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मारपीट के आरोपीयों को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं तीन-तीन हजार रूपये अर्थदण्ड

मन्दसौर। पुलिस थाना शहर कोतवाली मन्दसौर के एक प्रकरण में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश रुपेश गुप्ता द्वारा आरोपी सोयब, अस्सु, साजिद एवं लियाकत सभी निवासी मन्दसौर को धारा 325/34 भा.द.वि. के तहत् दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास व तीन-तीन हजार रूपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड न अदा करने पर एक-एक माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किये जाने का आदेश दिया है।

लोक अभियोजक विकास कुमार बोहोरा के अनुसार 26/05/2013 को फरियादी मोहम्मद अकील रात्री आठ बजे अपनी यादगार लाज के पास बैठा होकर मुस्तफा से बातें कर रहा था कि आरोपी सोयब पिता लियाकत उर्फ छप्पू आया और फरियादी अकील खाँ से कहा कि उनके बारे में बात कर रहे हो, फरियादी ने मना किया तब आरोपी सोयब माँ-बहिन की गन्दी गालियाँ देने लगा, फरियादी के गाली देने से मना करने पर आरोपीगण अस्सु, साजिद एवं लियाकत उर्फ छप्पू हाथ में लकड़ी लेकर आये और फरियादी को जान से खत्म कर दो एवं सुन्नी समाज का होने के कारण अस्सु ने लकड़ी से अकील के सिर पर मारी, जो सिर के दाहिनी तरफ लगी, जिससे सिर फट गया। छप्पू ने लकड़ी से सिर पर मारी, जिससे बचाव करने पर फरियादी को कमर में लगी, आरोपी सोयब व साजिद ने लकडि़यों से मारपीट की जिससे फरियादी के छाती व पीठ में लगी। आरोपीगण जाते-जाते बोल गये कि आज तो बच गया, आइन्दा जान से खत्म कर देगें। उक्त रिपोर्ट के आधार पर शहर कोतवाली मन्दसौर में अपराध क्रमांक 352/13 पर अन्तर्गत धारा 307, 323, 294, 506, 34 भा.द.वि. के तहत् कायमी की गई। अनुसंधान पूर्ण होने पर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन ने अपनी ओर से कुल नौ साक्षियों के कथन कराये। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों के कथनों एवं प्रकरण में समग्र साक्ष्य के विवेचन तथा अभियोजन के तर्को से सहमत होकर यह निष्कर्ष निकाला कि अभियुक्तगण सोयब, अस्सु, साजिद एवं लियाकत सभी निवासी मन्दसौर धारा 325/34 भा.द.वि. के तहत् दोषसिद्ध पाये जाने से अभियुक्तगण को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास व तीन-तीन हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी लोक अभियोजक विकास कुमार बोहोरा (जैन) द्वारा की गई।

 

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