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मामला – भूतभावन के जलाभिषेक का नई व्यवस्था से आहत : प्रातःकालीन आरती मण्डल ने सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन

मंदसौर निप्र। विश्व विख्यात भूत भवन भगवान मंदसौर श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में पूजा पद्धति , अभिषेक और जलाभिषेक को लेकर जो आदेश जारी किया गया हैं उसको लेकर शिवभक्तों में खासा रोष है। शिवभक्तो की नियमित भक्ति इससे प्रभावित हो रही हैं। इस आदेश के विरोध में मंगलवार को भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रातःकाल आरती मण्डल के पदाधिकारीयों ने कलेक्टर से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा जिसमें आरती मंडल सदस्यों द्वारा उचित निर्णय की मांग की।

भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रातः काल आरती मण्डल के सरंक्षक पण्डित दिलीप शर्मा, अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार के नेतृत्व में भगवान श्री पशुपतिनाथ प्रबंध समिति मंदसौर के अध्यक्ष एवं कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव के नाम एक ज्ञापन दिया। उल्लेखनीय है कि प्रबंध समिति द्वारा आगामी 27 नवम्बर 2017 से रैलिंग ऊंची करने, पूजा पद्धति एवं अभिषेक पर पाबंदी का नियम लागू किया जा रहा है इससे शिवभक्तों में आक्रोश व्याप्त है शिवभक्तों को यह नियम रास नहीं आ रहा है शिवभक्तों को जहॉ शिव से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

सौंपे ज्ञापन में यह कहा गया

ज्ञापन में कहा गया कि प्रबंध समिति द्वारा एक तरफा निर्णय लिया गया कि, मंदिर में जलाभिषेक जो भी भक्तों द्वारा किया जा रहा हैं पूर्ण रूप से प्रतिंबंधित किया जा रहा हैं भक्तों में आक्रोश है ंपूर्व में मंदिर प्रांगण पर नगर के सभी भक्त मण्डलो द्वारा गणमान्य नागरिकों द्वारा बैठक बुलाई गई थी जिसमे अधिकाश संदस्यो ने अपनी वर्तमान में चल रही व्यवस्था पर ही समर्थन किया था लेकिन सदस्यो की भावना के विपरित प्रबंध समिति ने जो निर्णय लिया हैं वह मंदिर जनहित में सहीं नहीं है। यदि मूर्ति के नीचे कुछ भाग क्षरण है तो वह व्रजलेप के माध्यम से ठिक किया जा सकता है। जलाभिषेक की व्यवस्था नहीं बदली जा सकती। भक्तो की भावनाओं को ध्यान रखते हुए प्रातः 11 बजे तक जो जला अभिषेक हो रहा हैं इस संबंध में भानपुरा पीठ के शंकाराचार्य व अन्य मंदिर के पूजारीयों व संतो से परामर्श कर उचित निर्णय लें। इस पर कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जो ज्ञापन आपने दिया है उसे हमें प्रबंध समिति की बैठक में रखेगे और जनता की भावना को ठेस नहीं पहुॅचे इस पर विचार करेगें।

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