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मनीष बैरागी गिरफ्तार : प्रहलाद दादा की हत्या कर भागा था….

  • राजस्थान पुलिस को मिला मंदसौर के नपा अध्यक्ष का हत्यारा
  • पुलिस आरोपी से पूछताछ कर हत्या करने के पीछे की वजहें जानने की कोशिश कर रही है।
मंदसौर,19 जनवरी (Hello Mandsaur) मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष और बीजेपी नेता प्रहलाद बंदवार हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनीष बैरागी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष बैरागी को राजस्थान के प्रतापगढ़ से शुक्रवार को देर रात गिरफ्तार किया। मंदसौर पुलिस ने आरोपी मनीष बैरागी की तलाश में छह टीमें गठित की थीं। नपाध्यक्ष की हत्याकर राजस्थान के प्रतापगढ़ भागने वाले आरोपी मनीष बैरागी को प्रतापगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने कहा- वह मंदसौर पुलिस द्वारा एनकाउंटर के डर से राजस्थान के प्रतापगढ़ भाग गया था। प्रतापगढ़ कोतवाली थाने में वह सरेंडर करने वाला था। प्रतापगढ़ में ही सरेंडर करने के सवाल पर उसने कहा- उसे पता चला था कि प्रतापगढ़ जेल में मोबाइल चलाने को मिलता है। यहां कई बड़े अपराधी रहते हैं। इस जेल में रहने से उसे सभी सुविधाएं मिल जातीं। मैं प्रतापगढ़ जेल में रहते हुए डान बनना चाहता था।

बीजेपी नेता की हत्या के बाद आरोपी मनीष बैरागी के प्रदेश से बाहर फरार होने के इनपुट पुलिस को मिले थे। मंदसौर पुलिस ने इस इनपुट के सहारे राजस्थान पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने मनीष बैरागी को देर रात प्रतापगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मनीष बैरागी को मंदसौर लाने के लिए मंदसौर पुलिस की एक टीम राजस्थान पहुंच गई। पुलिस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को लेकर मंदसौर पहुंचेगी, जहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी नेता की हत्या में शामिल मनीष बैरागी के बीजेपी कार्यकर्ता होने की बात से बीजेपी नेताओं ने कन्नी काट ली। मंदसौर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात में पूरी घटना की सही तरीके से जांच और जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी नेताओं के साथ फोटो होने से हर कोई बीजेपी कार्यकर्ता नहीं हो जाता।

मंदसौर के स्थानीय नेता भी मनीष बैरागी को बीजेपी कार्यकर्ता मानने से इंकार करते नजर आए, वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेता की हत्या के बाद से मुख्य आरोपी मनीष बैरागी के कई ऐसे फोटो वायरल हुए है जिसमें मनीष बैरागी बीजेपी नेताओं के साथ खड़ा नजर आ रहा है।

10 दिन पहले बना लिया था हत्या का प्लान : नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या की स्क्रिप्ट गुंडे मनीष बैरागी ने 10 दिन पहले रामटेकरी कॉर्नर स्थित अपने ऑफिस में लिख दी थी। इसकी साजिश रचने के दौरान वहां भाजपा के दो नेता भी मौजूद थे। इसी को गुरुवार शाम 7 बजे बुलेट सवार मनीष ने नई आबादी क्षेत्र में अंजाम दिया। वह पहले कई बार नपाध्यक्ष बंधवार से कह चुका था- ‘दादा रुपए लौटा दो वरना कभी भी नपा के उपचुनाव करवा दूंगा।’ बंधवार इन शब्दों की गंभीरता समझ नहीं पाए, जिससे उनकी जान चली गई।

सुपारी देने के ढूंढ रहा था शूटर, ना मिलने पर खुद ने ही चला दी गोली
बताया जा रहा है कि मनीष बैरागी इस हत्या की सुपारी देने के लिए दो तीन जगह जाकर शूटरों से चर्चा कर चुका था। हालांकि उसने बंधवार का नाम किसी को नहीं बताया था। यह जरूर कहा था कि रुपए अच्छे मिलेंगे। इसके बाद भी सभी ने उसे मना कर दिया था। उन्होंने कुरेदकर पूछने की कोशिश भी की थी कि नाम तो बता पर मनीष ने नहीं बताया था। इसके बाद गुरुवार शाम को मनीष ने खुद ही हत्या कर दी। शुक्रवार को पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया था कि बुधवार को गोली मारने वाला स्वयं उनका करीबी और भाजपा नेता मनीष बैरागी पिता मोहनलाल बैरागी है। मौका मुआयना करने पर पुलिस को एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई थी जो कि भाजपा कार्यकर्ता  मनीष बैरागी की ही थी। जो अक्सर भाजपा के बड़े बड़े नेताओं के साथ नजर आता रहता है।  मनीष बैरागी पर कई आपराधिक मामले दर्ज भी हैं ,जिनमें हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामले भी हैं । पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए यह साफ कर दिया कि ,मनीष बैरागी ने ही प्रहलाद बंधवार की हत्या की है। बताया जा रहा है कि विवाद मंदसौर के रिहायशी इलाके की एक जमीन के आवंटन को लेकर हुआ था ।बैरागी पर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स के करीब आधा दर्जन अपराध पंजीबद्ध मामले दर्ज किए गए है। 

