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मंदसौर छोटी बड़ी ख़बरे 09 Dec 2018

सेन समाज के दिनेश पंवार ने पेश की अनूठी मिसाल अपनी मातुश्री की याद में डेढ़ किलो चांदी के छत्र एवं सहयोगी राशि भेंट की

मन्दसौर। सेन समाज की वरिष्ठ महिला श्रीमती चंदाबाई पंवार का निधन विगत दिनों जावरा में हुआ। उनकी स्मृति में उनके पुत्र श्री दिनेशचंद पंवार ने समाज में अनुठी मिसाल पेश की। उन्होंने सामाजिक परम्परा से उपर उठकर अपनी मातुश्री की याद में उन्होनंे जावरा स्थित सेन समाज के मंदिर में 500-500 ग्राम के चांदी के तीन छत्र भगवान के लिये भेंट किये। इसके साथ ही उन्होंने मंदसौर व रतलाम सेन समाज पंचायत को भी सामाजिक कार्यों हेतु 5100-5100 रू. की राशि भेंट की।

उक्त जानकारी देते हुए मंदसौर जिला सेन समाज के प्रचार प्रमुख ब्रजेश सेन मारोठिया ने बताया कि श्री दिनेश चंद पंवार जावरा सेन समाज के अध्यक्ष है तथा हमेशा समाज उत्थान के लिये तत्पर रहते है। उनके द्वारा अपनी मातुश्री की याद का चिरस्थायी बनाये रखने के लिये उल्लेखनीय कार्य किया गया। उन्होंने जावरा मंदिर में चांदी के छत्र भेंट करने के साथ ही वहां नगद राशि भी भेंट की है।

मंदसौर जिला सेन समाज के अध्यक्ष फकीरचंद परिहार एवं सचिव नन्दकिशोर राठौर सहित समस्त मंदसौर समाज ने श्री दिनेश पंवार एवं उनके परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा किये गये आदर्श कार्य का अनुसरण करते हुए समाज के अन्य व्यक्ति भी सामाजिक कार्यों हेतु अपना सहयोग प्रदान करे।


11 दिसम्बर को नहीं बिकेगी देशी विदेशी शराब

मंदसौर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने मतगणना 11 दिसम्बवर को सम्पूर्ण दिवस के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। इस अवधि में जिले में संचालित समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों से मदिरा का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रखने के साथ ही होटल, रेस्टोरेन्ट, कल्ब और मदिरा बेचने, परौसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा किसी भी व्यक्ति को मदिरा बेचने, परौसने की अनुमति नही होगी। उत्पादन ईकाईयो में निर्यात एवं परिवहन पूर्ण रूप से बन्द रहेगा।


चुनाव परिणाम देखने हेतु भाजपा कार्यालय मन्दसौर पर रहेगी व्यवस्था

मन्दसौर। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष चन्दरसिंह सिसौदिया के निर्देषानुसार 11 दिसम्बर को चारो विधानसभाओं की मतगणना होगी। इन मतगणनाओं के परिणामों को देखने की व्यवस्था भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय मन्दसौर पर की गई है भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी पारस मावर ने एक प्रेस नोट में बताया कि जिले भर से आये समस्त भाजपा कार्यकर्ता कार्यालय पर उपस्थित होकर परिणामों को देख सकेगें।


दशपुर इनरव्हील ने 80 बच्चों को दिखाई

मन्दसौर। दशपुर इनरव्हील क्लब ने कार्निवल सिनेमा में 80 बच्चों को रोबोट 2.0 फिल्म दिखाई। इन बच्चों में अपना घर की बालिकाएं एवं डाइट परिसर स्थित सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के मुकबधिर बच्चे अपने केअर टेकर के साथ थे।
इस दौरान क्लब की सदस्या नेहा संचेती की बेटी आरना का जन्मदिन भी उपस्थित सभी बच्चों के साथ मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधिकारी श्री सुन्दरसिंह कनेश, रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन प्रीतेश चावला और महिला एवं बाल विकास अधिकारी मधु चौरड़िया भी उपस्थित हुए। जिन्होंने क्लब की इस गतिविधि की प्रशंसा की।
क्लब अध्यक्ष तेजल चौरड़िया ने बताया कि क्लब द्वारा इन बच्चों को फिल्म दिखाने का उद्देश्य उन्हें समाज के साथ जोड़ना और बच्चों को यह विश्वास जगाना था कि वे अन्य बच्चों से अलग ना होकर इस समाज का ही हिस्सा है। ये बच्चे किसी भी प्रकार से असक्षम नहीं है बल्कि गिफ्टेड चाईल्ड है। क्लब ये उम्मीद एवं प्रार्थना करता है कि ये बच्चे अपने अंदर की प्रतिभा को निखाकर आगे बढ़े और अपने जीवन में ऊँचाईयों छूए।
फिल्म नेहा संचेती एवं मीना पोरवाल के सहयोग से दिखाई गई। बच्चों को शोभिता पोरवाल ने नाश्ता करवाया। कार्निवल सिनेमा के मैनेजर विक्रमसिंह द्वारा भी सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर प्रीति रत्नावत सहित बड़ी संख्या में क्लब सदस्याएं उपस्थित थी। अंत में आभार सचिव पूजा बग्गा ने माना।

