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मन्दसौर में कोरोना को हराना है तो बहुत कसरत करने पड़ेगी

मन्दसौर। कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी कोरोना को हराना संभव नहीं हो पा रहा है। अगर छोटी-छोटी बातों पर प्रशासन ध्यान दें तो कोरोना पर विजय हासिल की जा सकती है। छोटी बातों को नजरअंदाज करने या उन पर ध्यान नहीं देने से कोरोना फैल रहा है। कई जगह लापरवाही उजागर हुई है जिन्हें दैनिक मालवा मेवाड़ का सवेरा द्वारा प्राथमिकता से उठाकर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है। वर्तमान में प्रशासन इस बात का पता नहीं लगा पा रहा है कि जिले के कितने लोग ऐसे हैं जो कोरोना के लक्षण दिखने के बाद प्रशासन को जानकारी दिए बगैर ही राजस्थान वह मध्यप्रदेश के बड़े अस्पतालों में जाकर बाहर इलाज करवा रहे हैं। इसकी जानकारी निकालने के लिए प्रशासन को पूरे जिले में एक साथ सर्वे करना पड़ेगा जिसमें परिवार में कितने सदस्य हैं और कितने घर पर मौजूद हैं, अगर कोई बाहर है तो किस कारण से हैं और जो बाहर है उस व्यक्ति से सर्वेयर की बात कराई जाए ताकि यह पता चल जाए कि व्यक्ति इलाज कराने गया है या अन्य काम से। इसी तरह जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित होकर प्रशासन की देखरेख में अपना इलाज करवा रहे हैं उनके परिजनों को क्वारंटाइन किया जाना चाहिए, प्रशासन यह कर भी रहा है लेकिन कुछ रसूखदार लोग ऐसे हैं जिनके परिजन बाजारों में खुलेआम घूम कर लोगों से मिल रहे हैं, उनके घर भी लोगों का आना जाना है, ऐसे लोग कोरोना फैलाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पक्षपात पूर्ण रवैया छोड़कर शासन-प्रशासन को जल्द से जल्द कोरोना को हराने के लिए सभी संक्रमित तो को एक नजर से देख कर काम करना होगा। कुछ ऐसे लोग है जो शामगढ़ के हैं इन्हें क्वारंटाइन किया जाना चाहिए। जो लोग जयपुर व इंदौर में इलाज करवा रहे है, उनके व परिवार से जुडे़ लोगो की जानकारी प्रशासन को जुटानी चाहिये। इनमें एक पुर्व नप अध्यक्ष का भाई, एक शामगढ़ में पदस्थ डाक्टर के पिता, एक नये कोरोना संक्रमित के पिता, एक मोबाईल व्यापारी, दो सब्जीमंडी चौराहा स्थित बुजुर्ग व्यापारी व पत्नी बाहर जयपुर उपचार करवा रहे है। इन सभी के व्यापारिक संस्थान बंद व परिजन क्वारंटाईन होना चाहिये। घर पर आवागमन रुकना चाहिये। यही चलता रहा तो पैसे वाले तो इलाज कराते रहेंगे और गरीबो के पल्लै कोरोना पडे़गा।

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