किसी भी दोषी बख्शा नही जाएगा- कमलनाथ
घटना के बाद से ही प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। जिसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी कर कहा था कि जो भी दोषी है उसे पकड़ा जाएगा, मेरी सरकार ऐसी दोषियों को बख्शेगी नहीं। मामले में दो अपराधियों पर नामजद प्रकरण दर्ज है। सीएम ने बताया कि उनके बेटे ने ही नाम दर्ज कराया है, इसमें बड़ी जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। हत्या के मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। वहीं शिवराज सिंह के कांग्रेस सरकार पर लगाये जा रहे आरोपों पर कमलनाथ ने कहा उनके पास अब करने के लिए बचा क्या है। शिवराज ने कहा था मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था ठप्प हो गयी है। इसको लेकर शिवराज सिंह चौहान ने सीएम को पत्र लिख कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं। वहीं कमलनाथ ने कहा है कि आरोपी भाजपा से ही जुड़ा है। हालाँकि पार्टी इस बात को नकार रही है और बताया है कि मनीष बैरागी का भाजपा से कोई सम्बन्ध नहीं है और वह कभी भाजपा का कार्यकर्ता नहीं रहा।

यह है मामला : गुरुवार शाम 7 जानकारी बंधवार (56) परिचित के घर पर आयोजित शादी-समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इस दौरान वे मित्र नई आबादी निवासी लोकेंद्र कुमावत की दुकान पर रुके। उन्होंने लोकेंद्र के नौकर को लिफाफा और 500 रुपए खुल्ले कराने भेजा। बंधवार दुकान के बाहर ही खड़े रहकर नौकर का इंतजार कर रहे थे। तभी बुलेट (सीआईयू 1834) पर सवार होकर एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा। उसने नपाध्यक्ष की कनपटी पर बहुत ही करीब से नाइन एमएम पिस्टल से गोलियां दागी और बुलेट छोड़कर वहां से भाग गया। इसी दौरान वहां नयापुरा जैन मंदिर के पास निवासी दिनेश लोढ़ा पहुंचे। उन्होंने नपाध्यक्ष को पहचाना और ऑटो से उनको जिला अस्पताल पहुंचाया।

पहले नमस्ते किया फिर मार दी गोली : सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला के अनुसार प्रत्यक्षदर्शी लोकेंद्र कुमावत ने बताया कि वारदात का आरोपी मनीष बुलेट पर सवार हाेकर आया था। उसने पहले बंधवार से नमस्ते किया। इसके बाद कुछ बात कर रहा था तभी दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसी दौरान मनीष ने जेब से पिस्टल निकाली और बंधवार पर दो फायर किए। पुलिस को भी मौके से दो खाली खोखे मिले हैं।

आरोपी 5 लाख रुपए का भर रहा था ब्याज, इससे था नाराज : हत्या के पीछे कारण रुपयों का लेन-देन सामने आया है। इसके अंतर्गत बंधवार के चुनाव में मनीष बैरागी ने 5 लाख रुपए ब्याज पर लेकर खर्च किए। इसके बाद जब बंधवार चुनाव जीत गए तो मनीष ने उनसे रुपए वापस मांगे। इस पर नपाध्यक्ष ने पहले तो कुछ दिन में रुपए देने की बात कही लेकिन बाद में रुपए नहीं दिए। तभी से मनीष 5 लाख रुपए का ब्याज दे रहा था। इसके बाद नपाध्यक्ष ने एक बार रुपए मांगने पर उसकी गुमटियां हटवाने की भी धमकी दी। इसी बात से मनीष नाराज चल रहा था। गुरुवार को भी वह रुपए मांगने नपाध्यक्ष के पास पहुंचा। यहां विवाद हुआ और उसने फायर कर दिया।

मनीष हथियार तस्करी का भी आरोपी

  • 2004 में सिटी कोतवाली ने चोरी का केस दर्ज किया।
  • 2008 मनीष ने गोल चौराहा स्थित कुमावत मेडिकल संचालक मुकेश कुमावत पर फायर किया। उसके घर दबिश में 40 किलो डाइकोफिन मिला। पुलिस ने एनडीपीएस की धाराओं में केस दर्ज किया।
  • 2017 में रतलाम जिले के रिंगनोद थाने में भी अवैध हथियार खरीद-फरोख्त का केस दर्ज हैं।

बंधवार का राजनीतिक करियर
20 जून 1962 को जन्मे प्रहलाद बंधवार भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता थे। वह 80 के दशक से पार्टी से जुड़े थे। 1987 से 1992 में भाजयुमो में जिला महामंत्री रहे। इस दौरान 1997-98 से 2003 तक भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष का पद भी संभाला था। बाद में भाजपा जिला महामंत्री भी रहे। 2005 में पहली बार उन्हें भाजपा ने नगर पालिका अध्यक्ष के लिए मैदान में उतारा था। उस समय वे कांग्रेस के पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल को लगभग 13 हजार मतों से हराकर विजयी हुए थे। इसके बाद 2010 को नपाध्यक्ष पद से हटने के बाद जिला महामंत्री बने थे, फिर दिसंबर 2015 में हुए नपा चुनाव में पार्टी ने फिर से बंधवार को नपाध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया था। इस बार उन्होंने सोमिल नाहटा को लगभग 6700 मतों से पराजित किया था। इसके बाद से अभी उनका कार्यकाल चल ही रहा था।

 

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