Breaking News

मिनी स्मार्ट सिटी बनने के बीच में रोड़ा बना अवेध निर्माण

  • अवैध निर्माण शहर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने के सपने पर पानी फेर सकता है। यहां रसूखदार अवैध निर्माण कर रहे हैं और खानापूर्ति के लिए ठेलेवालों पर कार्रवाई की जा रही है। मंदसौर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद की जा रही है। लेकिन रसूखदारों द्वारा शहर में किए जा रहे अवैध निर्माण को नजरअंदाज किया जा रहा है।

  • निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते रसूखदार नियमों को दरकिनार कर नित नए अवैध निर्माण करते जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर अधिकारी मामले में नोटिस जारी कर कार्रवाई की खानापूर्ति कर शांत हो जाते हैं।

  • कुछ मामले में निगम के पूर्व आयुक्त ने जरूर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की, वर्तमान निगम कमिश्नर ने तो रसूखदारों के अवैध निर्माणों की ओर से आंखें ही बंद कर लिया है। वह कभी-कभी ठेला लगाकर जीवनयापन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं।

  • मंदसौर में रसूखदारों ने बिना अनुमति के तान दी इमारतें शहर में रसूखदार जो कर ले सो कम है। नालों पर अतिक्रमण, बगैर अनुमति के निर्माण तो बरसों से हो ही रहे है। रसूखदारों ने व्यवसायिक इलाकें में नगर पालिका के तमाम नियमों का उल्लघंन कर कई ईमारतें तान दी है।

  • केन्द्र की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी लांच की योजना। चयन के लिए 24 नगर निगम और नगर पालिका को किया गया है आमंत्रित

मंदसौर। शहर में रसूखदार जो कर ले सो कम है। नालों पर अतिक्रमण, बगैर अनुमति के निर्माण तो बरसों से हो ही रहे है। रसूखदारों ने व्यवसायिक इलाकें में नगर पालिका के तमाम नियमों का उल्लघंन कर कई ईमारतें तान दी है। अवैध निर्माण प्रमाणित होने के बाद भी नगर पालिका ना तो इन्हें तोड़ पा रही है। और ना ही नियमानुसार राशि वसूल पा रही है। इससे नियम तोड़ निर्माण करने वाले के हौंसले बुलंद है।
भारत सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार ने मिनी स्मार्ट सिटी योजना लांच की है।  मिनी स्मार्ट सिटी के चयन के लिए प्रदेश में 24 नगर निगम और नगर पालिका को आमंत्रित किया गया है, इसमें मंदसौर को भी मौका मिला है। शहर में सीवेज, कंप्यूटरीकरण, पेयजल के क्षेत्र में तेजी से हुए कामों ने मंदसौर को ‘मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की दोड़ में अपने आप को खड़ा कर लिया है।
पहले चरण में प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले 12 शहरों को मिनी स्मार्ट सिटी चुना जाना है। इनमें से अमरकंटक, मैहर और ओरछा का चयन पहले ही कर लिया गया है। शेष नौ शहरों को योजना में शामिल होने के लिए स्मार्ट सिटी की तरह प्रतिस्पर्धा में शामिल किया गया है। मिनी स्मार्ट सिटी के चयन के लिए प्रदेश में 24 नगर निगम और नगर पालिका को आमंत्रित किया गया है, इसम सीहोर को भी मौका मिला है। नगर पालिका सीएमओ अमरसत्य गुप्ता ने बताया कि नगरीय निकाय एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल के ईएनसी प्रभाकांत कटारे ने इस संबंध में नगरीय निकाय पत्र भेजकर उन्हें तैयारी के निर्देश दिए हैं।

स्मार्ट सिटी में होंगी ये सुविधाएं 
मध्यप्रदेश मिनी स्मार्ट सिटी की पूरी परिकल्पना के तहत मिनी स्मार्ट सिटी में चयनित होने वाले शहरों में पर्याप्त जल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति की सुनिश्चितता करना। स्वच्छता के उपाय करना। सार्वजनिक परिवहन सेवा यानी बड़े शहरों की तर्ज पर शहर की परिवहन सेवा होगी। गरीबों के लिए किफायती आवास होंगे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जाएंगे। नगरीय निकाय की माने तो मिनी स्मार्ट सिटी का मूल्यांकन इस साल के आखिरी माह में होना है।

25 करोड़ रुपए मिलेंगे मिनी स्मार्ट सिटी के लिए
केन्द्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी प्रतियोगिता के माध्यम से मिनी स्मार्ट सिटी के लिए शहरों का चयन करेगी। मिनी स्मार्ट सिटी के लिए 25 करोड़ की राशि दी जाएगी। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास ने 12 मिनी स्मार्ट सिटी के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। पहले साल में चयनित होने वाले 6  शहरों को 25-25 करोड़ के हिसाब से 150 करोड़ की राशि दी जाएगी। 150 करोड़ की राशि दूसरे साल में चयनित होने वाले 6  शहरों की नगर निगम या नगरपालिका को दी जाएगी।

24 शहरों को योजना में शामिल किया गया
नगर पालिका के अनुसार प्रदेश मिनी स्मार्ट सिटी योजना में एक लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले सीहोर के अलावा भिंड, दतिया, शिवपुरी, देवास, रतलाम, रीवा, कटनी, सिंगरौली, बुरहानपुर, खंडवा, छिंदवाड़ा, गुना, विदिशा, छतरपुर, दमोह, मंदसौर, नीमच, पीथमपुर, होशंगाबाद, इटारसी,  बैतूल, सिवनी और नागदा शहरों को शामिल होने का मौका दिया गया है।

इन बिंदुओं के आधार पर होगा चयन
ई-गर्वंनेंस और नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाएं
अपशिष्ठ प्रबंधन की स्थिति, पेयजल का प्रबंधन
समस्याओं का सरलीकरण निकाय कैसे करता है
प्रस्तावित सुझावों व समाधानों में नई पहल किसकी है
योजना बनाने और क्रियान्वयन का नपा का पैमाना क्या है
स्रोतों का समन्वय कैसा और निवेश पर आय की स्थिति क्या

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts