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मनीष प्रह्लाद दादा को गोली मारने के बाद वो केसे मंदसौर से फरार हुआ?

मंदसौर. पुलिस अधीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने बताया कि आरोपी मनीष बैरागी ने 17 जनवरी को सुबह सुचित्रा टॉकीज के पास उसके दोस्त अजय जाट से पिस्टल ली। उसके बाद उसने गांधीनगर की झाडिय़ों में ट्रायल लिया। उसके बाद आरोपी को जानकारी थी कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार लोकेंद्र कुमावत की दुकान पर रोज जाते है। आरोपी ने रैकी। और वह कोठारी ट्रेवल्स के वहां जाकर इंतजार कर रहा था। जैसे ही नगर पालिका अध्यक्ष बाहर आए। आरोपी मनीष ने जाकर तीन फायर किए। दो सिर में और एक पेट में। उसके बाद जब उससे बुलैट स्टार्ट नहीं हुई तो वह बाइक छोड़ पैदल भागा। उसके बाद सुचित्रा टॉकीज की दिवार कूदने के दौरान उसके पैर में चोट आ गई। वह अंकुर अपार्टमेंट के पीछे ऑफिस पहुंचा। वहां दरी के नीेचे पिस्टल छुपाकर शुक्ला कॉलोनी होते हुए रेलवे स्टेशन गया। जहां कृषि महाविद्यालय से सीतामऊ फाटक पहुंचा। वहां से सीतामऊ होते हुए गरोठ पहुंचा। वहांसे फिर वह भवानीमंडी होकर उदयपुर भाग गया। प्रेस वार्ता में दो भाजपा नेताओं की मौजूदगी साजिश रचने की प्रश्र पर कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। कोई भाजपा नेता इसमें शामिल नहीं है। इस पूरे मामले को मनीष ने ही अंजाम दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की 25 हजार रूपए और चुनाव जीतने के बाद कोई फायदा नहीं पहुंचाने को लेकर आरोपी मनीष बैरागी ने हत्या कर दी है। इस बात का खुलासा कंट्रोल रूम पर आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने किया। पुलिस ने आरोपी मनीष को पिस्टल देने वाले अजय जाट को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसे पुलिस रविवार को न्यायालय में पेश करेगी। पुलिस ने आरोपी मनीष को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 23 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस ने अंकुर आपर्टमेंट के पीछे उसके ऑफिस में दरी के नीचे से बरामद की। पुलिस ने 32 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन एवं सात जिंदा कारतूस बरामद किए।

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