मामला – नर्सिंग होम को जमीन आवंटन का : अपने ही लगे पं दीनदयाल जी के नाम को डूबोने में

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जटिल प्रश्न सत्ता, संगठन नहीं बडा तो पूॅजीपति है

मंदसौर। नगर के आधे से अधिक क्षेत्र में जलसंवर्द्धन करने का कार्य करने वाला तैलिया तालाब पर भूमाफियों व पूंजीपतियों की अठखेलियों के मामले में सत्ता व संगठन की किर किरी हो ही रही थी कि विगत् दिनों महू नीमच रोड़ पर बेशकिमती जमीन का आवंटन एक नर्सिग होम हेतु करने का मामला उजागर होते हुए नगर में माने भूचाल गया और सबसे गंभीर मामला तो यह हैं कि जिस जमीन को नर्सिग होम संचालक को आवंटित करने की प्रक्रिया जिस तेजीे से चली। उस ही जमीन को लगभग 10 वर्ष पूर्व पं दीनदयाल उपाध्याय स्मारक ट्रस्ट ने मांगी थी। आवंटन प्रक्रिया शुरू भी हुई कुछ राशि ट्रस्ट ने जमा भी की। परंतु यह फाइल भोपाल की सत्ता के गलियारों में धूल खा रही है और इसी जमीन को नर्सिंग होम संचालक को आवंटित करने की फाइल महीनों नहीं चंद दिनों में हमसफर एक्सप्रेस की तरह भोपाल से मंदसौर पहुंच गई। मंदसौर में भी विभागों ने एनओसी जारी करने की प्रक्रिया इतनी दु्रत गति से की कि हर कोई आश्चर्य चकित रह गया।

लोक निर्माण विभाग ने तो एनओसीे जारी भी कर दी कि हमें कोई आपत्ति नहीं है आवंटन में ऐसे में नगर की जनता के सामने एक जटिल प्रश्न खड़ा हो गया कि सत्ता, संगठन या पूंजीपति में कौन बडा।

मामला जिस गोपनीय तरीके से चला और फाइल को अमली जामा पहनाने के सफल प्रयास भी हुए। लेकिन प्रशासन में बैठे कुछ इमानदार लोगों की वजह से मामला उजागर हो गया और सब हतप्रद रह गए। यही नहीं इस भूमि के आवंटन के मामले में स्थानीय विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने नगर पालिका अधिकारी को भी एनओसी जारी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि नपाधिकारी ने एनओसी जारी नहीं कि पर मामला जब मीडिया में उजागर होने के बाद विधायक श्री सिसौदिया ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह जमीन विवादित थी इसकी जानकारी मुझे नहीं थी और इसी के चलते मैने नपा को एनओसी जारी करने की बात कही थी। स्मरण रहें कि विधायक श्री सिसौदिया भी पं दीनदयाल स्मारक ट्रस्ट के उस वक्त भी सम्मानीय सदस्य थे व वर्तमान में भी वे ट्रस्ट के सदस्य है। ऐसे में विधायक श्री सिसौदिया से कहीं न कहीं कोई चूक हुई है। हालांकि इसके पूर्व भी विधायक श्री सिसौदिया ने तैलिया तालाब प्रकरण में अनुशंसा करने के बाद चूक होने की बात कही थी।

पं दीनदयाल उपाध्याय ट्रस्ट के सदस्य मिले कलेक्टर से
पं दीनदयाल उपाध्याय स्मारक ट्रस्ट ने जिस जमीन के आवंटन करने का आवेदन लगभग 10 वर्ष पूर्व दिया था प्रक्रिया भी चली फाइल भोपाल भी पहंुची। पर मामला जस का तस हुआ। जैसे ही ट्रस्ट के सदस्यों को यह जानकारी लगी कि जिस जमीन के आवंटन के लिए ट्रस्ट ने आवेदन दिया था वहीं जमीन एक नर्सिंग होम संचालक को आवंटित की जा रही है। ट्रस्ट के सदस्य सत्यनारायण पालीवाल के अनुसार इस भूमि को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को कलेक्टर ओ पी श्रीवास्तव से मिला था और कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जिस भूमि पर आपके ट्रस्ट को आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है ऐसे में मैं दूसरे आए आवेदन को खारिज कर दूंगा।

स्मारक ट्रस्ट वर्तमान गाइडलाइन से राशि जमा कराने को तैयार
ट्रस्ट के सदस्य पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह माच्छोपुरिया के अनुसार इस जमीन के आवंटन की विधिवत प्रक्रिया ट्रस्ट ने 2009 में शुरू कर दी थी। विभागों ने एनओसी भी जारी कर दी थी। ट्रस्ट ने 10 प्रतिशत राशि 1 लाख 30 हजार 169 रूपये जमा भी कर दिये थे। आवंटन की प्रक्रिया अंतिम रूप में थी। लेकिन अज्ञात कारणों से फाइल अटक गई। हमने इस भूमि को लेकर सोमवार को कलेक्टर श्री श्रीवास्तव से मिले थे व आवेदन देकर कहा है कि हम उस भूमि को वर्तमान गाइडलाइन पर लेने को तैयार है। कलेक्टर ने उन्हें भूमि आवंटन को लेकर आश्वस्त किया है।

कलेक्टर ने नहीं किया फोन रिसिव
विवादित भूमि के आवंटन के संबंध में कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव से सोमवार शाम 6.50 बजे मोबाईल से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होने मोबाईल रिसिव नहीं किया।

हमसफर एक्सप्रेस की तरह क्यों दौड़ी फाइल
लगभग एक माह पूर्व नर्सिग होम संचालक ने भूमि आवंटन का आवेदन दिया। इस भूमि को आवंटित करने के लिए यह फाइल हमसफर एक्सप्रेस की तरह द्रूत गति से क्यों और कैसे दौड़ी इसकी जांच करवाने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को किसी इमानदार, जलसंवर्द्धन के प्रति निष्ठा रखने वाले और प्रदेश के प्रति समर्पित अधिकारी से करवाने का प्रयास करना चाहिए। ताकि तैलिया तालाब और उपरोक्त जमीन आवंटन के मामले में जो किर किरी सत्ता और संगठन की हो रही है। जिससे भाजपा को ही नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर जांच निष्पक्ष हो फिर चाहे दोषी सत्ता का हो या प्रशासन का उसे दण्ड मिलना ही चाहिए। ताकि शासन व प्रशासन के प्रति नगर की जनता का विश्वास कायम रह सके।

नपा नहीं करेगी एनओसी जारी
नर्सिग होम संचालक को कि जाने वाले भूमि का मामला रविवार को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में भी छाया रहा। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार के अनुसार भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री प्रदीप जोशी के निर्देश पर नगर पालिका कोई एनओसी जारी नहीं करेगी। संगठन मंत्री के अनुसार पार्टी की योजना के लिए पूर्व से ही पार्टी ने जमीन की मांग कर रखी है।

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