आप शिक्षा के प्रति समाज में उन्नति और प्रगति के कार्य करते हुए समाज का नाम अखिल भारतीय स्तर पर रोशन करते रहे ।

बैठक में कई सदस्यों ने अपने अमूल्य सुझाव दिए कि हमें भविष्य में समाज में युवक युवती परिचय सम्मेलन, समाज की स्मारिका,  रक्तदान शिविर,  रक्त जांच शिविर, दंत चिकित्सा शिविर , समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं के लिए मार्गदर्शन शिविर,  एवं पारिवारिक स्नेह सम्मेलन समारोह आदि आयोजन करने के विचार रखे गए इसे सभी ने सराहा । बैठक में जीनगर शिक्षा जागृति मंच के संयोजक हुकुमचंद पवार गणेश सोनगरा हरि पवार , मंच के सदस्य विनोद बोराणा, पंकज सिसोदिया,  हस्तीमल सांखला,  अनिल सांखला , विमल सोनगरा,  भैरू लाल गोयल , राजकुमार पवार,  डॉ राजेश सिसोदिया,  जितेंद्र खींची,  मदनलाल सांखला, दिलीप सांखला,  हुकुमचंद आसेरी,  अजय चौहान,  सुमित चौहान, मोनू सांखला, डॉ के एल  राठौड़ , गणेश पवार,  अंकित खींची,  राकेश पंवार,  राजेश सोनगरा, सुशील सोनगरा, दिलीप चौहान, राकेश सांखला,  गंगाराम सोनगरा, तरुण चौहान, पूनमचंद खींची,  सतीश खींची, रुपेश खींची आदि सदस्य उपस्थित थे उपरोक्त जानकारी मंच के प्रवक्ता सुमित चौहान ने दी है।


पलक गुप्ता को सुयश, प्राप्त किये 95 प्रतिशत अंक

मन्दसौर। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की परीक्षा में सेंट थामस स्कूल मंदसौर की होनहार छात्रा पलक गुप्ता ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किये। पलक सामाजिक विज्ञान व इन्फो टेक्नोलॉजी में 99-99, हिन्दी में 97 तथा अंग्रेजी व गणित में 95-95 अंक प्राप्त किये। पलक ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता रचना गुप्ता एवं पिता पंकज गुप्ता को दिया। पलक को सेंट थामस स्कूल के प्राचार्य, विद्यालय स्टॉफ, परिवारजनों एवं इष्ट मित्रों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।


जैन धार्मिक एवं नैतिक शिक्षण शिविर का समापन

मन्दसौर। श्री सुधर्म जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में जैन स्वाध्याय भवन नईआबादी, मेहता नेत्रालय के पास, कम्बल केन्द्र रोड़ पर 8 दिवसीय जैन धार्मिक एवं  नैतिक शिक्षा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर समापन पर सकल जैन समाज के अध्यक्ष लोकेन्द्र धाकड़, पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र लोढ़ा, महामंत्री विनोद मेहता, राजेन्द्र पामेचा, केशरीमल चगेरिया, सागरमल मेहता, सुरेश लोढ़ा (बोलिया वाले), दिलीप पामेचा, प्रदीप कच्छारा, शैलेन्द्र लोढ़ा, पारस मेहता, दिपेश मेहता, संजय भण्डारी, अनिल धाकड़, दिलीप जैन एलआईसी, आशीष राजावत, अजय कुमार जैन, संदीप मोगरा, अमित मेहता एवं अन्य सदस्यों एवं महिला प्रकोष्ठ की महामंत्री पिंकी राजावत, प्रीति धाकड़, प्रीति मोगरा, प्रीति कच्छारा, मोनिका सेठिया, सुनिता जैन, नेहा भण्डारी, कुसुम जैन व अन्य सदस्य उपस्थित हुए।

शिविर में भाग लेने वाले करीब 200 बच्चों को पुरस्कार वितरण किया गया। प्रतिदिन समाज के विभिन्न सदस्यों एवं गणमान्य परिवारों द्वारा भी प्रभावना वितरित की। अतिथि सुरेन्द्र लोढ़ा, लोकेन्द्र धाकड़ एवं संतोष चौरड़िया बच्चों को संबोधित कर धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा का जीवन में महत्व के बारे में बताया।

