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मन्‍दसौर में जारी है काग्रेस V/s कांग्रेस का दंगल देखते है कौन जितेगा!

लडाई तो शहर कांग्रेस में कांग्रेस की कांग्रेस से है अर्थात दोनों खेलने वाली टीम कांग्रेस है पर मेच बीजेपी जीत रही है यह बड़ा ही रोचक है कि दोनों खेलने वाले के अलावा बाहर वाला मैच जीत रहा है। खेर इसमें दोष खेलने वाली टीम का है कि खेलना तो विरोधी से है पर आपस में ही खेल खेल कर अपने आप को कमजोर कर ही है कांग्रेस और इसका पूरा लाभ बीजेपी उठा रही हैा ओर बीजेपी जीत के घमंड में चूर होकर अपनी मन मानी कर रही है। क्‍यों कि उसके सामने मजबूत विपक्ष है ही नहीं ओर इसका नूकसान जनता को हो है। लेकिन जनता करे तो क्‍या करे पार्टिया अपनी राजनिति में लगी है ओर जनता सह रही है। अब इसमे यह समझ में नहीं आ रहा है कि बीजेपी का ज्‍यादा या कांग्रेस का ज्‍यादा कसूर है जो कि जनता को परेशानी हो रही है उसका अर्थात कमजोर विपक्ष का या मजबूत सरकार का!
जिले में लंबे समय से कांग्रेस ने समय-समय पर समस्याओं को लेकर जो प्रदर्शन किए उनमें आम कार्यकर्ता तो ठीक पर कांग्रेस के सभी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधी तक नहीं थे। अधिकांश कार्यक्रम औपचारिक रहे। इसका एक बड़ा कारण कांग्रेस में गुटीय लड़ाई बताया जा रहा है। पिछले कुछ समय से पूर्व मंत्री महेंद्रसिंह कालूखेड़ा मंदसौर संसदीय क्षेत्र में सक्रियता दिखा रहे है। उज्जैन दुग्ध संघ के संचालक के नाम पर वे गांव-गांव में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मिल रही है और कार्यक्रमों में सहभागिता कर रहे है। इस गुट के कार्यक्रमों से जिला कांग्रेस कमेटी ने दूरी बना रखी है। कई बार सार्वजनिक तौर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातडिय़ा सहित कई पदाधिकारी महेंद्रसिंह कालूखेड़ा के कार्यक्रमों को अनुशासनहीनता बता चुके है। उनके कट्टर समर्थक पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश काला पर सामातंर कांग्रेस चलाने का आरोप लग रहे है। महेंद्रसिंह कालूखेड़ा ने कहा कि वे मंदसौर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूती दे रहे है। जो हजारों मतों से दो-दो बार चुनाव हार चुके है। ऐसेकांग्रेसनेताओं केा मुख्य धारा रखने से कांग्रेस का जनाधार कभी नहीं बढ़ सकता। कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की फौज है अब नए जुझारू लोगों को आगे लाने होगा। वर्तमान में हजारों लाखों मतों से हारे हुए नेता जिले में कांग्रेस चला रहे है। वहीं जिलाकांग्रेसअध्यक्ष प्रकाश रातडिय़ा ने कहा कि कांग्रेस लगातार समसामायिक समस्याओं को उठा रही है। आमजनता की लड़ाई लड़ रही है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रमों के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। कुछ कांग्रेस पार्टी से परे सामातंर गतिविधियां चलाकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे है। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश काला ने कहा कि वे कांग्रेस रीतिनीति के तहत ही जिले में सक्रिय है। गांव-गांव में महेंद्र सिंह कालूखेड़ा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन कर बीजेपी की खराब नीतियों का विरोध कर रहे है। मंदसौर जिले में इस कारण से हाशिए पर चली गई कांग्रेस

जिले में कांग्रेस की स्थिति लंबे अरसे से खासी कमजोर है। पंद्रह साल में कई जगह कांग्रेस हाशिए पर चली गई है। जिले के नगर पालिका हो या नगर परिषद्, जिला पंचायत हो या जनपद पंचायतें लगभग सभी पर भारतीय जनता पार्टी काबिज है। जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों के सरपंच भी भाजपा समर्थित ही है। राजनीतिक विश्लेषक एवं कांगे्रस के कई वरिष्ठ नेताओं को मानना है कि यहां कांग्रेस अपनी विचार धारा से भटकी। और कार्यकर्ता नेता विशेष से जुडऩे लगे। कांग्रेस में गुटबाजी को अनिवार्य बना दिया गया। जनाधार वाले नेताओं की उपेक्षा की गई। और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी संगठन में जगह नहीं दी। हारे हुए नेता संगठन पर काबिज है। इन सब वजह से ही जिले में कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही है।

