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महादेव मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर लाखों रूपये का भ्रष्टाचार उजागर

पलक मुच्छाल कार्यक्रम पर 5 लाख का किया जा रहा है अधिक भुगतान

मन्दसौर। भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मेेला मंदसौर में अब ऐसा लगता है कि केवल इसलिये आयोजित किया जाता है कि, भाजपा के जनप्रतिनिधि और हर मेले में नियुक्त होने वाले नगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी अपनी वर्ष भर की दरिद्रगी मेले में भाजपा नेताओं के साथ मिलकर लाखों रूपयों का भ्रष्टाचार कर दुर कर सके। यही कारण है कि लगातार 55 वर्षों से मेला आयोजित करते रहने के बाद भी मेला विश्वविख्यात होने की बजाय दिन प्रतिदिन स्तरहीन होता जा रहा है। साथ ही मेले की व्यवस्थाआंे में कोई सुधार आज तक नहीं हुआ बल्कि हमेशा की तरह भ्रष्टाचार का खेल मेले के हर कार्य में खेला जा रहा है। हमेशा की परम्परा को निभाते हुए इस वर्ष भी 55 लाख क सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले में आयोजित किये जा रहे है जिसमें 10 लाख रूपये का भ्रष्टाचार खुले रूप से प्रमाणित और उजागर हो रहा है। यह आरोप पार्षद विजय गुर्जर ने लगाया है।

आगे विजय गुर्जर ने बताया कि संलग्न कोटेशन के अनुसार पलक मुच्छाल के कार्यक्रम का वास्तविक तय मूल्य सात लाख पचास हजार रूपये (7,50,000) बनता है लेकिन मंदसौर नगरपालिका के सभी जिम्मेदार मिलकर इस कार्यक्रम का भुगतान तैरह लाख पैतालिस हजार रूपये (13,45,000) कर रहे है जो कि वास्तविक मूल्य राशि से पांच लाख पांच हजार रू. (5,05,000) अधिक है। इस प्रकार लाफ्टर कलाकार ख्यालि का वास्तविक तय मूल्य दो लाख सात हजार रूपये (2,07,000) है लेकिन मंदसौर नगरपालिका द्वारा दो लाख पित्योत्तर हजार रू. (2,75,000) भुगतान किया जा रहा है। जो कि वास्तविक राशि से अड़सठ हजार रूपये (68,000) अधिक है। इसी तरह हिमेश रेशमिया को वास्तविक तय मूल्य सोलह लाख रू. (16,00,000) है लेकिन नगरपालिका द्वारा सोलह लाख पचास हजार (16,50,000) का भुगतान किया जा रहा है जो कि वास्तविक मूल्य से पचास हजार रूपये (50,000) अधिक भुगतान किया जा रहा है। इस प्रकार हमेशा की तरह मेले में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी-कर्मचारी सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों को बुलाने के नाम पर लाखों रूपये की कलाकारी अपनी जेब भरने के लिये दिखा रहे है। जबकि जो दरे खुले रूप से बताई जा रही है उन दरों के बाद भी बंद कमरों में निगोशिऐशन और भावताव के नाम पर आर्थिक स्वार्थ अलग से भी साधा जाता है।

अंत में विजय गुर्जर ने प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल, जिला कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव से मांग करी है कि पलक मुच्छाल, हिमेश रेशमिया, लाफ्टर कलाकार ख्यालि के नाम पर इनके वास्तविक मूल्य से बहुत अधिक भुगतान मंदसौर नगरपालिका द्वारा किया जा रहा है जिसके कारण लाखों रू. का भ्रष्टाचार इन कार्यक्रम में उजागर और प्रमाणित हो रहा है। अतः इन कार्यक्रमों को जनता के धन की खुली बर्बादी को रोकने के लिये तत्काल निरस्त किया जावे।

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