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मंदसौर में मोबाईल की खेती का सपना दिखाने वाले राहुल गांधी ने अपने क्षेत्र में माचिस की फैक्ट्री भी नहीं खोल पाए – श्री गुर्जर

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केन्द्र सरकार की नींतियों के कारण फसलों की डेढ़ गुना कीमत मिल रही हे।

प्रदेश सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत पर 13 हजार करोड़ का ऋण दिया

मन्दसौर। मध्य प्रदेश के सभी किसान भाइयों का मैं आपके माध्यम से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं की किसान कांग्रेस के बहकावे में नहीं आए। पिछले साल कांग्रेस ने किसानों के बीच में घुसकर हिंसा करवाई थी ।कांग्रेस की इस कारस्तानी को मध्य प्रदेश का किसान अब समझ गया है, मध्य प्रदेश का किसान अब जागरुक हो गया है, मध्य प्रदेश का किसान हिंसा में विश्वास नहीं करता, उसने यह सिद्ध कर दिया है। मध्य प्रदेश के किसानों का रिश्ता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से दो जिस्म एक जान जैसा हो गया है। राहुल गांधी को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता राहुल गांधी को नहीं पता कि चीन विश्व का 75 प्रतिशत से अधिक लहसुन पैदा करता है राहुल गांधी मंदसौर का लहसुन बीजिंग को बेचना चाहते हैं, लेकिन चीन पूरे विश्व में लहसुन भेजता है। जब यूपीए सरकार की थी तक लहसुन के भाव 100 रूपये से लेकर 700 रू प्रति क्विंटल थे। तब राहुल गांधी को मंदसौर की लहसुन की बींजींग भेजने की याद नहीं आई। राहुल गांधी मंदसौर में आकर केवल वोटों की फसल काटना चाहते हैं उनको खेती का कोई ज्ञान नहीं है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

श्री गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी मंदसौर में मोबाइल की खेती करवाकर मोबाइल पर मेड इन मंदसौर लिखवाना चाहते हैं मैं उनसे प्रश्न करना चाहूंगा कि उन्होंने कभी अपने लोकसभा क्षेत्र में जहां उनके परिवार का 70 साल कब्जा रहा वहां एक माचिस की भी फैक्ट्री लगवा कर मेड इन अमेठी लिखा क्या? श्री गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी को नहीं पता कि मंदसौर जिले में कौन सी फसलें पैदा होती है और कहां बिकती है, यहां कलौंजी कालमेघ, इसबगोल, चंद्रसूर, असालिया को नहीं जानते वह केवल किसान आंदोलन की आड़ में वोटों की फसल काटना चाहते हैं। इस बार मध्य प्रदेश का किसान कांग्रेस के बहकावे में नहीं आया और किसान आंदोलन में शामिल नहीं हुआ। किसानों को आगे कर हिंसा का सहारा लेकर कांग्रेस वोटों की फसल काटना चाहती है। मध्य प्रदेश जो शांति का टापू कहा जाता है इस शांत प्रदेश को कांग्रेस अशांत करना चाहती है। इस वर्ष 1 जून से 10 जून तक किसान आंदोलन में मध्यप्रदेश में किसान शामिल नहीं हुआ है। कांग्रेस किसानों की मौत पर राजनीति करना चाहती है।

एक प्रश्न के उत्तर में श्री गुर्जर ने कहा कि फसलों की लागत का डेढ़ गुना कीमत देने का वादा भारत सरकार ने पूरा किया है। भारतीय कृषि के इतिहास में ऐतिहासिक कदम है कि फसलों की डेढ़ गुना कीमत मिल रही है ।

मोदी सरकार की पहल का ही परिणाम है कि खाद्यान्न उत्पादन लगभग 9.35% तक बढ़ा है। बागवानी उत्पादन में लगभग 15% की वृद्धि हुई है जबकि सोनिया-मनमोहन कि यूपीए की सरकार में ऋणात्मक थी कृषि विकास दर जो बढ़कर मोदी सरकार में 4.9 प्रतिशत हो गई है। किसानों के लिए यूरिया संकट समाप्त हुआ है। यूपीए सरकार में तो लाइनों में खड़ा होना पड़ता था किसानों को लाठियां खानी पड़ती थी इस संकट को दूर किया है वह मोदी सरकार ने किया है। 100% नीम कोटेड यूरिया किसानों को दिया जा रहा है जिससे लागत घटती है, उत्पादन बढ़ा है और यूरिया की उपलब्धता शत प्रतिशत हुई है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री गुर्जर ने कहा कि भारत सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने की और तेज गति से बढ़ रही है, भारत सरकार ने कृषि बजट को लगभग 2 गुना करते हुए कृषि बजट लगभग 48000 करोड रुपए किया गया है। मोदी सरकार ने कृषि ऋण का दायरा 8.5 लाख करोड़ से 11 लाख करोड़ करने का लक्ष्य तय किया है। मोदी सरकार ने 585 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ने तथा अधोसंरचना विकास के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

मध्य प्रदेश सरकार किसानों को लागत का डेढ़ गुना कीमत देने की दिशा में देश के पहले स्थान पर है। मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां गेहूं 2000 रू प्रति क्विंटल बिका जो लागत का डेढ़ गुना है। मध्य प्रदेश में किसानों का 2000 रू के भाव में लगभग 83 लाख मेट्रिक टन गेंहूँ सरकार ने खरीदा जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 282000 किसानों का 16 लाख 20 हजार मेट्रिक टन धान उपार्जन पर 200 प्रति क्विंटल के मान से 324 करोड रुपए किसानों के खाते में राशि डाली गई है। प्रदेश सरकार किसानों की लागत घटाने के लिए 0% ब्याज दर पर लगभग 13000 रू करोड़ रुपये किसानों को ऋण दिया जा रहा है ।फसलों के गिरते दामों को थामने के लिए मध्यप्रदेश सरकार भावंतर भुगतान योजना लेकर आई इस योजना के माध्यम से किसानों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने खरीफ फसल में सोयाबीन, उड़द, मूंग मक्का, आदि फसलों के लिए लगभग 1000 रू करोड़ का भुगतान किसानो के खाते में किया है।

रबी फसलों के लिए 2000 रू करोड़ दिए गए। किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 17 सौ करोड रुपए किसानों के खाते में डाले गए। गेहूं खरीदी में 265 रूपए क्विंटल से 2245 करोड रुपए किसानों के खातों में 10 जून को डाले गए। सूखा राहत के लिए मध्यप्रदेश कि सरकार ने 1725 करोड रुपए किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है।

श्री गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे मध्यप्रदेश का किसान जागरूक है और वह हमेशा भारतीय जनता पार्टी के साथ है। इस अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र सुराणा, पारस मावर, महामंत्री महेंद्र चौरडि़या, अजय सिंह चौहान, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष भगवान सिंह शक्तावत सहित कई भाजपा नेता उपस्थित थे।

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