जनाधार एवं जनता द्वारा चुने गए नेताओं की संगठन में उपेक्षा
करीब 50 से अधिक कार्यकर्ताओं से कांग्रेस संगठन को लेकर चर्चा की। इसमें कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और निर्वाचित जनप्रतिनिधी भी शामिल है। लगभग सभी ने एक बात प्रमुख रूप से कही कि जिले में लगातार जनाधार खोते जा रहे नेताओं को संगठन में जगह मिलती रही है। हारे हुए नेताओं को तवज्जों दी जाती है। ऐसे नेताओं के पोस्टर बैनर पर फोटो लगाकर वोट मांगे जाते है। आम कार्यकर्ताओं की पूछ परख संगठन में लगातार कम होती जा रही है। जनाधार व जनता द्वारा चुने गए नेताओं की संगठन में उपेक्षा हो रही है। मेहनतकश एवं योग्यता रखने वाले कार्यकर्ताओं को आगे नहीं आने दिया जा रहा है। गुटबाजी चरम पर है।

फीके प्रदर्शन, आमजन ने बनाई दूरी
ब्लॉक कांग्रेस कमटियां आमजन की समस्याओं को लेकर विगत कई सालों से औपचारिक प्रदर्शन तक सीमित रही है। जिला कांग्रेस कार्यक्रम हो चाहे ब्लॉक कांग्रेस का उनमें निर्वाचित जनप्रतिनिधि तो दूर अधिकांश पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शरीक नहीं होते है। उनके विरोध प्रदर्शन इतने फीके होते है कि आमजन तवज्जों ही नहीं देते है। युवक कांग्रेस से आम युवक दूर होता जा रहा है। अधिकांश युवक कांग्रेस कार्यकर्ता भी पार्टी के अंदरूनी चुनाव के तहत पदाधिकारी बनाने की प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है। एक वरिष्ठ नेता ने तो नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जिले में कांग्रेस के कई दिग्गज व्यवसायिकता के चलते दूसरी पार्टियों के नेताओं से संबंध बनाकर चलते है। इससे संगठन कमजोर हो रहा है।

नेताओं की बजाए पार्टी की विचाराधारा से जुड़े कार्यकर्ता
पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि जिले में संगठन कमजोर है। यह बात स्वीकारने में कोई एतराज नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ता नेताओं से जुडऩे के बजाए पार्टी की विचाराधारा मजबूत होगी तो संगठन अपने आप मजबूत होगा। आवश्यकता है कि योग्य एवं मेहनतकश लोगों को आगे लाया जाए। जनाधार वाले नेताओं को संगठन में तवज्जों मिले।

चुनाव में बार-बार हार रहे नेताओं से नहीं चलता संगठन
पूर्व मंत्री एवं मुगांवली विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने कहा कि मंदसौर संसदीय क्षेत्र में कांगे्रस संगठन कमजोर है। जो लोग बार-बार चुनाव हार रहे है। वे संगठन को चला रहे है। हारे हुए नेताओं के फोटो पोस्टर बैनर पर लगाकर वोट मांगे जाते है। ऐसे में मतदाता पार्टी को पसंद नहीं कर रहा है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की लगातार उपेक्षा हो रहे है। जनाधार वाले नेताओं को पार्टी में पीछे धकेला जा रहा है। इस कारण पार्टी आम मतदाताओं का विश्वास पाने में सफल नहीं हो पा रही है।
आम कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस बूथस्तर तक तो पहुंच ही नहीं पा रही है। युवाओं को आकर्षित करने के लिए ठोस योजना नहीं है। जनाधार वाले नेताओं को दबाया जा रहा है। आज आवश्यकता है भाजपा से मुकाबला करने के लिए दबंगता की। दबंग नेताओं को आगे आना होगा। दबंग नेता आगे नहीं आ रहे है। इससे आमजन कांगे्रस से नहीं जुड़ पा रहा है। संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश काला ने कहा कि जिला संगठन अपने कार्यक्रमों में जनाधार वाले नेताओं को आमंत्रित ही नहीं करती है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को संगठन में सम्मान नहीं मिलता है। जो पूर्व में निर्वाचित होकर विभिन्न पदोंं पर काबिज रहे है। उन्हें भी संगठन में जगह नहीं मिलती है। ऐसे में संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातडिय़ा ने कहा कि संगठन की कोई कमजोर नहीं है। संगठन लगातार कांग्रेस की रीतिनीति को लेकर जनता के बीच जा रहा है। हमने पांच साल में खूब आंदोलन किए है। भाजपा धर्म, जाति के नाम पर लोगों को बरगला रही है। धनबल और बाहुबल का उपयोग कर चुनाव जीतती आई है। कांग्रेस किसान और आमजनता की सेवा कर रही है।

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