देश प्रदेश में स्वाईनलू, डेंगू का कहर ’शहर में एक डॉक्टर की असमायिक मार्मिक मौत’  – लाल बहादुर श्रीवास्तव

प्रातःकाल अखबार मेरे घर नियमित आता है। खुशियाँ फैला जाता है। लेकिन कभी-कभी गमगीन भी कर जाता है। आज कुछ वाकिया अखबार पढ़ते-पढ़ते मुझे हुआ जब अखबार की हेड लाईन पर निगाह गई। ’’युवा डॉक्टर की डेंगू से मौत’’ पढ़कर जैसे साँसे थम सी गई। दो दिन के पूर्व की खबर थी कि इस युवा डॉक्टर को डेंगू हो जाने से उज्जैन के एक अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करवाया गया था। लेकिन विश्वास ही नहीं हुआ इतनी जल्दी यह युवा डॉक्टर हँसते खेलते इस बीमारी की चपेट में आकर अपने डॉक्टर दोस्तों के बीच हमसे विदा हो जाएगा।
जिस तरह से मौसम परिवर्तन के साथ-साथ डेंगू, स्वाईन लू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस जैसी जानलेवा बीमारियों ने अपने विषैले डंक जमाए है उसका परिणाम यह है कि सेहतमंद मानने वाले इस मौसम में हम बीमारियों से ग्रसित होते जा रहे है। हमारे अपने जीवन मृत्यु के महासंग्राम में जुझते हुए अपने प्राणों की आहुति दे रहे है। कोई भी बीमारी लाईलाज हो जाए तो वह सामान्य आदमी के साथ-साथ डॉक्टर तक को मौत के आगोश में ले सकती है। वो डॉक्टर जो तन मन से सुसेवा कर आम आदमी की जान बचाता है। ईश्वर बनकर भरोसा दिलाता है। अगर वो ही इस तरह से इन बीमारियों की चपेट में आकर हमसे विदा हो जाता है तो आम आदमी का अर्न्तमन पढ़ सुनकर काँप सा जाता है, सिहर जाता है।
हमारी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छता सेवाओं में कमी होना इसका एक प्रमुख कारण रहा है। मंदसौर जिले के गरोठ शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉ. चौहान जहां रहते थे अस्पताल के आसपास गदंगी का साम्राज्य फैला हुआ था वहां पर मच्छर लार्वा होने की पुष्टि भी हो चुकी थी। फिर वहां रोकथाम के लिए माकुम उपाय संबंधी द्वारा क्यों नहीं किए गए। निश्चित ही वहां पर मौत के मच्छर भी पनपे ही होंगे। ये तो मात्र उदाहरण है जिला प्रदेश और देश भी इन बीमारियों से अछूता नहीं बचा है। पिछले वर्षों की तुलना में इन जानलेवा बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है जबकि हमारी अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वच्छता का नजरिया भी एक दो वर्षों से तत्परतापूर्वक बढ़ा ही है। फिर क्या कारण है कि इन जानलेवा बीमारियों पर अकुंश नहीं लग पा रहा है और दिन प्रतिदिन तीव्र गति से बढ़ती ही जा रही है। धरातल पर दायित्व का समग्र सहयोग अभाव इसका एक बड़ा कारण है। स्वच्छ भारत निर्माण स्वच्छता अभियान में हमने जन-जन को प्रेरित किया है सजग किया है फिर भी उसके उपरान्त आज गांव व शहर की संस्थाएँ निकाय इसके लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार है।
क्या यह जरूरी है कि हम स्वच्छता संबंधी अभियानों तक ही सचेत रहे ? इनके खत्म होते ही गांव में, कस्बों में व शहरों में कचरे के ढ़ेर बड़े ढ़ेरों में तब्दील हो जाते है। जहां वार्डो का कचरा समेट कर किसी बड़े गढ्ढों में डाला जाता है वहां से उसे डिस्चार्ज नहीं किया जाता है। छोटे बड़े गढ्ढ़ो में, नालियों में, तालाबों में जल ठहराव भरपूर गदंगी से उत्पन्न मौत का लार्वा जिदंगी निगलने के लिए पल-पल आतुर रहता है। दो तीन दशक पूर्व का वो समय भी मुझे याद  आता है। जब मोहल्ले में प्रतिमाह डी.डी.टी. का छिड़काव निश्चित तौर पर किया जाता था जिसके धुँए से बचकर बचपन में हम खेलते हुए भागते फिरते थे। अब ऐसा दृश्य अधिकांश जगहों पर देखने को कम ही मिलता है। गली, मोहल्ले के बच्चे खेलते हुए अब इससे भागते नजर नहीं आते हैं ?
स्वस्थ्यता एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान जिस तेज गति से टीम भावना से सक्रिय होकर गांव, शहर  के जन-जन से जुड़ेगा उतने ही परिणाम सुखद हमें प्राप्त होंगे। इसके लिये गांव के जनप्रतिनिधियों, वार्ड के पार्षद एवं सेवा जनभावी की सजगता और उनका स्वास्थ्य के प्रति सेवा समर्पण का नजरिया होना बहुत जरूरी है। ऐसे स्थान जहां से बीमारियां उठ रही है उन्हें नजर अंदाज न करते हुए चिन्हित किया जाना भी जरूरी है। अस्पताल जो देव स्थान समझें जाते है वहां पर और परिसर के आसपास गदंगी पसरी रहती है। हमारे गांव शहर के निकायों की एक जिम्मेदारी है कि समस्याओं का तत्काल निदान करें और सचेत रहे जिससे बीमारियों को निमंत्रण न मिल सके और बीमारियां कम से कम पनपे।
एक युवा डॉक्टर का असामयिक इस तरह से जाना बड़ा ही मार्मिक है मन व्यथित है डॉक्टर बनने के लिए इस युवा ने कितनेे कष्ट उठाकर दिनरात मेहनत कर मेडिकल की डिग्री हांसिल की होगी। कितने सपने परिजन के होंगे बेटे के लिए ? और बेटे के परिजनों के लिए? न जानें कितने स्वप्न देखे थे युवा डॉक्टर ने, वे पल भर में मौत के आगोश में समा गए। जब एक डॉक्टर की मौत इस तरह से शहर में हो सकती है तो सोचिए आम आदमी के लिए भविष्य में अपनी जान बचाना कितना मुश्किल होगा ? सभी शहरों में बीमारियों की जांच की लेबोरेटरी वर्तमान में मौजूद नहीं है। लंबे समय बाद जब रिपोर्ट आती है तब तक जिंदगी मौत से हार जाती है। इन भयावह बीमारियों से हम अपने को किस तरह से बचाए यह एक चिंतनीय प्रश्न है।
शहर में एक डॉक्टर की असामयिक डेंगू से मौत हमारी व्यवस्थाओं पर कई बड़े प्रश्न खड़े कर  जाती है लिखते-लिखते शहर की एक ओर डॉक्टर स्वाईन लू की चपेट में आकर इंदौर में उपचारार्थ है। जिनके प्रति हमारी शुभकामनाएँ ईश्वर से है कि वे स्वस्थ और सुखद होकर शीघ्र लौटे साथ ही देश व प्रदेश के तमाम जन-जन को जो इन बीमारियों से लड़ते-लड़ते जिंदगी से जुझ रहे है उन्हें भी ईश्वर लम्बी आयु दें। इन्हीं स्वस्थ कामनाओं के साथ।

