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मन्दसौर सांसद के नााम पर ठगी का मामला आया सामने

  • खुद को मंदसौर सांसद बताकर की वारदात -एक बदमाश ने इंदौर का पुलिसकर्मी बनकर फरियादी से आधार कार्ड, फोटो व अन्य कागजात लिए
  • -मुख्यमंत्री सहायता कोष से राशि दिलवाने के नाम पर की ठगी, आज होगा पर्दाफाश

उज्जैन/मन्दसौर। मुख्यमंत्री सहायता कोष से दोस्त की बीमार पुत्री का इलाज करवाने का झांसा देकर एक बदमाश ने पांच लाख रुपए ठग लिए। उसने दोस्त को झांसे में लेने के लिए मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता के नाम का भी उपयोग किया। फर्जी व्यक्ति ने सांसद बनकर फरियादी से बात की। इसके अलावा एक बदमाश ने इंदौर का पुलिसकर्मी बनकर भी फरियादी से आधारकार्ड, फोटो व अन्य कागजात ले लिए थे। शनिवार को पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों को हिरासत में ले लिया। सोमवार को पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

चिमनगंज टीआई जितेंद्र भास्कर ने बताया कि भागीरथ पिता मोहनलाल बाथम निवासी तिरुपति गोल्ड का मछली का कारोबार है। बाथम की तीन वर्षीय पुत्री का सिर बड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार बालिका के सिर में पानी भरा है। इसका ऑपरेशन किया जाना है। इस पर ज्यादा पैसा खर्च होगा। बाथम इलाज को लेकर परेशान था। इस दौरान उसका दोस्त रोहित शर्मा करीब डेढ़ साल पूर्व बाथम के घर आया था। बाथम की पुत्री को देखकर उसने झांसा दिया था कि वह मुख्यमंत्री सहायता कोष से करीब 15 लाख रुपए दिलवा देगा। इससे बालिका का ऑपरेशन आसानी से हो जाएगा। बाथम से उसने कहा था कि उसका एक दोस्त भूपेंद्रसिंह इंदौर में पुलिस विभाग में पदस्थ है। उसकी मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता से अच्छी बातचीत है। इसके बाद भूपेंद्रसिंह ने बाथम को फोन कर उससे आधार कार्ड, बेटी का फोटो, डॉक्टर की रिपोर्ट व अन्य कागजात मंगवाए थे। धीरे-धीरे बाथम से 5 लाख रुपए ले लिए।

सांसद से बात करवाने का भी दिया झांसा

बाथम के अनुसार बीमारी के इलाज के लिए रुपए स्वीकृत करवाने का झांसा देने के लिए रोहित व भूपेंद्रसिंह ने उसकी बात मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता से भी करवाई थी। हालांकि बाद में पता चला कि जिस नंबर से उसकी बात करवाई गई है वह फर्जी नंबर है। सांसद गुप्ता बनकर किसी फर्जी व्यक्ति ने बाथम से बात की थी।

7 लाख की फर्जी रसीद भी दी

बाथम के अनुसार रोहित व भूपेंद्र ने उससे 5 लाख रुपए देकर 7 लाख रुपए की रसीद देकर कहा था कि जल्द ही उसके खाते में ये रुपए आ जाएंगे। इन रुपए के जमा होने के एक माह बाद 8 लाख रुपए और आ जाएंगे। मगर एक माह बाद भी रुपए नहीं आए तो बाथम पंजाब नेशनल बैंक की कंठाल शाखा पर गया था। यहां उसे बताया गया कि 7 लाख रुपए की रसीद फर्जी है। इसके बाद से ही वह चिमनगंज थाने के चक्कर लगा रहा था। मगर पुलिस ने उसकी शिकायत नहीं सुनी। आखिकार दूसरे दोस्त राकेश सोनगरा के साथ मिलकर विधायक से शिकायत की। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया।

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