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मंदसौर मे गूंजी फिर गोली की आवाज : डायमंड ज्वेलर्स संचालक की घर के बाहर गोली मारकर हत्या

मंदसौर। मंदसौर शहर में फिर एक बार गोलियों की गूंज सुनाई दी है। डायमंड ज्‍वेलर्स और भयमुक्‍त सेवा संस्‍थान के संचालक अनिल सोनी को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी, गौरतलब है कि नीमच-मंदसौर क्षेत्र के सराफा व्‍यापारी और डायमंड ज्‍वेलर्स के संचालक अनिल सोनी दोनों ही शहरों में लंबे समय में अपना सोना-चां‍दी का कारोबार करते हैं। गत दिनों अनिल सोनी के पास धमकी भरे फोन आए थे, उस समय अनिल सोनी नीमच स्थित डायमंड शोरूम पर ही रहते थे।

बुधवार रात लगभग 9 बजे शहर के चौधरी कॉलोनी क्षेत्र में बदमाशों ने डायमंड ज्वेलर्स के संचालक अनिल सोनी की उनके घर के बाहर अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सोनी को उनके घर के बाहर की सीने व पीठ पर छह गोलियां मारी गई।  हमलावरों में पीछे से हमला किया। गोली की आवाज सुनते ही बड़ी संख्या में कॉलोनी के लोग मौके पर इकठा हो गए। सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोनी के भाई अजय सोनी पर पूर्व में नीमच में हमला हो चुका है। अनिल सोनी का लंबे समय से लालाओं से विवाद चल रहा था। और हत्याकांड में भी पहला शक उन्हीं पर बताया जा रहा है। वारदात ऐसे समय हुई है जब लोस चुनावों की आचार संहिता के चलते पुलिस जगह-जगह चेक पाइंट लगाकर जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार बुधवार रात नौ बजे अनिल सोनी चौधरी कॉलोनी स्थित अपने घर के बाहर टहल रहे थे। तभी वहां पहुंचे अज्ञात बदमाशों ने एक के बाद एक कर छह गोली मार दी। मौके से चार खाली खोके भी मिले हैं। इसके बाद सोनी वहीं नीचे गिर गए थे। तभी थोड़ी दूर रहने वाली पार्षद संगीता शर्मा ने तीन पटाखे जैसी आवाज सुनकर अपने पुत्र तरुण शर्मा को कहा कि बाहर कुछ हुआ था। तरुण ने इधर आकर देखा तो अनिल सोनी नीचे जमीन पर पड़े थे। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। यहां परीक्षण कर चिकित्सकों ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। सीने में गोलियां लगने से अनिल सोनी की मौत हो गई।

गोली लगने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए और पुलिस पर लापरवाही बरतने तथा अनिल सोनी की सुरक्षा हटाने की साजिश रचने के आरोप लगाए। भाजपा-कांग्रेस के नेता भी यहां पहुंचे।

बुधवार की रात को बाइक पर आए अज्ञात बदमाशों ने सोनी को घर से कुछ ही दूरी पर गोली मार दी। मौके से पुलिस ने गोली के चार खाली खोखे बरामद किए है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावर बदमाशों की धरपकड़ के लिए नाकाबंदी की है। वहीं, मौके पर भी लोगों से पूछताछ की जा रही है। परिजनों ने कय्यूम लाला, आज़म लाला ओर चुन्नू लाला पर हत्या का आरोप लगाया है।

पूर्व एसपी पर लालाओं को संरक्षण देने का लगाया आरोप
अस्पताल में मृतक के पिता और परिजनों ने पूर्व एसपी मनोजसिंह पर लाला-पठानों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि मनोजसिंह के संरक्षण के कारण आज उनका बेटे की हत्या हुई है। लाला-पठानों ने कई अपराध किए तो उन्हें जिला बदर नहंी लेकिन उनके बेटे का कोई अपराध नहीं तो भी जिलाबदर किया। अनिल सोनी द्वारा मनोजसिंह पर पहले भी कई बार गंभीर आरोप लगाए गए थे। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे एसपी विवेक अग्रवाल पर भी लोगों ने कानून व्यवस्था और आचार संहिता में घटना होने और अपराधियों को पुलिस का संरक्षण देने की बात कहते हुए तीखा आक्रोश व्यक्त किया।

सुबह ही फेसबुक मेंसेजर पर मिली थी धमकी

अनिल सोनी की संस्थान के कर्मचारी ने बताया कि बुधवार सुबह ही अनिल सोनी को फेसबुक मेंसेजर पर शिखा बजाज नाम की फेक आईडी से धमकी भी मिली थी कि संभल जा नहीं तो अच्छा नहीं होगा। इसके बाद दोपहर में कोतवाली में जाकर अनिल सोनी ने आवेदन भी दिया था। पहले भी इस तरह फेक आईडी से सोनी को धमकियां मिलती रही है। लंबे समय से चल रही थी लालाओं से अनबन

डायमंड ज्वेलर्स के संचालक अनिल सोनी की राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र के लालाओं से लंबे समय से अनबन चल रही थी। रतलाम के एक व्यापारी से लेन देन के चलते उसने लालाओं के सहयोग से 1 दिसंबर 2016 को कालाखेत स्थित डायमंड ज्वेलर्स की दुकान पर फायरिंग भी कराई थी। इसके बाद जनवरी 2017 में नीमच में उसके वाहन पर हमला किया था। जिसमें अनिल सोनी के पार्टनर अजय सोनी को गोली लगने से कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं कर रहा है। बाद में नीमच के तत्कालीन एसपी मनोज कुमार सिंह इस मामले में राजस्थान के अखेपुर जाकर एक शूटर शाहरुख को पकड़कर लाए थे। वहीं मंदसौर एसपी ओपी त्रिपाठी ने कय्यूम लाला, आजम लाला सहित अन्य को पकड़ा था। इसके बाद से ही अनिल सोनी लगातार लालाओं और पुलिस के गठजोड़ पर आवाज उठाते रहे थे। अक्टूबर 2018 में तत्कालीन एसपी मनोज कुमार सिंह के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने अनिल सोनी को छह माह के लिए जिला बदर भी कर दिया था। उस समय भी पुलिस ने करवा चौथ के दिन ही घर से उठाकर अनिल सोनी को जिले की सीमा से बाहर छोड़ दिया था।

पुलिस की यह कैसी सख्त जांच

अभी लोस चुनाव के चलते एसपी सहित तमाम पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में बाहर से आने वाले तमाम रास्तों पर सख्त जांच की जा रही है। इसके अलावा हर थाना क्षेत्र में भी सभी मार्गों पर पुलिस जांच के नाम पर खड़ी रहती है। इसके बावजूद भी हथियार लेकर बदमाश शहर के अंदर दाखिल हुए और छह गोलियां मारकर चले भी गए। घटनास्थल पुलिस कंट्रोल रुम से आधा किमी की दूरी पर ही है। जबकि बॉर्डर चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का दावा भी किया जा रहा है।

– घटना गंभीर है। अभी हमारी पुलिस टीम हत्यारों की तलाश कर रही है। जल्द ही आरोपित हमारी गिरफ्त में होंगे।

विवेक अग्र्रवाल, एसपी,

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