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मामला – तैलिया तालाब जहां जल नहीं भूमाफिया कर रहा है अठखेलियां

कहां गई तालाब की भूमि किन – किन लोगों ने किया कब्जा करें खुलासा

जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री रातडि़या ने लिखा मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मन्दसौर। जिला  कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश रातडिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रभारी मंत्री हुकुमसिंह कराडा, कलेक्टर मनोज पुष्प एवं नगरपालिका अध्यक्ष हनीफ शेख को पत्र भेजकर तेलिया तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने,झरने की उंचाई कम करने की जांच करने, जनसुविधाऐं बढ़ाने एवं घटिया निर्माण के संबंध में कार्यवाही हेतु अनुरोध किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि तेलिया तालाब का निर्माण 484 बीघा भूमि पर हुआ है, इसका उल्लेख झरने की दिवाल पर लगे शिलालेख पर तत्कालिन ग्वालियर रियासत के महाराजा श्री जीवाजीराव सिंधिया के संदर्भ के साथ अंकित था। वर्तमान मे इस तालाब का सीमांकन कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वर्तमान मे तालाब का परिक्षेत्र कितना है। शेष भूमिया कहां है, उन पर किनका कब्जा है और किस हैसियत से कब्जा है। अतिक्रमण चिंहित कर उसे हटाने की कार्यवाही की जावे। तेलिया तालाब के झरने के स्थल का पिछले दिनो पुर्ननिर्माण किया गया, जिसमें इसकी उंचाई कम कर दी गई है, यह कतिपय प्रभावशाली व्यक्तियो को लाभ पहुंचाने के लिये किया गया है ताकि पानी कम भरे और तालाब के जल भराव क्षेत्र से उनकी भूमिया मुक्त रह सके। दिनांक 6 जून 2017 को एक आदेश पारित कर तालाब के जल भराव क्षेत्र को कम कर दिया गया है तथा अब तक जल भराव क्षेत्र मे सम्मिलित भूमियो को इससे मुक्त घोषित किया गया है। इसके विरूद्ध जब आवाज उठी और आंदोलन हुआ तो प्रकरण का पुनरावलोकन आरंभ कर आदेश स्थगित किया गया है किन्तु अभी भी वह आदेश निरस्त नही हुआ है। तालाब के जल भराव क्षेत्र को यथावत किया जाना चाहिए। तेलिया तालाब के पिकनिक स्पाट के रूप मे विकास हेतु किये गये सभी निर्माण कार्य घटिया है तथा अल्पकाल मे ही टुट चुके है। इसकी व्यापक एवं सूक्ष्म जांच कर दोषी व्यक्तियो को चिंहित किया जाये और उन पर कार्यवाही की जावे। पिकनिक स्पॉट पर ध्वनि व प्रकाश हेतु पर्याप्त राशि व्यय की गई है, विभिन्न उपकरण कम्प्युटर आदि लगाये गये थे, जो वर्तमान मे वहां मौजुद नहीं है। इस राशि का जन हित मे उपयोग नही हुआ है। तथ्यान्वेषण कर दोषी व्यक्तियो पर कार्यवाही की जावे। तेलिया तालाब पर मछली का शिकार वर्जित है किन्तु फिर भी अवैध रूप से यह कृत्य जारी रहता है। निषेध का शक्ति से पालन सुनिश्चित किया जावे। तालाब के पानी का पेयजल के रूप मे उपयोग किया जाना सिद्वांततः स्वीकार करने के उपरांत ही इसे नगरपालिका के प्रबंधन मे दिया गया किन्तु फिर भी पानी की चोरी होती है एवं दुरूपयोग होता है, इसे रोका जावे। मन्दसौर नगर का यह ऐसा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है जहां आम जनता बडी संख्या मे दर्शनार्थ आती है। तालाब के सभी किनारो पर प्रातः काल स्वास्थ्य लाभ के लिये नागरिक पैदल घुमते है। पिकनिक स्पाट पर इनकी सुविधा के लिये जो व्यवस्थाऐ की गई थी वे सब टुट फुट गई है, क्षतिग्रस्त हो गई है। इसमे तत्काल सुधार किया जाये। श्री रातडिया ने पत्र मे नगर के अग्रणी समाजसेवी एवं कंाग्रेस नेता सुरेन्द्र लोढ़ा द्वारा तेलिया तालाब के संबंध में पिछले दिनो एक समाचार पत्र मे प्रकाशित आलेख की प्रति पत्र के साथ संलग्न करते हुए इसमे उल्लेखित सभी बिन्दुओ पर गम्भीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही हेतु अनुरोध किया है।

 

किसानों के शोक में डूबा था देश, गठजोड़ मना रहा था जश्न

स्मरण रहें कि 6 जून 17 को देश भर में चर्चित किसान आंदोलन के दौरान गोली चालान की घटना में 6 किसानों की मौत हो गई थी। इसको लेकर देश के सभी राजनीतिक दल के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए कड़ी निंदा कि थी। इस घटना को लेकर देश भर के दिग्गज मंदसौर जिले में भी पहंुचे थे। उसी दिन याने 6 जून 17 को कतिपय राजनेताओं ने भूमाफियाओं व अधिकारियों के मजबूत गठजोड़ ने तैलिया तालाब के जल भराव क्षेत्र के भूमियों को जल भराव मुक्त घोषित करने का यह घिनौना काम कर यह जता दिया था कि हमारे लिए यह दिन शोक का नहीं अपितु जश्न का है।

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