Breaking News

मना भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक और श्री हेमचन्द्रसागर सूरि जी का 65 वां जन्मोत्सव

प्रसंग – ऐतिहासिक प्रतिष्ठा महोत्सव के आयोजन का

मंदसौर। नगर की पावन धरा पर 25 जनवरी को जैन समाज के भगवान श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ अंजनशलाक (मंदिर) का प्रतिष्ठा एवं पन्यास पद प्रदान महोत्सव बंधु बेलड़ी पू आचार्य श्री जिनचंद्रसागरसूरिजी मसा एवं पू आचार्य श्री हेमचन्द्रसागर सूरिजी मसा की प्रेरणा एवं निश्रा में होना है। जिसके लिए प्रतिदिन आयोजनों में पूजन विधान किए जा रहे है। 21 जनवरी सोमवार को पंच कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक हुआ। सुबह 9.30 बजे आचार्य श्री जिनचन्द्रसागरसूरि जी मसा ने नवनिर्मित मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ का जन्मकल्याणक का वाचन मंत्रोच्चार के साथ किया। मंत्रोच्चार विधिकारक कुक्षी से आए हेमन्तभाई द्वारा किया गया व संगीतकार पालिताणा से आए अमितभाई व उनकी टीम द्वारा कई स्त्वन प्रस्तुत किए। मंदिर में जन्मकल्याणक पूजन संपन्न होने के बाद। रंगमंडप वाराणसी नगरी में भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक नाटिका का मंचन किया गया। जिसमें 56 बालिकाओं ने भगवान पार्श्वनाथ के जन्म का उत्सव मनाया। महोत्सव में 64 इंद्रो द्वारा मेरू पर्वत पर परमात्मा का अभिषेक किया गया। वाराणसी नगरी के नाम से बने विशाल डोम में शानदार प्रस्तुति देखने के लिए बड़ी संख्या में नगर के धर्मप्रेमी लोग उपस्थित थे।

मना 65 वां जन्मोत्सव

बंधु बलेडी आचार्य श्री हेमचन्द्रसागर सूरिजी का मसा का 65 जन्मोत्सव भी 21 जनवरी को मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी श्रावक श्राविकाओं ने आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्यश्री ने भी सभी अभिमंत्रित वासक्षेप देकर आशीर्वाद प्रदान किया।

मिलेगी पन्यास पद की पदवि

बंधु बलेडी आचार्य के समुदाय के दो गणिवर्य पपू श्री प्रसन्नसागर जी मसा और पपू विरागसागरजी मसा को 23 जनवरी को आचार्यश्री पन्यास पद की पदवि देगे। जिसकी शुरूआत सोमवार से मसा के कपड़ों के केशरिया रंग में रंगने से हो गई। पन्यास पद के बाद दोनो मसा जैन समाज के आगामें को वाचन कर पाएंगे।

आज होने यह आयोजन

आज 22 जनवरी को प्रातः 8.30 बजे नामकरण, पाठशाला गमन और प्रियवंदा दासी द्वारा जन्म बधाई का आयोजन होगा। इसके बाद सायं 7.30 बजे एक शाम गुरूमैयया के नाम नाट्य प्रस्तुति चिद्-अर्हम् बालिका मंडल द्वारा कि जाएगी। प्रतिदिन शाम को तलेरा विहार में संगीतमय भक्ति का आयेाजन भी किया जा रहा है। समिति ने सभी धर्म प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में भाग लेने का निवेदन किया है।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts