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मध्यप्रदेश में 69.09 फीसदी वोटिंग मतदान

भोपाल। मध्यप्रदेश में बुधवार को लोकतंत्र के पर्व का दिन है। इस दिन विधानसभा चुनाव 2018 के लिए मतदान किया जा रहा है। इस बार करीब डेढ़ लाख नए मतदाता भी पहली बार वोट डाल रहे हैं। कुछ स्थानों पर ईवीएम खराब होने की खबर है, वहीं भिंड में ईवीएम में तोड़फोड़ की खबर है। शाम 5 बजे मतदान खत्म हो गया है। शाम 5 बजे तक 69.09 प्रतिशत से अधिक मतदान की खबरें हैं। शाम 7 बजे तक यह आंकड़ा और भी बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के मतदान में हिस्सा लेने के लिए मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस बार चुनाव आयोग की अच्छी तैयारियों के चलते अच्छा-खासा उत्साह देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह भी है कि सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली वोटिंग से पहले ही मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच गए थे।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बुधवार को वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के शाम 6 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक 75% मतदान हुआ। यह 2013 चुनाव से करीब 3% ज्यादा है। छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद मध्यप्रदेश में पहली बार 2003 में मतदान हुआ था। तब 67.25% वोट पड़े थे। यह 1998 में संयुक्त मध्यप्रदेश में हुए मतदान से करीब 7% ज्यादा था।

2003 में राज्य की 230 सीटों में से भाजपा को 173 और कांग्रेस को 38 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद 2008 के चुनाव में 69.28% वोटिंग हुई, तब भाजपा को 143 और कांग्रेस को 71 सीट मिली। 2013 में राज्य में रिकॉर्ड 72.07% वोटिंग हुई। इस चुनाव में भाजपा को 165 और कांग्रेस को 58 सीटों पर जीत मिली।

वोटिंग प्रतिशत के लिहाज से पिछले 4 चुनावों का आंकलन करें तो जब-जब वोटिंग में ज्यादा इजाफा हुआ है, तब-तब राज्य में भाजपा को सीटों का फायदा हुआ है। मध्यप्रदेश में पहली बार 1951 में वोट पड़े थे। 70% से ज्यादा वोटिंग अब तक राज्य में सिर्फ 2 बार 2013 और 2018 में हुई है।

 

अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर नए मप्र में अब तक की ऐतिहासिक वोटिंग करके वोटर ने अपनी ताकत दिखा दी। बुधवार को दिनभर उतार-चढ़ाव और दोपहर के समय धीमी गति से वोटिंग के बाद जैसे ही दिन ढला वोटर ऐसे एक्टिव हुए कि मप्र में 75 फीसदी वोटिंग करके इतिहास बना दिया।

यह 2013 के चुनाव परिणाम से (72.18%) से 2.82 फीसदी और 2008 (69.28) से 6.72 फीसदी ज्यादा है। यानी मतदान के दिन वोटरों की जीत हुई, पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 11 दिसंबर को ही होगा। चुनाव विश्लेषकों ने पिछली बार मतदान बढ़ने के पीछे नरेंद्र मोदी  लहर का बड़ा फैक्टर बताया था, क्योंकि तब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी को पीएम इन वेटिंग घोषित किया था। केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ माहौल भी था, जिसने वोटरों को बाहर निकाला। पांच साल बाद फिर मप्र में लगभग उतने ही वोट बढ़ गए हैं।

 

लेकिन इस बार विश्लेषकों के पास कोई ठोस तर्क नहीं है। वे मानते हैं कि न चुनावी लहर है और न मुद्दों की हवा, फिर भी महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों ने जमकर वोटिंग करके गफलत में डाल दिया है। उनका कहना है कि देश में जब भी वोटिंग प्रतिशत बढ़ता है तो वह सत्ता के विरोध में जाता है, मगर मप्र में पिछले तीन चुनावों में यह बढ़ोतरी कुछ और ही परिणाम सामने रख रही है।

 

भिंड-मुरैना में प्रत्याशियों को शाम तक नजरबंद रखा गया

 

  • भिंड  जिले में प्रत्याशी राकेश सिंह, हेमंत कटारे, अरविंद भदौरिया और गोविंद सिंह को नजरबंद किया गया। भिंड व मुरैना जिले में छह जगह फायरिंग हुई।
  • मुरैना में प्रत्याशी रुस्तम सिंह, रघुराज कंसाना, बलवारी दंडोतिया को पुलिस ने वोटिंग शुरू होने के साथ ही नजरबंद कर दिया। मतदान के बाद छोड़ा।
  • शुजालपुर  में पीठासीन अधिकारी भाजपा नेता की होटल में जाकर सो गया। कांग्रेस के वीडियो वायरल करने के बाद कलेक्टर ने उसे सस्पेंड कर दिया।
  • हरदा- यहां पीलियाखाल मोहल्ले में मतदान का बहिष्कार किया गया। सड़क, बिजली, पानी की समस्या से ग्रामीण नाराज थे।
  • गुना, धार और इंदौर में एक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित तीन मतदान कर्मियों की ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से मौत हो गई।

दौरों का इफेक्ट : मोदी का 9 तो राहुल का 4 जगहों पर असर, वोट प्रतिशत बढ़ा

 

नरेंद्र मोदी

 

सीट 2013  2018
जयसिंह नगर 72.80%  75%
ग्वालियर पूर्व 53.87%  59%
छिंदवाड़ा 78.10% 79%
इंदौर-2 63.82% 71%
झाबुआ 54.41% 74%
रीवा 62.49% 67%
मंदसौर 80.86% 81.27%
विदिशा 71.87% 72%
जबलपुर केंट 63.86% 67%

 

 

राहुल गांधी 

 

सीट  2013 2018
देवरी  71.32% 73%
बरघाट 79.45% 71%
मंडला 73.78% 75%
बासोदा 73.51% 69%
भोजपुर 71.74% 70%
बुदनी 79.20% 71%
सागर 64.12% 65%
दमोह 71.29% 72%
टीकमगढ़ 72.19 % 68%

टॉप-5 : वोटिंग सीट

 

सबसे ज्यादा 

 

इछावर 90%
सीहोर 89%
सैलाना 88%
मल्हारगढ़ 86%
सिलवानी, सोहागपुर 85%

सबसे कम 

 

ग्वालियर पूर्व 59%
नरेला 65.4%
हुजूर 69.6%
जोबट, मेहगांव, जौरा 63%
भोपाल दक्षिण-प. 62.5%

 

रात 1:30 बजे तक के आंकड़े … चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार।
मतदान की पांच खास बातें 

 

  • इस बार रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग। 2013 (72.18) के मुकाबले 2.82% ज्यादा।
  • 2126 वीवीपैट खराब हुईं, जो कि कुल मशीनों का 3.25 फीसदी है।
  • 883 ईवीएम खराब हुईं, संभवत: अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
  • 43 सीटें ऐसी, जहां 80% या इससे ज्यादा वोटिंग हुईं। पिछली बार ऐसी 27 सीटें थीं।
  • पूरे प्रदेश में 80 साल से अधिक उम्र के वोटर्स की संख्या भी इस बार ज्यादा रही।

 

पिछले चार विधानसभा चुनावों में मध्यप्रदेश में वोटिंग और परिणाम: 

 

साल वोट %  भाजपा कांग्रेस
1998  60.72 119 172
2003 67.25 173 38
2008  69.28 143 71
2013  72.07 165  58

 

नोट: 1998 में संयुक्त मध्यप्रदेश में 320 सीटें थीं।

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