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मंदसौर मे पहले लक्कड़बग्गा, फिर मगरमच्छ ओर अब बंदर का आतंक

मंदसौर। सीतामऊ फाटक अपनाघर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बंदरों के आंतक के कारण रहवासी भयभीत हैं। बुधवार दोपहर घरों के बाहर खेल रहे दो बच्चों पर बंदरों ने हमला कर दिया। एक बच्चे के पैर व दूसरे की पीठ पर बंदरों ने काट लिया। इसी तरह चार-पांच दिन पहले भी बंदरों ने चार बच्चों पर हमला किया था। इसके बाद से ही रहवासी घरों के बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग से शिकायत की तो उसने पिंजरे नहीं होने की बात कह दी। वहीं वन विभाग के रेंज अधिकारी जीएल मकवाना का कहना है कि बंदरों को पकड़ने का काम नपा व ग्राम पंचायत का होता है।

शहर के सीतामऊ फाटक क्षेत्रमें बंदरों के आंतक से रहवासियों में दहशत फैल गई है। बुधवार को तीन लोगों को दो बंदरों ने शिकार बनाया। इससें वह बुरी तरह घायल हुए। एक माह पहले भी एक महिला का बंदर के हमले में हाथ फैक्चर हो गया था। अब तक इस क्षेत्रमें पांच लोग बंदर के हमले से घायल हो चुके है। सूचना के बाद वन विभाग का अमला पहुंचा और जानकारी ली। लेकिन अमला बंदरों को बिना पकड़े ही बैरंग लौटा। दोपहर के बाद शाम को फिर उस क्षेत्रमें बंदर फिर से आए तो लोगों में भय का माहौल बन गया।फिर से विभाग के अमले को सूचना दी।

यह आ बड़ी दिक्कत
जिले में मगरमच्छ आए दिन निकलते है। ऐसे में जिले में वन विभाग में जो अमला है। वह मगरमच्छ को पकडऩे में एक्सपर्ट है। और उनके पास पर्याप्त संसाधन भी है, लेकिन बंदरों को पकडऩे के लिए टीम में एक्सपर्टका अभाव है।और संसाधनों का भी। यह भी दिक्कत विभागीय अमले को बंदर को पकडऩे में आ रही है। बंदर वन विभाग का अमला नहीं पकड़ पाया तो रतलाम या अन्य शहर के निकायों या निजी एजेंसी जो बंदर पकडऩे का काम करती है। उनसे संपर्क करने के विकल्पपर विचार करेगा।

यह हुए शिकार
सीतामऊ फाटक क्षेत्रमें बुधवार को दोपहर में बंदर के हमले से सोम्य गुप्ता (11) माधवी माली (२२) मायाबाई (36) शिकार हुए। तो एक माह पहले अमजेरा चौधरी (51) पर भी बंदर ने झपटा मारा था। इससे उनका हाथ फैक्चर हो गया था। इस क्षेत्रमें अब तक बंदर के हमले से 5 लोग घायल हो चुके है।

टीम भेजी थी, नहीं मिले बंदर
डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि सूचना पर टीम को भेजा गया था। तब वहां से बंदर जा चुके थे। शाम को फिर से सूचना मिली। टीम को भेजा गया है। जॉल से लेकर अन्य संसाधनों के साथ बंदर को पकडऩे की कोशिश की जा रही है। दोपहर में टीम गरोठ गई हुई थी। जिले में मगरमच्छ को पकडऩे में टीम एक्सर्ट है। जो संसाधन है। उनसे पकडऩे की कोशिश की जा रही है।

अपनाघर के समीप निवासी बालक सोम्य गुप्ता व एक अन्य बालक बुधवार दोपहर में क्षेत्र में खेल रहे थे। इसी दौरान चार बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। समीप ही अपने घर के बाहर खड़ी युवती भादवी को भी बंदर ने काटा। बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। क्षेत्रवासी अमरसिंह ने बताया कि चार-पांच दिन पहले भी चार बच्चों को बंदरों ने काट लिया था, तब हमने वन विभाग से कहा तो तो विभाग ने कहा कि पिंजरे की व्यवस्था नहीं है। बंदरों के डर के कारण क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। रहवासी कलावती ने बताया कि बच्चों को घर के बाहर खेलने में भी डर लग रहा है। बंदरों को पकड़ा जाना चाहिए।

 

– प्रावधान के अनुसार बंदरों को पकड़ने का कार्य नगर पालिका एवं ग्राम पंचायतों का है। शिकायत मिली है। अब वन विभाग द्वारा भागीदारी करते हुए वहां पर पिंजरा लगवाया जा रहा है। -जीएल मकवाना, रेंज अधिकारी, वन विभाग

 

शिवना में 15 दिनों से दिख रहा मगरमच्छ, अफसर बोले- बाहर आए तो पकड़ें

6 एमडीएस-75 के प्शन- शिवना नदी में मौजूद मगरमच्छ, कई दिनों से दिखाई दे रहा है।

शिवना नदी में पिछले 15 दिनों से मगरमच्छ दिखाई दे रहा है। इस कारण नगर पालिका के जलकल अमले के कर्मचारी भी डरे हुए हैं। वे नदी के पास नहीं जा पा रहे। वहीं लोगों में भी डर बना हुआ है। वन विभाग के रेंज अधिकारी जीएल मकवाना ने बताया कि शिवना नदी में एक मगरमच्छ है। दो बार टीम भी पहुंची थी, लेकि न पानी में होने के कारण पकड़ में नहीं आ रहा है, जैसे ही मगरमच्छ नदी से बाहर आएगा हम पकड़ लेंगे।

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