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मंदसौर नगर पालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण का अपना पिछला मुकाम गंवाया, टॉप १०० से भी बाहर

मंदसौर. स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की सूची बुधवार को जारी हुई। इसमें मंदसौर की रैकिंग में भारी गिरावट आई है। और पिछले साल की अपेक्षा रैकिंग में सुधार के इस बार शहर काफी पीछे चला गया।नपा के कोरे दावें और अधूरे इंतजाम और जमीनी स्तर पर काम नहीं होना इस सर्वेक्षण में उजागर हुआ है।

टॉप में आने का दावा नपा ने किया था, लेकिन देश के टॉप-100 शहरों में से भी हम बाहर हो गए और 104 नंबर की रैकिंग मिली। इसी तरह प्रदेश में भी 22 वां स्थान मिला। जबकि पिछली बार हम 5 वें नंबर पर थे। जनवरी में हुए सर्वे से पहले अक्टूबर से नपा का पूरा अमला सारे काम छोड़ इसी में लगा था। लाखों रुपए स्वच्छता के नाम पर जागरुकता और होर्डिंग, बैनर पोस्टर से लेकर अभियान में फूंके गए। कागजों में प्लान बनाए गए, लेकिन सर्वे करने आई टीम ने नपा के तमाम दावों और कामों को नकार दिया और हम इस बार के सर्वे में आगे बढऩे की बजाए बहुत पिछड़ गए। हालांकि नपा को ओडीएफप्लस-प्लस का दर्जा मिला और इसमें 240 अतिरिक्त अंक मिलें, लेकिन यह नंबर भी हमारी रैकिंग को सुधार नहीं पाई।

देश में 104 और प्रदेश में 22 वें नंबर पर हम
इस नपा ने स्व्च्छता सर्वेक्षण में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। 2018 के सर्वेक्षण की तुलना में 2019 के सर्वेक्षण में देशभर के शहरों में मंदसौर की रैकिंग 80 पायदान नीचे खिसकी गई तो प्रदेश में 17 स्थान नीचे खिचक गई।देश में टॉप- 100 से बाहर हुए तो प्रदेश में टॉप- 10 में से बाहर हुए है। स्वास्थ्य अधिकारी केजी उपाध्याय ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में देशभर में पिछली बार हमारा नंबर 24 वां था। इस बार 104 वां है। इसी तरह प्रदेश में पिछली बार हमारा नंबर 5 वां था। इस बार २२ वां है। वजह क्या रही। कहां कम अंक और क्यों मिलें। इन सब मुद्दों पर अब मंथन किया जाएगा। कागजों में तैयार किए गए प्लान नपा जमीन पर उतारने में सफल होती तो रैकिंग कुछ और होती। हर बार विपक्ष ने सदन से लेकर सडक़ पर स्वच्छता के लिए नपा के कामों पर सवाल खड़े किए, लेकिन न तो परिषद और न ही नपा प्रशासन ने इसे कभी गंभीरता से लिया।अब परिणाम नपा के दावों के ठीक विपरीत आए है तो बहाने तलाशे जाने का दौर शुरु हो गया है।

कागजों में चलाया अभियान, जमीन पर नहीं
स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए फूंक दिए, लेकिन स्वच्छता कही पर भी नहीं दिखाई दी। जब लोगों को नहीं दिखीं तो सर्वेकरने वाली टीम को कहा से दिखेंगी। कागजों में और दिखावें में पूरा अभियान चला। इसी का परिणाम सामने है। कांग्रेस का अध्यक्ष बनते ही स्वच्छता के नाम पर जितनी भी राशि खर्च की गईसभी की जांच करवाई जाएगी।-हनीफ शेख, पार्षद, कांग्रेस

कमियों को सुधारने के लिए करेंगे काम
नपा ने अपनी और से अव्वल आने का पूरा प्रयास किया। परिणाम में हम बहुत पीछे रह गए। लेकिन कहां कमी रह गई और उन्हें कैसे सुधारा जा सकता है।फिर से उन सभी बिंदुओं पर मंथन कर आगे बढ़ेगे और स्वच्छता के मापदंडों पर आगामी अगले साल के सर्वे में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे।-सुनील जैन, उपाध्यक्ष, नपा

संतोषजनक है
सफाई में शहर बेतहर है। अन्य शहरों में हमसे बेहतर किया होगा। डाक्यूमेंट से लेकर अन्य बिंदुओं पर कमी रही होगी। इसलिए कम नंबर मिलें है। वजह पर मंथन कर आगे बेहतर करने की कोशिश करेंगे।-आरपी मिश्रा, सीएमओ

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