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युवराजसिंह चौहान की हत्या के आठ आरोपी नामजद, चार गिरफ्तार, चार फरार

व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते दिया हत्याकांड को अंजाम : पुलिस अधीक्षक श्री चौधरी ने किया खुलासा

मंदसौर। विहिप के विभाग सहमंत्री युवराज सिंह चौहान की हत्या का खुलासा करते हुए शनिवार को कंट्रोल रूम पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 09 अक्टूबर 19 को युवराज सिह पिता बच्चु सिंह चौहान निवासी अभिन्नदन नगर मन्दसौर केबल नेटवर्क संचालक की हत्या कर दी गई थी। जिसकी सूचना पर थाना कोतवाली पर अपराध क्रमाक 610/19 धारा 302, 120-बी, 34 भादवि. 25, 27 आर्म्स एक्ट का पंजीबद्व किया जाकर विवेचना मे लिया गया।

उक्त गंभीर अपराध के तत्काल निराकरण हेतु राकेश गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन झोन उज्जैन व गौरव राजपुत, पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेन्ज रतलाम के निर्देशन में हितेश चौधरी पुलिस अधीक्षक मन्दसौर द्वारा मनकामना प्रसाद अति.पुलिस अधीक्षक तथा नरेन्द्र सिंह नपुअ के नियंत्रण में अलग- अलग टीमो का गठन किया गया। अपराध की विषयवस्तु अनुसार आरोपियों की तलाष हेतु टीमो को अलग-अलग स्थानो पर रवाना किया गया। सम्पूर्ण शहर में नाकाबंदी, सीसीटीवी केमरो का परीक्षण, तकनीकीध्अपराध शाखा से जानकारी, पूर्व में हत्या कारित करने के लिए आग्नेय शस्त्रो का उपयोग करने वाले आरोपियों की जानकारी आदि एकत्र कर टीमे रवाना की गई। सयुंक्त प्रयास से उक्त सनसनीखेज हत्याकाण्ड में शामिल आरोपी छोटु उर्फ फैजान, अंकित तंवर, नागेश उर्फ लाला गोस्वामी व अनिल दरिंग को गिरफ्तार कर उक्त हत्याकाण्ड में प्रयुक्त तीन आग्नेय शस्त्र पांच जिन्दा राउण्ड एवं 2 खाली खोके जप्त किए गए। आरोपी के द्वारा रैकी एवं घटना में प्रयुक्त वाहन मोटर सायकल पल्सर एम.पी. 14 एमएस 5748 व एक मोटर सायकल पल्सर काले रंग की नीले पट्टे वाली बिना नम्बर की आरोपियों की निशानदाही से जप्त की गई।

पुलिस कप्तान ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्य एवं आरोपीगणो से प्रारम्भिक पूछताछ पर दीपक तॅवर व मृतक युवराज सिंह की टी.वी. केबल व अन्य व्यावसायिक प्रतिद्वन्दिता के चलते पूर्व से ही विवाद चला आ रहा हैं। दीपक तॅवर को यह संदेह हो रहा था कि युवराज सिंह कुछ दिनो में त्यौहारो के दौरान उसे मारना चाह रहा हैं। उपरोक्त परिस्थितियों के चलते दीपक तंवर एवं विक्की गौसर ने अपने अन्य साथियों अंकित तंवर, छोटू उर्फ फैजान व नागेष उर्फ लाला गोस्वामी, अनिल दरिंग, सुनिल गोस्वामी तथा अनीस मेव से मिल कर हत्या करने की योजना बनाई। वर्ष 2017 में सोनु गोस्वामी की हत्या कारित करने वाले आरेापी लल्लु उर्फ ललित की प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से मृतक युवराज मदद करता था। सोनु गोस्वामी आरोपीगणों का रिश्तेदार एवं सह कारोबारी होने के कारण भी युवराज को मारने के लिए उत्तेजित थे।

