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मधुर शास्त्रीय-सुगम संगीत का जागेश्वर में हुआ भव्य आयोजन-रात्रि पर्यन्त संगीत रसिकों ने किया रसपान

मन्दसौर। नगर के नीम चौक स्थित अति प्राचीन चमत्कारी शिवालय श्री जागेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में प्रतिवर्षानुसार पारम्परिक संगीत के अन्तर्गत शास्त्रीय तथा सुगम संगीत गायन वादन का भव्य आयोजन हुआ। आयोजन रामकथा प्रवक्ता पूज्य श्री दशरथभाईजी के सानिध्य में तथा विभाग प्रचारक डॉ. रविन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता में हुआ। प्रारंभ में कलाकारों एवं अतिथियों का पुष्पहारों से बहुमान सोनु सोनी, सुनिल सोनी आई.सी., संजय सोनी, कैलाश सौलंकी, ओम सोनी आदि ने किया।

रात्रि 10.30 बजे से प्रातः 6 बजे तक आयोजित संगीत सभा के मुख्य कलाकार इन्दौर के पंकज सोनी थे। स्थानीय संगीतकारों में कमलेन्दु गंधर्व, बंशीलाल टांक, मोड़ीराम नागदा, सोनू सोनी, नरेन्द्र मोदी विचार मंच जिलाध्यक्ष रोनक मिण्डा, सचिव आशीष सोनी, विक्रम सोनी, वल्लभ टेलर, राजेन्द्र व्यास, देवकरण सम्राट, बाल कलाकार धु्रव सोनी ने भाग लिया।

संगीत सभा का शुभारंभ राग यमन में गणपति वन्दना से कमलेन्दु गंधर्व ने किया। मुख्य कलाकार पंकज सोनी ने अपने गायन का शुभारंभ राग मालकोंस में त्रिताल में बंदिस ‘‘पिया संग लर पछतानि . . . ’’ बंदिस से किया। उसके पश्चात् आपने राग केदार, बागेश्वरी, भोपाली आदि रागों में शास्त्रीय बंदिसों के साथ ही भजन सुनाये। श्री पंकज सोनी ने अपने मधुर गायन के साथ ही बांसुरी वादन का कर्णप्रिय धुने भी प्रस्तुत की। कमलेन्दु गंधर्व द्वारा प्रस्तुत राग दरबारी कानहरा, बंशीलाल टांक द्वारा रूपक ताल में मालकोस में बंदिस के साथ ही गजल, मोड़ीराम नागदा द्वारा राग बागेश्वरी, वल्लभ टेलर द्वारा भोलेनाथ पर प्रस्तुत भजन, रोनक मिण्डा, आशीष सोनी तथा बाल गायक धु्रव सोनी का गायन सराहा गया। पुजारी भगवत गीर द्वारा भगवान जागेश्वर पर गंगा की निरंतर प्रवाहित सहस्त्र धारा का अभिषेक भी आकर्षण का केन्द्र रहा।

संगीत में वायलिन संगत संगीत महाविद्यालय के संगीतकार राजमल गंधर्व ने तथा तबला संगत भीमसेन गंधर्व तथा संतोष गंधर्व ने की।

सह गायन संचालन बंशीलाल टांक ने किया तथा आभार नाथू लाल सोनी ने माना।

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