Breaking News

मंदसौर में धूमधाम से मनाया गया मकर संक्रांति पर्व …

मंदसौर. प्यार और अपनेपन का त्योहार शहर सहित जिलेभर में मकर संक्रांति व लौहड़ी पर्व सोमवार को मनाया गया।  दिनभर छतों पर पतंगों के शौकीन डटे रहे तो जमीं पर गिल्ली-डंडे वालों ने मैदान संभाला। जमीं पर गिल्ली छाई रही और आसमान में पतंगों का कब्जा रहा। आसमान में मोदी-राहुल भिड़ते रहे। थोड़ी-थोड़ी देर में काटा है… की आवाजें वातावरण में गूंजती रहीं। स्कूलों में पतंगबाजी व गिल्ली-डंडे की प्रतियोगिताएं हुई। इधर सूर्य के मकर राशि में सोमवार शाम प्रवेश करने के कारण 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा।

शहर के नई आबादी स्थित गुरुद्वारे में पंजाबी समाजजनों ने लोहड़ी पर्व धूमधाम से मनाया। रात करीब 8 बजे समाजजनों ने एकत्र होकर लोहड़ी का पूजन किया। इसके बाद लोहड़ी का दहन किया गया। लोहड़ी दहन के बाद सभी समाजजनों द्वारा बारी बारी से लोहड़ी में तिल, गुड़ आदि डालकर मंगलकामनाएं की। इसके बाद डीजे की धुन पर सभी समाजजनों ने जमकर नृत्य किया। और एक दूसरे को लोहड़ी पर्व की बधाईयां दी। लोहड़ी पर्व का यह कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। उल्लेखनीय है कि लोहड़ी के दिन से माघ का महीना शुरु हो जाता है और ऐसा कहा जाता है कि लोहड़ी की रात सबसे सर्द रात होती है।

सूर्य के उत्तरायण होने व मकर राशि में प्रवेश के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले संक्रांति पर्व की सोमवार को दिनभर धूम रही। लोगों ने सुबह से ही दान-पुण्य प्रारंभ कर दिया। शहर में चौराहों पर लोगों ने गायों को चारा खिलाया गया। समाजसेवियों ने शहर के धानमंडी, बड़ा चौक में दरिद्रनारायणों को भोजन कराया। लोग परिवार के साथ नालछा माता, खिड़की माता, पशुपतिनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर दर्शन करने पहुंचे। युवाओं ने ग्रुप के साथ आसपास के क्षेत्रों में पिकनिक के साथ गिल्ली-डंडे का आनंद भी लिया। घरों की रसोई महिलाओं द्वारा तिल-गुड़ के मिश्रण से बनाई गई तिल-पपड़ी, तिल-गुड़ की चक्की, लड्डू व गेहूं के खिचड़े सहित अन्य व्यंजनों से महकती रही।

 

संगीत के साथ पतंगबाजी

संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर ज्यादा ही उत्साह रहा। खासकर शहर की सघन बस्ती वाले क्षेत्रों जनकूपुरा, खानपुरा, जीवागंज, धानमंडी, शहर किला रोड, जगतपुरा, सम्राट रोड, घंटाघर, कालाखेत गौतम नगर सहित सभी जगह सुबह से युवाओं के साथ युवतियां, महिलाएं व पुरुष भी छत पर पहुंचकर पतंगबाजी में जुट गए। जगह-जगह छतों पर युवाओं ने मनोरंजन के लिए डीजे भी लगाए। जिन पर फिल्मी गीत गूंज रहे थे। पतंगबाजी का सिलसिला सूर्योदय से शुरू होकर सूर्यास्त तक चलता रहा।

 

मैदानों व मोहल्लों में गिल्ली-डंडा

राजीव गांधी क्रीड़ा परिसर, उत्कृष्ट विद्यालय मैदान, कालाखेत सहित शहर के छोटे-बड़े सभी मैदानों में युवाओं की टीमें गिल्ली-डंडा खेलने में लगी रहीं। इसके अलावा प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों व गलियों में महिलाओं व युवतियों ने भी गिल्ली-डंडे में हाथ आजमाए।

 

मंदिरों में रही भीड़, पशुओं को खिलाया चारा
शहर सहित जिले के कई स्थानो पर सोमवार को मकर संक्रांति पर्व हर्ष-उल्लास से मनाया गया। शिवना तट स्थित भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमडऩा शुरू हो गई। भक्तों ने भगवान की पूजा-अर्चना कर नेवैद्य अर्पित किया। इसके अलावा गुंदेश्वर महादेव मंदिर, बडक़ेश्वर महादेव मंदिर सहित नई आबादी, जनता कॉलोनी, खानपुरा के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। भक्तों ने मंदिर क्षेत्र में कई गरीब और याचकों को अन्न-वस्त्र दान किए। शहर के गांधी चौराहा, शुक्ला चौक, खानपुरा, जीवागंज, प्रताप बस स्टेंड, नेहरू बस स्टेंड क्षेत्र सहित कई जगह लोगों ने पशुओं को चारा दान किया। इसके अलावा नई आबादी, संजीत नाका, सीतामऊ फाटक क्षेत्र में भी लोगों ने मकर संक्रंाति पर पशुओं को गुड़-लाप्सी के साथ चारा खिलाया।

रघर-घर बना खिचड़ा व तिल मिष्ठान्न
मकर संक्रांति पर्व पर घर-घर गेहूं का खिचड़ा बनाया गया। इसके अलावा तिल के लडड़ू और तिल पपड़ी के मिष्ठान्न भी बनाए गए। कई शौकीनों ने बाजार की रेवड़ी-गजक का भी भोग लगाया। लोगों ने एक-दूजे को मकर संक्रांति पर्व की बधाईयों का इन्हीं मिष्ठान्नों के साथ आदान-प्रदान किया।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts

Leave a Reply