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मेले में 1 हजार का भूखंड 15 हजार में : भूखंडों की कालाबाजारी शुरू

मंदसौर। भगवान पशुपतिनाथ महादेव मेले में आने वाले व्यवसायियों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया पारदर्शी होने के दावे की कलई मंगलवार को ही खुल गई, जब मंदसौर के ही कुछ स्थानीय लोगों को लाटरी में 3-3 और 4-4 प्लॉट खुल गए। वे बाहर से आए व्यवसायियों को 4-5 हजार रुपए में प्लॉट बेचने लगे, जबकि नपा ने इनकी कीमत महज 800 रुपए से रखी है। कुछ लोगों ने अलग-अलग नाम में फॉर्म भरकर कई दुकानें ले ली और अब वे दुकानों की कालाबाजारी कर रहे हैं। बाहर से आए कई व्यवसायी मंगलवार को भी इधर से उधर घूमते रहे। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार का कहना है कि कई लोगों ने अधिक भूखंड लिए हैं। उनकी तलाश करेंगे वे लोग ब्लैक करते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।

मेला आयोजन से पहले ही नपा और मेला समिति ने भूखंडों की कालाबाजारी को रोकने के लिए कोई रणनीति नहीं बनाई। इस कारण भूखंडों की कालाबाजारी का धब्बा फिर लग रहा है। मेले में मनिहारी, होटल, आयुर्वेद दवा, सॉफ्टी सहित अलग-अलग सामग्री की 635 दुकानें लगेंगी। इसके लिए 1100 से अधिक व्यवसायियों ने फॉर्म लेकर डाले थे। नपा ने लॉटरी सिस्टम से भूखंड आवंटित किए। इसमें एक भूखंड प्राप्त करने के लिए कई लोगों ने परिवार के सदस्यों के नाम से भी अलग-अलग आवेदन कर दिए। इससे कई लोगों को दो, तीन, चार भूखंड तक मिल गए। इसी कारण अब भूखंडों की कालाबाजारी हो रही है। कई व्यवसायियों को भूखंड नहीं मिल पाए। ऐसे में बाहर से सामान सहित आ चुके लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक व्यवसायी का कहना है कि नपा ने उसका नाम लॉटरी की लिस्ट में रखा ही नहीं तो कुछ प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे है।

नपा का कहना है जिन व्यवसायियों को भूखंड नहीं मिले हैं, वे दो-तीन रुके उन्हें भूखंड उपलब्ध करवाए जाएंगे और जिन्होंने एक से अधिक लिए है, उनका भी पता किया जाएगा। नपाधिकारियों के अनुसार कैफेटेरिया के सामने ढाई दिन का झोपड़ा परिसर में भी मेला लग रहा है, यह परिसर इंदौर के एक व्यक्ति को दिया है यहां की दुकानों को लॉटरी में शामिल नहीं किया था।

 

जिन व्यवसायियों को भूखंड नहीं मिल पाए हैं, उन्हें दो-तीन दिन में भूखंड दिलाया जाएगा। जिन लोगों के दो-दो, तीन-तीन प्लॉट खुले हैं वे कालाबाजारी करते हैं, ऐसे लोगों को तलाश कर रहे हैं। सभी व्यवसायी अभी रुके उन्हें भी भूखंड मिलेगा। लॉटरी सिस्टम से आवंटन हो रहा है कोई दुकान फिक्स नहीं है।

-प्रहलाद बंधवार, नपाध्यक्ष।

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