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महाचमत्कारिक महामंगलिक में उमडा जन सैलाब

प्रसंग – आध्यत्मयोगी श्री आदर्शरत्नसागर जी की गणि पदवी महोत्सव का

आदर्श मय हुआ पूरा पाण्डाल

मंदसौर। आध्यात्मयोगी श्री आदर्शरत्नसागर जी मसा की गणिपद प्रदान महोत्सव के तृतीय दिवस पर महामंगलकारी महामंगलिक का आयोजन हुआ। जिसमे बडी संख्या मे जन सैलाब उमडा। महामंगलिक को सुनने के लिए देश के अनेक स्थानो से गुरूदेव के भक्त आए तथा मांगलिक श्रवण की। गुरूदेव के पांडाल मे प्रवेश करते हुए गुरूदेव के जयकारे गुंजने लगे। भक्तो ने आदर्शरत्न सागरजी मसा को कंधे पर बिठाकर मंच तक पहुंचाया।

महामंगलिक के लिए विश्वरत्नसागरजी मसा, मृदुरत्नसागरजी मसा, आदर्शरत्सागरजी मसा का अनेक साधु मण्डल के साथ मंच पर आगमन हुआ। जिसके पश्चात प्रतापगढ के संगीतकार दीपक करणपुरिया द्वारा गुरू भक्ति पर संगीत की प्रस्तुती दी। संगीतकार करणपुरिया की प्रस्तुती ने श्रोताओ को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। महामांगलिक के पश्चात् गुरूवरों ने सभी उपस्थित जनों को वासक्षेप डालकर आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मे पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, कोमल बाफना, मदनलाल राठौड, मुकेश काला , महेंद्र चौरडिया, राजेंद्र सुराणा, संजय मुरडिया, विनोद गर्ग, रोहित परमार पूना, सीए प्रतिक डोसी, संदीप धींग, राजेश जैन उज्जैन सहित अनेक श्रद्धालुगण उपस्थित थे ।

आज निकलेगा विशाल चल समारोह
गणिपद प्रदान महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर आज दिनांक 5 जून को संयम उपकरण युक्त छाप से सुशोभित भव्यातिभव्य रथयात्रा प्रातः 8.30 बजे से अर्ग्रवाल धर्मशाला बस स्टेण्ड से निकलेगा जो विभिन्न मार्गो से होता हुआ आयोजन स्थल पर पहंुचेगा। सायं 6 बजे कुमारपाल महाराजा प्रभु की 41 हजार दीपको से महाआरती व संगीतमय दीपोत्सव, रात्रि 8 बजे संगीत सरगम का आयोजन होगा।

 

कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन, देर रात तक काव्य रचनाओं ने बॉंधे रखा श्रोताओं को
गणिपद प्रदान महोत्सव के तहत द्वितीय दिवस को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमे कवियों की काव्य रचनाओं ने देर रात तक काव्य पाठ कर श्रोताओ को बॉंधे रखा। वहॉं सब पाप कटते है जहॉं नवकार होता है …… , पशु हत्या को धर्म का नाम क्या देना …….., जो मांसाहार करते है उन्हें इंसान क्या कहना जैसी अनेक काव्य रचनाओं पर देर रात तक पांडाल मे तालियों की गडगडाहट गुंजती रही।

कवि सम्मेलन में विख्यात कवि सुरेंद्र शर्मा, अनामिका अम्बर, मुन्ना बैट्री, नम्रता जैन, हेमंत पांडे, सुनील व्यास द्वारा प्रस्तुती दी गई। व संचालन शशिकांत यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मॉं सरस्वती की वंदना के साथ हुई। पांडाल में भगवान महावीर के जयकारे गुंजते रहे।

कवयित्री अनामिका अंबर द्वारा मिले सम्मान की रेखा तो पत्थर भी जाग उठता है ….., मेरे अंदाज को अपना अंदाज दे देना………, सेना तेरा करम घर मे घुसकर मारा माजा आ गया……, दीपावली पर क्यों नही आए पापा अबकी बार…….सहित अनेक वीर रस व प्रेम रस की कविता सुनाई। कवि सुरेंद्र शर्मा द्वारा आज की पारिवारिक व राजनीतिक मनोदशा का चित्रण किया गया। कवि मुन्ना बैटरी, सुनील व्यास द्वारा हास्य रस से परिपूर्ण कविता पाठ कर श्रोताओ को खुब हसाया।

पांडाल मे गुरूदेव का रथ निकला
पांडाल मे गुरूदेव नवरत्नसागरजी का विशाल व आकर्षक रथ पहुचा । भक्तजनो ने दर्शन कर धर्मलाभ लिया । गुरूदेव के रथ को निहारने के लिए बडी संख्या मे रथ के आसपास भीड एकत्रित हो गई ।

रजत ने किया गुरूवर का जीवन चित्रण
आगरा से आए कलाकार रजत ने गुरूदेव आदर्शरत्न सागरजी के सांसारिक जीवन से लेकर, दीक्षा लेने व गणिपदवी तक पहुंचने का चित्रण अपनी कला के माध्यम से किया। रजत ने मिट्टी से गुरूदेव का जीवन चित्रण प्रस्तुत किया।

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