आपने बताया कि अपराध घटित करने की योजना एवं तरीका वारदात लगभग एक माह पहले दीपक तॅवर एवं विक्की गौसर ने अलावदा खेड़ी जाकर अंकित तॅवर, नागेष गोस्वामी, छोटू उर्फ फैजान, अनिस मेव, सुनिल गोस्वामी तथा अनिल दरिंग को युवराज ंिसह से व्यावसायिक प्रतिद्वन्दता एवं सोनु गोस्वामी की हत्या का बदला लेने के उद्देष्य से सभी को एकत्रित कर योजना बनाई। योजनाअनुसार आरोपीगणों द्वारा मृतक युवराज सिंह चौहान के घर के आस पास की रैकी प्रारम्भ की गई। 9 अक्टूबर की सुबह कालका माता मन्दिर पर मिलकर योजना अनुसार गजानन रेस्टोरेन्ट गीता भवन अण्डर ब्रीज के पास आरोपीगणों ने आग्नेय शस्त्र से तीनो आरेापियों ने फायर कर युवराज सिंह की हत्या कर मोटर सायकिल का उपयोग कर घटना स्थल से फरार हो गए।

श्री चौधरी ने बताया कि जिन आरोपियों को पुलिस के अनुसार दलौदा के निकट से गिरफ्तार किया है उनमें छोटू उर्फ फैजान पिता मुजफ्फर रिज्वी उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम अलावदाखेडी, अंकित तवंर पिता अषोक तॅवर उम्र 25 वर्ष निवासी अम्बेडकर चौराहा 12 क्वार्टर, नागेश उर्फ लाला गोस्वामी पिता दिनेश गोस्वामी उम्र 24 वर्ष निवासी बसेर कालोनी मन्दसौर, अनिल पिता गोकूल दरिंग उम्र 23 वर्ष निवासी अलावदाखेड़ी मन्दसौर है। जबकि फरार आरोपियों में दीपक उर्फ गब्बर पिता जीवन तंवर निवासी निवासी तंवर कालोनी मन्दसौर, विक्की उर्फ हेमन्त पिता जीवन लाल गौसर निवासी तॅवर कालोनी मन्दसौर, अनीस पिता रईस मेव निवासी सांई मन्दिर के पास अभिनन्नन नगर, सुनिल पिता चन्दर गिरी गोस्वामी निवासी सम्राट होटल के पीछे पारख कालोनी मन्दसौर है।

पुरानी रंजिश भी एक वजह
पुलिस ने मामले के पीछे दोनों पक्षों के बीच एक साल पुरानी रंजिश की बात भी कही है. बताया गया कि पिछले साल शहर में सोनू गोस्वामी हत्याकांड काफी चर्चा में रहा था. आरोपियों को आशंका थी कि सोनू की हत्या में युवराज का हाथ था. इसको लेकर साल 2019 में दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी, जिसका केस सिटी कोतवाली में दर्ज है. इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच केबल नेटवर्क कारोबार को लेकर भी तनातनी रही है. पुलिस को आशंका है कि लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का परिणाम युवराज सिंह चौहान की हत्या के साथ खत्म हुआ. युवराज सिंह चौहान ने कुछ दिन पहले मछली का ठेका लिया था. वहीं टोल नाके पर सिक्योरिटी का ठेका भी उसके ही पास था. इन सारे कारोबारों की वजह से दोनों पक्षों के बीच की दुश्मनी गहराती चली गई.

हत्याकांड पर सियासत तेज

विहिप नेता युवराज सिंह चौहान की हत्या के बाद मध्य प्रदेश में सियासत गर्मा गई थी. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के कई नेताओं ने कानून-व्यवस्था का सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की थी. लेकिन पुलिस के खुलासे के बाद प्रदेश में सत्ताधारी दल विपक्ष पर हमलावर हो गया है. कांग्रेस के नेता सोशल मीडिया के जरिए हिंदूवादी संगठनों को लक्ष्य करते हुए भाजपा पर ही सवाल उठा रहे हैं. इससे एक बार फिर नए सिरे से सियासत गर्मा सकती है.

आपने बताया कि उक्त सनसनीखेज हत्याकाण्ड का पर्दाफाश करने में निरीक्षक एसके यादव, उनि मोहन मालविय, शिवांशु मालवीय, दिलीप राजोरिया, गोपाल गुणावत, संजीव परिहार, रितेष डामोर, गौरव लाड, अभिषेक बौरासी, मनोज महाजन, सउनि प्रेम सिह हटिला, संजय प्रताप सिंह, प्र.आर. अजय चौहान, प्रआर रधुवीर सिंह, आर. जुझार सिंह, आर. दिग्पाल सिंह, आर. राकेश मेढ़ा आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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