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मिड इंडिया ब्रिज फिर पड़ा खटाई में

रतलाम-नीमच दोहरीकरण के चलते मिड इंडिया रेलवे फाटक पर अंडरब्रिज की उम्मीद टूटने के साथ ही अब पटरी पार के रहवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चुनाव बहिष्कार का सार्वजनिक बैनर लगाने के बाद सांसद को भी चेतावनी दे चुके हैं। अब रहवासी रतलाम डीआरएम के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि फाटक बंद रहने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। अधिकारी व जनप्रतिनिधि समस्या को महसूस करें।

मिड इंडिया रेलवे फाटक घंटे बंद रहने से फाटक पार के रहवासी सालों से परेशान हैं। एक बार फाटक बंद होती है तो कभी आधे घंटे तो कभी डेढ़ घंटे में फाटक खुलती है। इससे दोनों तरफ लोगों को धूप में इंतजार करना पड़ता है। साथ ही फाटक खुलते ही जाम जैसी स्थिति बनती है। समस्या को लेकर रहवासियों द्वारा 10 साल से अंडरब्रिज व ओवरब्रिज की मांग की जा रही है। जनवरी में रहवासियों के भारी विरोध के बाद नपा व रेलवे ने एक बार फिर अंडरब्रिज की कवायद शुरू की। आनन-फानन में ड्राइंग-डिजाइन तैयार कराई, शासन से एक करोड़ रुपए भी मिल गए। रेलवे ने पहले दोहरीकरण प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देते हुए अंडरब्रिज काे ठंडे बस्ते में डाल दिया। पटरी पार के रहवासी दीवार पर सार्वजनिक रूप से चुनाव बहिष्कार का बैनर लगा चुके हैं। सांसद को ज्ञापन सौंप अंडर ब्रिज नहीं बनने पर अच्छा नहीं होने की चेतावनी दी। अब रहवासी रतलाम रेल मंडल के डीआरएम आरएन सुनकर का घेराव करने की योजना तैयार कर रहे हैं। वार्ड पार्षद लिखिता गौड़ ने बताया कि रहवासियों की चर्चा चल रही है। एक दो दिन में डीआरएम से चर्चा करने रतलाम जाने की तैयारी की जा रही है।

मिड इंडिया पर इस तरह फाटक बंद रहने से लोग होते हैं परेशान। फाटक खुलने पर लगता है जाम।

18 यात्री और 20 से ज्यादा मालगाड़ियां निकलती हैं

मिड इंडिया रेलवे फाटक से 24 घंटे में करीब 18 पैसेंजर ट्रेन निकलती है। इसके अलावा 20 से ज्यादा मालगाड़ी निकलती है। औसतन 30 मिनट में एक ट्रेन पास होती है। ट्रेन आने के 10 मिनट पहले फाटक बंद कर दिया जाता है। ऐसे में 24 घंटे में औसत 8 घंटा 30 मिनट फाटक बंद रहती है। रोज लोगों को फाटक खुलने के इंतजार में घंटों बर्बाद करना पड़ रहे है़। साथ ही दोपहर में तेज धूप से परेशानी होती है।

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