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युवक की आत्महत्या को लेकर ब्राहम्ण समाज हुआ आक्रोशित पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन हत्या की आशंका, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर निलंबित करने की मांग

मन्दसौर। विगत् 9 जुलाई को एक युवक द्वारा पशुपतिनाथ मंदिर पुलिया से शिवना नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जिसको लेकर शुक्रवार को सिखवाल ब्राह्मण समाज एवं नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर पुलिस की लापरवाही से ब्राह्मण नवयुवक की मौत की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने एवं दोषियों को दण्डित किये जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि 9 जुलाई को राजेश तिवारी के एकलौते 27 वर्षीय पुत्र मोहित तिवारी का शव 10 जुलाई को प्रातः श्री पशुपतिनाथ मंदिर के समीप शिवना नदी में मिलने के बाद पुलिस थाना शहर मंदसौर के थाना प्रभारी, थाने पर पदस्थ ए.एस.आई. तथा पशुपतिनाथ मंदिर पर पदस्थ जवान की लापरवाही इस मामले में उजागर होने से मोहित के परिवारजन, सकल ब्राह्मण समाज के साथ मंदसौर नगर के आमजन में पुलिस की इस प्रकार की कार्यप्रणाली से बहुत ही आक्रोश एवं गुस्सा व्याप्त है।

 

यह है मामला
मोहित को 9 जुलाई की प्रातः डिगांवमाली स्थित सहकारी बैंक में गार्ड की नौकरी हेतु घर से जाने के बाद देर शाम को जब उसके पिता राजेश तिवारी द्वारा उसके मोबाईल नम्बर पर कॉल करने पर पशुपतिनाथ मंदिर में पदस्थ पुलिस आरक्षक रमेश वास्कले ने बताया कि मोहित का मोबाईल उसके पास है तथा मोहित के शिवना नदी में कूदने पर लोगों ने उसे बचाने की जानकारी दी। राजेश तिवारी द्वारा श्री वास्कले से तुरंत सम्पर्क करने पर उन्होनंे बताया कि मोहित को छोड़ दिया है तथा वह चन्द्रपुरा की ओर गया है तथा उसका मोबाईल उनके पास है। मोहित को ढूढने के पश्चात् जब वह नहीं मिला। जानकारी के अनुसार मृतक के उसके पिता राजेश व उसकी बहन आकांक्षा रात्री 8.45 बजे शहर कोतवाली पहुंचने के बाद वहां उपस्थित थाना प्रभारी यादव एवं एएसआई राजावत ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की बाद में उनकी रिपोर्ट रात्रि 10.42 पर लिखी गई।

 

समाजजनों ने बताया षडयंत्र कर हत्या की गई
ज्ञापन समाजजनों द्वारा कहा गया कि पशुपतिनाथ मंदिर पर पदस्थ पुलिसकर्मी वास्कले द्वारा मोहित का जो मोबाईल पिता राजेश तिवारी को दिया गया वह पूरा सुखा होकर चालू है। जबकि पुलिस कर्मी द्वारा बताया गया कि मोहित नदी में कूद गया था जिसे लोगों ने बचाया। नदी में कूदने के बाद मोबाईल का गिला नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि नवयुवक मोहित एक बहुत बड़े षड़यंत्र का शिकार हुआ है। पुलिसकर्मी वास्कले ने यह भी नहीं बताया कि घटना के समय कौन-कौन लोग थे जिन्होनंे मोहित को बचाया या मोहित ने कोई बात बताई हो किस कारण से वह नदी में कूदा। मोहित ने आत्महत्या का प्रयास किया तो पुलिस कर्मी ने मोबाईल लेकर उसे क्यों छोड़ा उसके माता-पिता या शहर कोतवाली के सुपुर्द क्यों नहीं किया? इससे लगता है कि नवयुवक ने आत्महत्या नहीं की उसकी हत्या की गई है। ज्ञापन में मांग की गई कि मोहित के मृत्यु के कारणों की निष्पक्ष खुली जांचकर पता लगाया जावे तथा जिन पुलिसकर्मियों, अधिकारियों ने लापरवाही की है उनके तत्काल निलंबित कर दण्डित किया जावे।

 

यह थे उपस्थित
ज्ञापन देते समय समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. अरूण शर्मा, संजय मुरडि़या, आलोक शर्मा, पूर्व पार्षद विजय शर्मा, सिखवाल ब्राह्मण समाज अध्यक्ष बंशीलाल भट्ट, नामदेव समाज अध्यक्ष अशोक बघेरवाल, दशपुर विकास परिषद् संरक्षक राधेश्याम सिखवाल, मुक्तिधाम समिति खानपुरा कोषाध्यक्ष गोरधनलाल तिवारी, रमाशंकर शर्मा, गोपाल शर्मा, सोहनलाल उपाध्याय, आर.सी.त्रिपाठी, चैतन्य व्यास, दिनेश उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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