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मंदसौर से रतलाम रूट तक इलेक्ट्रीक लाइन डाली जाएगी

मंदसौर. कंपनी के द्वारा लाइन के लिए फाउंडेशन (नींव)डालने का कार्य शुरु कर दिया है। बुधवार को रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी सीतामऊ फाटक और मंदसौर रेलवे स्टेशन के बीच में लाइन के लिए पोल के लिए गड्ढे खोदकर नींव बनाई जा रही है। वर्तमान में यह कार्य रतलाम और मंदसौर के लिए बीच चल रहा है।

३०० करोड़ से अधिक लागत 
रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर कपिल उपाध्याय ने बताया कि कोटा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर से रतलाम रूट तक इलेक्ट्रीक लाइन डाली जाना है। इसके िलए चैन्नई की ईएमसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का टेंडर हुआ है। यह टेंडर करीब तीन सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत का है। वर्तमान में रतलाम और मंदसौर के बीच इलेक्ट्रीक लाइन के लिए फाउंडेशन का कार्य चल रहा है। बुधवार को रेलवे स्टेशन से सीतामऊ फाटक के बीच यह कार्य किया गया है।

मई से शुरु हुआ कार्य 
सीनियर सेक्शन इंजीनियर कपिल उपाध्याय ने बताया कि इसका कार्य मई २०१७ से शुुर किया गया है। यह कार्य रतलाम से शुरु किया गया है। रतलाम और मंदसौर के बीच अभी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। अभी केवल फाउंडेशन का कार्य चल रहा है। फाउंडेशन का कार्य पूर्ण होने के बाद ही इस पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। उसके बाद इस पर लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगेगा। पहले फेस में रतलाम से लेकर नीमच तक पूरा किया जाएगा। उसके बाद नीमच से आगे की कार्य किया जाएगा।

जावरा सबस्टेशन का कार्य हुआ शुरु 
सेक्शन इंजीनियर उपाध्याय ने बताया कि ट्रेन के लिए ओवर एड लाइन डाली जाएगी। जिसमें २५ हजार वोल्ट विद्युत सप्लाय की जाएगी। इसके लिए तीन सबस्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें एक जावारा, नीमच में बनाए जा रहे है। वर्तमान में जावरा के सबस्टेशन का कार्य शुरु कर दिया गया है। इन सब स्टेशनों से विद्युत सप्लाय ओवरएड लाइन में की जाएगी। वर्तमान में डीजल इंजन की रेल नीमच-मंदसौर रूट पर चल रही है। इलेक्ट्रीक लाइन डलने के बाद इलेक्ट्रीक इंजन से रेल चलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा।

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