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मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में बंदरबाट : जिले की यात्रा में एक ही गांव के 24 यात्री

मन्दसौर। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में भारी फर्जीवाड़ा हो रहा है। मंदसौर तहसील के लिये 37 टिकट लाटरी सिस्टम में निकले जिसमें से अकेले पाडलियामारू गांव के 24 टिकट और नगर पालिका ओर पूरे तहसील को मिला के मात्र 9 टिकट जारी किये गए। शानिवार को रामदेवरा गयी ट्रेन से पहले 12 सितंबर को भी जगनाथपुरी के लिए इसी गांव के लोग अवैध तरीके से ट्रेन में सवार थे। जो 17 सितंबर को मंदसौर स्टेशन पर उतरेंगे। एक ही गांव के लोगों को पूरी तहसील के वरिष्ठजन का हक देकर लाभ देने वाले अधिकार- कर्मचारी मुख्यमंत्री की योजना को पलीता लगा रहे है।
यह आरोप जिला पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलीप सेठिया ने प्रेस वक्तव्य में लगाया है। उन्होंने बताया कि12 सितम्बर को जगन्नाथपुरी गई और 15 को रामदेवरा गई यात्रा में शामिल यात्रियों का ट्रेन में ही भौतिक सत्यापन करवाएं तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। मुख्यमंत्री की मंशानुसार बुजुर्ग व्यक्तियों को भारतभर के तीर्थ स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री व विधायकों की सोच आम जनों के लिए अच्छी है। लेकिन अधीनस्थ एनआईसी एवं धर्मस्व विभाग के कर्मचारी, अधिकारी उक्त योजना को पलीता लगा रहे हैं। हजारों की संख्या में तीर्थ यात्रा करने वाले यात्री आज भी प्रतीक्षा सूची में है और जो यात्री प्रतीक्षा सूची में नहीं है उन यात्रियों को सेटिंग के माध्यम से यात्रा कराई जा रही है।
ताजा मामले पर प्रकाश डालें तो 1300 आवेदन आज भी प्रतीक्षा सूची में हैं। शनिवार को रामदेव बाबा के तीर्थ स्थल पर यात्रा का क्रम था। इसी के तहत जिले भर से 44 यात्रियों को यात्रा करना प्रस्तावित थी। एनआईसी के अधिकारियों कर्मचारियों ने उक्त यात्रा की बंदरबांट कर दी और अपने-अपनों को यात्रा करा दी। 24 यात्री एक ही ल गांव के और 9 यात्री इतने बड़े मन्दसौर जिले के होना इसी बात को इंगित करता है। वेटिंग में यात्रा का इंतजार करने वाले यात्रियों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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