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मिड इंडिया अण्डर ब्रिज का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण: श्रेय लेकर साफे बंधवाने वाले नेता चुप क्यों ?

मन्दसौर। बीज निर्माण समिति के महेश कुमार मोदी अभिभाषक, गोपाल गुप्ता, अनिल शर्मा, इसरार खान ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता व कार्यकर्ताओं द्वारा महाप्रबंधक वेस्टर्न रेल्वे के मंदसौर प्रवास के दौरान मिड इंडिया रेल्वे फाटक पर अण्डरब्रिज बनाये जाने बाबत् विरोध प्रकट करते हुए ज्ञापन देकर मांग की है कि मिड इंडिया रेल्वे गेट के स्थान पर अण्डरब्रिज निर्माण नहीं किया जावे। यह मांग पूर्ण रूप से जनहित विरोधी है। क्षेत्र की 30000 से अधिक लोगों की पीड़ा एवं असुविधा को नजर अन्दाज कर उक्त मांग की जाना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट करना चाहिये कि पार्टी पटरी पार की तीस हजार जनता के साथ है या अपनी पार्टी के नेताओं के साथ।

11 वर्ष के लम्बे संघर्ष के बाद क्षेत्रवासियों की इस परेशानी से निजात अण्डर ब्रिज के निर्माण के रूप में मिलने जा रहा है। इस अण्डर ब्रिज के लिये क्षेत्रवासियों ने पत्र व्यवहार किया, धरना आंदोलन आदि किये। जब इसकी स्वीकृति मिल चुकी है तो अब इसका विरोध करना न्यायसंगत नहीं है।

अण्डर ब्रिज निर्माण की घोषणा के उपरान्त कांग्रेस व भाजपा के जिन नेताओं ने इसका श्रेय लेने की होड़ में साफे बन्धवाये थे वे लोग इस विरोध पर चुप क्यो हैं ? अपने सिर पर बंधे सेहरे की रक्षा के लिये खुलकर सामने आये तथा अण्डरब्रिज निर्माण का विरोध करने वाले व्यक्तियों को समुचित जवाब देवे।

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