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लकड़बग्गा दे रहा है वन विभाग को बार बार चकमा

मंदसौर. लकड़बग्गे को पकडऩे के लिए वन विभाग ने तरह- तरह के जतन कर लिए है। लेकिन लकड़बग्गा हर बार विभाग को चकमा ही दे रहा है। मंदसौर की टीम तो ठीक ३ दिन में उज्जैन की टीम को भी लकड़बग्गे ने चकमा दे दिया है। उज्जैन की टीम ने लकड़बग्गे को ४ पिंजरों तक लाने के लिए विशेष भोजन (नानवेज) भी रखा, लेकिन लकड़बग्गे ने अधिकारियों के सभी प्लान को फेल कर दिया। स्थिति यह है कि उज्जैन की टीम भी लकड़बग्गे को बिना पकड़े ही लौट गई।

7 किलोमीटर के एरिए में ही है लकड़बग्गा

अधिकारियों के अनुसार लकड़बग्गे के फुटमार्क मंदसौर के आसपास के 7 किलोमीटर एरिए में मिले है। उज्जैन के दल के साथ ही मंदसौर के दल को भी फुटमार्क मिले है। करीब 20-25 दिनों से लकड़बग्गा शहर व आसपास के क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। इसके लिए अधिकारियों द्वारा किए गए तमाम प्रयास बेकार साबित हुए है। वहीं अभिनंदन क्षेत्र, 500 क्वार्टर, लालघाटी क्षेत्र सहित कई क्षेत्रो के रहवासी अभी भी लकड़बग्गे की दहशत में है। रहवासी रात्रि में आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकल रहे है। वहीं बच्चों को भी रात्रि में बाहर नहीं निकलने की समझाईश दे रहे है।

4 पिंजरे भी नहीं कैद कर पाए लकड़बग्गे को
वनविभाग की टीम ने शहर में 4 स्थानों पर पिंजरे लगाए है। यह पिंजरे अधिकतर नालो के समीप लगाए गए है। क्योंकि लकड़बग्गा नालो के समीप के क्षेत्रों में अधिक देखा गया है। 4 पिंजरे लगाने के बाद भी लकड़बग्गा अभी तक एक भी पिंजरे के समीप नहीं आया है। रात्रि में वनविभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।

लकड़बग्गे की सूचना पर लगी भीड़, जंगली बिल्ला था
शहर के संजीत नाका क्षेत्र में लालघाटी एरिया में लकड़बग्गा दिखने की खबर मिली। कुछ ही देर में यह खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। लोगो ने वनविभाग व पुलिस को भी सूचना दी। इस पर वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन वह लकड़बग्गा के स्थान पर जंगली बिल्ला निकला। इस पर टीम ने लोगो से चर्चा की, लोगो ने भी बिल्ला होने की बात कहीं।

इनका कहना…
लकड़बग्गे को पकडऩे के लिए चिन्हित स्थान पर 4 पिंजरे लगाए गए है। 2 दिनों की मशक्कत के बाद उज्जैन की टीम भी लौट गई है। लकड़बग्गे को पकडऩे के लिए विशेष भोजन भी प्रतिदिन पिंजरे में रखा जा रहा है। लेकिन लकड़बग्गा पिंजरे में नहीं आ पाया है। सोमवार को लालघाटी क्षेत्र में लकड़बग्गा होने की सूचना मिली थी लेकिन वह जंगली बिल्ला निकला।
– मयंक चांदीवाल, डीएफओ, मंदसौर

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