Breaking News

मंदसौर ससंदीय क्षेत्र में भाजपा का जलवा बरकरार, मंदसौर से फिर यशपाल सिसोदिया, 3 बीजेपी – 1 कांग्रेस

  • किसान आंदोलन के गढ़ मल्हारगढ़ में भी एक तरफा जीते बीजेपी के जगदीश देवड़ा
  • मंदसौर से भी भाजपा के यशपालसिंह सिसौदिया की बड़ी जीत
  • सरदार ने फिर बचाई कांग्रेस की इज्जत

मंदसौर। मंगलवार को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा का दबदबा मंदसौर संसदीय क्षेत्र में बरकरार रहा है। जहां पिछली बार मोदी लहर में भी एक सीट सुवासरा कांग्रेस के पास थी वहीं सीट इस बार भी कांग्रेस के पास रही है। सरदार हरदीपसिंह डंग ने एक बार फिर क्षेत्र में कांग्रेस की इज्जत को बचाया। हालांकि सुवासरा सीट का रोमांच अंतिम चरणों तक चला।

मंदसौर से भाजपा प्रत्याशी यशपालसिंह सिसौदिया ने 18370 भारी मतों से जीत दर्ज की है। चुनाव परिणामों में सबसे चौेकाने वाले परिणाम किसान आंदोलन का गढ़ रहें मल्हारगढ़ जो कि किसान आंदोलन को लेकर देश भर में विख्यात हो गया था। यहां पर कांग्रेस के सूपड़े साफ हो गए है। यहां से वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश देवड़ा 11872  मतों से जीते है। गरोठ में भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर देखने को मिली। यहां पर कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस आगे होती गई। अंत में भाजपा के प्रत्याशी देवीलाल धाकड़ ने कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री सुभाष सोजतिया को लगभग 2409 मतों से पछाड़ते हुए सीट पर भाजपा का कब्जा बरकरार रखा है।

मंदसौर विधानसभा – श्री सिसौदिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरेन्द्र नाहटा को 18370 वोटों से शिकस्त देते हुए अपनी सीट को बरकरार रखा है। श्री सिसौदिया की जीत को विकास की जीत व मिलनसार व्यवहार की जीत माना जा रहा है। मंदसौर में भाजपा व कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यहां सिसौदिया ने बड़ी जीत हासिल कर कांग्रेस को चिंतन करने पर मजबूर कर दिया।

नरेश का प्रबंधन भी रहा जीत का आधार
श्री सिसौदिया की जीत का श्रेय उत्तर मंडल अध्यक्ष नरेश चंदवानी को भी जाता है। जिन्होने उत्तम ही नहीं अति उत्तम चुनावी प्रबंधन को अंजाम देकर बड़ी जीत में अपना भागीरथी योगदान दिया है। हालांकि श्री सिसौदिया को लेकर भाजपा के साथ आम मतदाता भी उनकी जीत के प्रति आश्वस्त था। जो परिणामों से सिद्ध भी हुआ है।

मल्हारगढ़ विधानसभा – पूरे देश की निगाहेें मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र पर टिकी थी। जो देश का चर्चित किसान आंदोलन रणभूमि मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र ही था। जहां से कांग्रेस अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त थी। लेकिन हर समय अपने मतदाता के सुखदुख में काम आने वाले भाजपा के प्रत्याशी जगदीश देवड़ा पर मतदाता ने भरोसा जताते हुए यह सिद्ध कर दिया कि किसान आंदोलन के नाम पर मल्हारगढ़ क्षेत्र को बदनाम करने वालों को वे नहीं छोड़ेगे और हुआ भी यही।

 

सिंधिया व नगमा भी नहीं जीत पायें अपने उम्मीदवार को
मंदसौर जिले में सर्वाधिक स्टार प्रचारकों की जनसभाएं मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने की थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे से माने जाने वाले कांग्रेस प्रत्याशी परशुराम सिसौदिया के पक्ष में दो – दो आम सभाएं करने वाले श्री सिंधिया ने अपना ध्यान केवल मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र तक ही सिमित रखा था। यही नहीं अभिनेत्री नगमा ने रोड़ शो कर कांग्रेस प्रत्याशी को विजय दिलाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन फिर यहां से कांग्रेस को हताशा ही मिली है।

नहीं दम भर पाया सपॉक्स – मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में हालांकि सपॉक्स ने भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा था। लेकिन वो भी ज्यादा दम नहीं भर सका। सपॉक्स के उम्मीदवार सुनिल बंसल को मात्र 2500 मत ही ले पाए।

दो विधानसभा क्षेत्रों में आपत्ति दर्ज होने की सूचना
गरोठ विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी श्री सोजतिया द्वारा आपत्ति पेश करने के कारण भाजपा के विजय प्रत्याशी श्री धाकड़ को निर्वाचन अधिकारी में समाचार लिखे जाने तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था और यही स्थिति सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में भी थी जहां भाजपा प्रत्याशी राधेश्याम पाटीदार द्वारा आपत्ति पेश किए जाने की सूचना थी, यहां पर भी कांग्रेस के विजय प्रत्याशी हरदीपसिंह डंग को भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था।

नगर में जश्न का माहौल, निकला विजय जुलुस
भाजपा को जिले में मिली ऐतिहासिक विजय पर नगर में जश्न का माहौल है। स्थान – स्थान पर आतिशबाजी कर कार्यकर्ताओं द्वारा एक दूसरे को बधाईयां दि जा रही थी। विजयी प्रत्याशियोे के जुलुस देर रात तक निकल रहे थे।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts