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मंदसौर में भी प्रशासन कर रहा तब्लीगी जमात के लोगों की तलाश

इस जमात के नगर में ज्यादा लोग नहीं

मंदसौर। कोरोना से जंग लड़ रहें पूरे भारत के लिए दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित मरकज का मामला सामने आने के बाद सरकार की चिंता और बढ़ गई है। मजहबी जलसे में मध्य प्रदेश से भी 107 लोग शामिल हुए थे। इनमें सबसे ज्यादा पुराने भोपाल के 36 लोग भी शामिल थे। सभी 36 लोगों को दिल्ली में क्वारैंटाइन हैं। इस मामले में मंदसौर जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने की पूरी आवश्यकता है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। पुलिस प्रशासन द्वारा भी ऐसे लोगों की जांच की जा रही है जो दिल्ली के निजामुद्दीन की मरकज से लौटा हो लेकिन मंदसौर में अभी तक ऐसा कोई मामला समाने नहीं आया है। वहीं मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि मंदसौर में तब्लीगी जमात के ज्यादा परिवार नहीं है। मुश्किल से यहां पर तब्लीगी जमात के 15 से 20 परिवार होगे। जो भी यहां से चले गए है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 से 14 मार्च के बीच मुस्लिम धर्म का प्रचार करने के लिए 63 विदेशी अलग-अलग जमातों में भोपाल आए थे। जिसके बाद खतरा बढ़ते देख मंदसौर में भी जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और इस जमात के लोगों की जांच पड़ताल शुरू कर दी।

मंदसौर में नहीं आया कोई भी सामने
तब्लीगी जमात के लोग एक तो मंदसौर में न के बराबर है। शुरूआती जांच मंे कोई भी व्यक्ति निजामुद्यीन की मरकज से मंदसौर लौटना नहीं पाया गया। मंदसौर में अभी तक कोरोना का भी कोई मामला नहीं है आगे भी न हो इसके लिए आप सभी घरों में रहे और सुरक्षित रहे। – मनोज पुष्प, कलेक्टर, मंदसौर

इस जमात के ज्यादा परिवार नहीं है
मंदसौर में तब्लीगी जमात के लोग न के बराबर है। बमुश्किल 20 परिवार भी नहीं होगे। यह परिवार पहले तो नयापुरा क्षेत्र में रहते थे लेकिन अभी हम लोग भी वहां गये थे लेकिन वह परिवार भी यहां से चले गए। इस जमात का गढ़ उज्जैन और रतलाम है। मंदसौर में इस जमात के लोग नहीं रहते।
– भूरे खां मेव, पूर्व सदर, अंजुमन कमेटी, मंदसौर

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