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महेंद्र चोरड़िया की टायर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 4 मजदूरों गंबीर रूप से जले

मंदसौरः सत्ता के जाते ही भाजपा नेताओं के साथ घटनाएं और हादसे शुरू हो गए हैं। नगरपालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के बाद अब बीजेपी नेता महेन्द्र चौरड़िया की टायर फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ और फिर आग लग गई। हादसे के समय करीब 50 लोग अंदर थे। दरवाजा भी अंदर से बंद था इसलिए लोकल सपोर्ट देरी से मिला। प्रशासन का कहना है कि अभी संख्या नहीं बता सकते। हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है। चौरड़िया भाजपा के जिला महामंत्री हैं।

एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड 20 मिनट देरी से पहुंची। जले हुए घायलों को इधर-उधर भटकते हुए दिखा गया है। कोई उनकी मदद के लिए तैयार नहीं था। इस मामले में कलेक्टर धनराजू एस जिला अस्पताल पहुंचे और मजदूरों का हाल-चाल जानने के बाद घटनास्थल पहुंचे हैं।

बताया जा रहा है कि बीजेपी नेता महेन्द्र चौरड़िया की फैक्ट्री में 200 कर्मचारी काम करते हैं। घटना के वक्त 50 श्रमिक फैक्ट्री में मौजूद थे। फैक्ट्री मंदसौर के मुल्तानपुरा में है। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में कोई ब्लास्ट हुआ औऱ उसके बाद आग भभक उठी। देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री में आग फैल गयी, आग इतनी भीषण है कि इसकी लपटें और धुआं दूर से दिखायी दे रहा है। पूरे इलाके में धुएं का गुबार है। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है। आग कितनी भयानक है, इसका अंदाजा तस्वीरें देखकर लगाया जा सकता है। कई किलोमीटर दूर से भी काला धुंआ उड़ता नजर आ रहा है। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर फायर टैंडर पहुंच चुके हैं। लेकिन आग की लपटें इतनी तेज हैं कि काबू पाने में मुश्किल हो रही है। धीरे-धीरे कर आग पूरी फैक्ट्री में फैल गई है। इस बीच इस हादसे में झुलसे मजदूरों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया है।

शहर के समीपस्थ ग्राम मुल्तानपुरा पंचायत क्षेत्र में स्थित भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र चौरडिय़ा की टायर से तेल निकालने एवं स्क्र ब निकालने की फैक्ट्री में रविवार अपराह्न तीन बजे आग लग गई। इस दौरान वहां पर काम कर रहे करीब 10 से 12 मजदूर बेमुश्किल बाहर निकले। जिसमें से चार मजदूर आग से गंभीर रूप से झुलस गए। चारों को जिला अस्पताल लाया गया। सूचना मिलने पर कलेक्टर धनराजू एस भी जिला अस्पताल पहुंचे और पूरी जानकारी ली। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चारों को इंदौर एमवायएच अस्पताल रैफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक चारों की हालात गंभीर है। चारों 60 प्रतिशत तक झुलस चुके है। आग की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौेके पर पहुंचे। पुलिस को कर्मचारियों ने बताया कि आग शार्ट सर्किट और ड्रम का ढक्कन खोलने से लगी है। आग पर काबू पाने के लिए मंदसौर, पिपलियामंडी सहित आसपास के जिलों की फायर फाइटर बुलाईगई। लेकिन आग पर शाम सात बजे तक काबू नहीं पाया गया। फैक्ट्री के चारों और पतरे लगे हुएथे। जिनको कईजगह से जेसीबी से तोडक़र आग बुझाने का प्रयास भी किया गया। लेकिन सफल नहीं हुए।

वायडीनगर थानाप्रभारी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि मंदसौर निवासी महेंद्र चोरडिय़ा की मंगलम फैक्ट्री है। इसमें टायर से तेल व स्क्रब का कार्य किया जाता है। एक कर्मचारी ने शार्ट सर्किट से तो एक कर्मचारी ने ड्रम का ढक्कन खोलते समय आग लगाने की बात कही है। अभी इस मामले में जांच की जा रही है। कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि अंदर कोई मजदूर नहीं है। चार मजदूर घायल हुए है। चारों को जिला अस्पताल भेजा गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि आग किस कारण से लगी है। सिविल सर्जन डॉक्टर अधीर मिश्रा ने बताया कि चारों की हालात गंभीर है।चारों को इंदौर रैफर कर दिया गया। भाजपा जिला महामंत्री महेंद्र चोरडिया ने कहा कि किसी व्यक्ति के द्वारा वहां पर आग लगाई गई है।

प्रत्यक्षदर्शी दिलावर हुसैन के मुताबिक गांव में पांच साल से ये फैक्ट्री चल रही है। अभी भी बीस लोग अंदर फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वो कई बार फैक्ट्री को लेकर शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और आज ऐसा हादसा हो गया।

दूर से दिखाई दे रहा है धुएं का गुबार

मंदसौर के मुल्तानपुरा में बनी इस फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं लग सका है। जांच दल की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है, जिसने प्राथमिक जांच में पाया कि,फैक्ट्री में अचानक भीषण ब्लास्ट हुआ, जिसके चलते आग भभक उठी। देखते ही देखते इस आग ने पूरी फैक्ट्री को लपेटे में ले लिया। आग इतनी भीषण है कि, इसकी लपटें और धुआं कई किलो मीटर दूर से दिखाई दे रहा है। पूरे इलाके में धुएं का गुबार है, जिसके कारण आसपास के इलाके में लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है।

राहत कार्य जारी

घटना स्थल पर सरकारी अफसर भी पहुंच चुके हैं, जो घटना के कारणों का पता लगाने और घायलों को राहत उप्लब्ध कराने में जुटे हुए हैं। हादसे के समय फैक्ट्री के नज़दीक मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि, फैक्ट्री से धुआं निकलते देख वो फौरन वहां पहुंचा, लेकिन मुनीम ने अंदर से दरवाज़ा बंद कर रखा था। स्थानीय लोग दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुसे। उनके मुताबिक, तब तक फैक्ट्री में मौजूद करीब 4 श्रमिक बुरी झुलस चुके थे। इसके बाद तुरंत ही पुलिस को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद झुलसे हुए श्रमिकों को अस्पताल ले जाया गया। वहीं एक अन्य चश्मदीद का कहना है 4-5 लोगों को हमने बचा लिया है, लेकिन अब भी कई लोग फैक्ट्री के भीतर फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने का कार्य चल रहा है।

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