समारोह का संचालन अजय कुमार जैन ने किया। अंत में श्री सुधर्म जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष संतोष चौरड़िया व सकल जैन समाज के अध्यक्ष लोकेन्द्र चौरड़िया ने शिविर समारोह को सफल बनाने में सभी दानदाताओं, तन-मन-धन से सेवा करने वाले सभी संघ सदस्यांे का आभार माना।


क्रूरता, अधर्म-पाप और पतन का मार्ग है-राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश

मन्दसौर। क्रूरता के कीटाणु जिस के निमित्त से हमारे अंदर निर्मित होते हैं उसे अगले का नुकसान हो या ना हो परंतु  हमारे मंे रहे हुए सद्गुण क्रूरता के हथियार से कत्ल हो जाते हैं।

उक्त विचार राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर भवन में धर्मसभा को संबोधित करते कही। आपने कहा कि क्रूरता से धार्मिक आदमी भी शैतान के रूप में परिवर्तित हो जाता है क्रूरता अपने आप में अधर्म पाप और पतन का मार्ग है नरक का द्वार है। मुनि कमलेश ने कहा कि क्रूरता के वशीभूत होकर हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा बीमारियों का शिकार हो जाता है। मानसिक तनाव में जीता हुआ अपनी शांति का जनाजा निकाल देता है। जैन  संत कहा कि क्रूरता के दुर्गुण जीवन में प्रवेश कर जाते हैं। उसका जप, तप, दान सेवा और साधना सभी क्रूरता के भेंट चढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि क्रूरता से राक्षस बना हुआ हिंसा के तांडव नृत्य से परहेज नहीं करता है उसका परिणाम अणु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है। उसका दुष्प्रभाव पशु और प्रकृति पर भी निश्चित पड़ता है। क्रूरता आतंकवाद की जननी है विश्व के सभी धर्मों ने कहा कि क्रूरता से मुक्ति पाए बिना धार्मिक नहीं हो सकता है। जिस प्रकार दिन और रात एक साथ नहीं रह सकते वैसे ही क्रूरता और करुणा एक दिल में एक साथ नहीं रह सकते हैं। क्रूरता जहर है तो करुणा अमृत है, एक अभिशाप है, एक वरदान है, करुणा के प्रवेश होते ही सभी तीर्थों का फल मिल जाता है।

महासती सुयशाजी ने कहा कि करुणा की नीव पर ही धर्म मोक्ष की मंजिल निर्मित की जा सकती है करुणा के गुण आते ही  सभी गुणों का प्रवेश  आत्मा अपने आप हो जाता है। श्री घनश्याम मुनिजी म. सा. ने मंगलाचरण किया। खचाखच भरे पत्रकार सम्मेलन को ज्वलंत समस्याओं का सटीक जवाब मुनि कमलेश ने दिये। जिसमें बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने भाग लिया।

आज 7 मई  को प्रातः 9 बजे जनकूपुरा जैन स्थानक भवन में राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश के तीसरे वर्षी तप के उपलक्ष में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच जिला इकाई मंदसौर की ओर से अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें महासती कीर्ति सुधाजी, महासती सुयशाजी पधारने वाली है।


अजाक्स मंदसौर द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया

 मन्दसौर। दिनांक 6 मई 2019 को मुख्यमंत्री के नाम अजाक्स मंदसौर द्वारा ज्ञापन दिया गया। जिसमें मांग की गई की हरदा के सुखराम बामने एडवोकेट को सुदीप पटेल एवं राजेश जाट द्वारा मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी गई एवं परिवार के सदस्यों अपहरण करने के धमकी दी गई। अजाक्स द्वारा अपराधियों के विरुद्ध सख्त सख्त कार्यवाही करने गिरफ्तार करने की मांग की गई । ज्ञापन हीरालाल मालवीय अध्यक्ष अजाक्स द्वारा दिया गया तथा जमुना प्रसाद अहिरवार, गोपाल सूर्यवंशी, प्रल्हाद सूर्यवंशी, ओंकार लाल भारती, पवन परिहार आदि सदस्य उपस्थित हुए।


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