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मध्यप्रदेश में बंद का व्यापक असर, कोई अप्रिय घटना नहीं

भोपाल। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) कानून पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को केंद्र सरकार द्वारा पलटे जाने के विरोध में सवर्ण संगठनों द्वारा बृहस्पतिवार को आहूत के एक दिवसीय ‘भारत बंद’ का लगभग समूचे मध्यप्रदेश में व्यापक असर रहा। हालांकि, इस दौरान प्रदेश में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। इस संबंध में एक खुफिया अधिकारी ने कहा कि इस बंद की सबसे आश्चर्य की बात यह रही कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों ने भी इस बंद का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि रीवा, सतना और छतरपुर में 10,000 से अधिक प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ गये। कुछ प्रदर्शनकारी अशोक नगर जिले के शडोरा इलाके में रेलवे की पटरियों पर बैठ गये।

अधिकारी ने कहा कि रीवा में एक ट्रेन को रोकने का प्रयास भी किया गया।उन्होंने कहा कि उज्जैन जिले के ग्रामीण इलाके में एक जगह दलित एवं सवर्ण जाति के लोग आमने-सामने हो गये। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की कुछ जगहों पर पथराव की घटनाओं की भी खबर है। पथराव के चलते पुलिस को उग्र प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए शहडोल में लाठीचार्ज भी करना पड़ा।उन्होंने कहा कि गुना जिले के आरोन में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। अधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों ने रीवा जिले के पुलिस कंट्रोल रूम में घुसने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उनके इस प्रयास का विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि, बंद का असर आदिवासी बहुल जिलों में उतने बड़े पैमाने पर नहीं था, जितना सवर्णों के इलाकों में था। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) मकरंद देउस्कर ने कहा, ‘‘प्रदेश के सभी जिलों में कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, गिरफ्तार किये गये लोगों की कुल संख्या कितनी है, यह अभी नहीं बताया जा सकता है। इस आंकड़े को इकट्ठा किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि रीवा एवं सतना जिलों में प्रदर्शनकारियों ने कुछ स्थानों पर टायर भी जलाए।बंद के दौरान आज प्रदेश के अधिकांश भागों में अधिकतर निजी स्कूल, पेट्रोल पंप, बाजार एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। खंडवा जिले में ‘सपाक्स समाज’ के सदस्यों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने प्रदर्शन किया। ‘सपाक्स समाज’ एक राजनीतिक दल है, जो हाल ही में बनाया गया है। बाद में चौहान इन सदस्यों के पास गये और उनसे ज्ञापन लिया।इस बीच, प्रदेश में बंद का नेतृत्व कर रहे ब्रह्म समागम सवर्ण जनकल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा, ‘‘हमारे संगठन से करीब 150 संगठन जुड़े हुए हैं, जो सवर्ण, सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग में आते हैं। इन सबने इस बंद में भाग लिया।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, कटनी, विदिशा, सीहोर, देवास, ग्वालियर, झाबुआ, छतरपुर, मंदसौर, सागर, उज्जैन, रीवा, सतना, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, शहडोल,गुना, छतरपुर, एवं अन्य शहरों में आज का बंद पूरी तरह सफल रहा।’’ शर्मा ने बताया कि अधिकतर शहरों में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर रैलियां निकालीं और संबंधित प्रशासन को ज्ञापन सौंपे।

भिंड के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरूकरण सिंह ने बताया कि भिंड जिले में धारा 144 का उल्लंघन करने के मामले में पुलिस ने भाजपा विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह के बेटे पुष्पेन्द्र सिंह को हिरासत में लिया है।प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल विदिशा सहित अन्य शहरों में कई लोगों ने ऐसी टोपी एवं टी-शर्ट भी पहन रखी थी, जिस पर लिखा था – ‘‘मैं हूं माई का लाल।’’ गौरतलब है कि चौहान ने कथित तौर पर कहा था, ‘‘हमारे रहते कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।’’ संभवत: इसी को लेकर लोगों ने इस तरह की टोपी पहन रखी थी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा, ‘‘मध्यप्रदेश शांति का टापू है। प्रदेश की शांति को किसी की नजर न लगे, इसलिए आत्मीयता व सद्भाव बढ़ाएं। मैं सबके लिए हूं। प्रदेश के हर नागरिक के लिए द्वार खुला हुआ है। आप सबसे प्रार्थना है कि मिलकर व प्रेम से काम करें। कोई बात हो तो शांति से कहें, ताकि अपने प्रदेश की कानून व्यवस्था न बिगड़े।’’ मुख्यमंत्री के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल स्थित अपनी फूलों की दुकान बंद रखी। वह ओबीसी वर्ग में आते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने बंद के मद्देनजर प्रदेश के अधिकतर जिलों में एहतियाती तौर पर धारा 144 लगाई थी और समूचे प्रदेश में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये थे।

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