सेंट्रल इंडिया कॉन्सिल एवं रीजनल कॉन्सिल के चुनाव के लिये मंदसौर में हुई वोटिंग, 55 सीए ने किया मतदान

मन्दसौर। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउन्टेंट ऑफ इंडिया की 7 राज्यों की कॉन्सिल के लिये सेंट्रल इंडिया कॉन्सिल एवं रीजनल कॉन्सिल के चुनाव दिनांक 7 व 8 दिसम्बर को सम्पन्न हुए। इस चुनाव हेतु आयकर कार्यालय मंदसौर स्थित मतदान केन्द्र पर भी 8 दिसम्बर, शनिवार  को मतदान हुआ।
मतदान आयकर अधिकारी श्री अजीत पिल्लई के निर्देशन में एवं आयकर निरीक्षक श्री अशोक कुमार एवं श्री मांगीलाल विजयवर्गीय के सहयोग से सम्पन्न कराया गया। उल्लेखनीय है कि मंदसौर मतदान केन्द्र मंे कुल 110 मतदाता पंजीकृृत है। जिसमें से कुल 55 सी.ए. सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया। सेन्ट्रल रीजन जिसमें 7 राज्य मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखण्ड, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश व झारखण्ड आते है के लिये सम्पन्न हुए इस चुनाव में कुल 15 प्रत्याशी एवं रीजनल कॉन्सिल के चुनाव में कुल 26 प्रत्याशी खड़े हुए है।

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