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लोकतंत्र का महापर्व: 230 सीटों पर वोटिंग शुरू, 2907 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे मतदाता

भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। वहीं, बालाघाट जिले के तीन विधानसभा सीटों परसवाड़ा, बैहर और लांजी में सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो हुई थी। मध्यप्रदेश में भाजपा पिछले 15 सालों से सत्ता में है। कांग्रेस उसे कड़ी टक्कर दे सकती है। मध्यप्रदेश में वोटिंग शाम 5 बजे तक होगी।

 

महिला मतदाता 2 करोड़ से ज्यादा
कुल प्रत्याशी: 2907
मतदाता: 5 करोड़, 4 लाख से ज्यादा
पुरुष मतदाता: 2 करोड़ 62 लाख
महिला मतदाता: 2 करोड़ 41 लाख
थर्ड जेंडर मतदाता: 1389

आप और सपाक्स का पहला चुनाव
भाजपा सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस ने एक सीट अपने साझेदार लोकतांत्रिक जनता दल को छोड़कर 229 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। आम आदमी पार्टी और सपाक्स ऐसी पार्टियां हैं, जो प्रदेश में पहली बार चुनावी मैदान में हैं। आप 207 सीटों, सपाक्स 109, बसपा 227, गोंगपा 73 और सपा 52 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। शिवसेना -81 सीटों पर और सबसे ज़्यादा 1094 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव के मुताबिक निर्भीक और निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। पूरे प्रदेश में कुल 65367 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मध्यप्रदेश की सभी अंतर्राज्यीय सीमाएं सील कर दी गयी हैं। दूसरे प्रदेशों से आए राजनैतिक दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों को वापस भेज दिया गया है। चुनाव ड्यूटी में तीन लाख कर्मचारी,पीठासीन अधिकारी,चुनाव अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रदेश में 2 हजार पिंक बूथ बनाए गए हैं। इनमें महिला कर्मचारी तैनात रहेंगी। दिव्यांग मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि में पर्ची उपलब्ध रहेगी। शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रदेश में चुनाव आयोग ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। प्रदेश की दूसरे राज्यों से लगने वाली सीमाएं सील कर दी गयी हैं और शराब की बिक्री पर शाम 5 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। पूरे प्रदेश में 1,90,000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर नक्सल प्रभावित बालाघाट ज़िले में 76 कम्पनियां तैनात की गयी हैं। प्रदेश में पैरामिलिट्री फोर्स की 650 कंपनियों ने मोर्चा संभाल लिया है।

 

टिंग के लिए आने वाले लोग अपने साथ अपना पहचान पत्र भी साथ लेकर जाएंगे। इसके तहत…
1. पासपोर्ट
2. ड्राइविंग लाइसेंस
3. पेनकार्ड
4. सेवारत कर्मियों के लिए जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र।
5. फोटो युक्त पासबुक।
6. एससी-एसटी, ओबीसी के फोटो युक्त प्रमाण पत्र
7. पेंशन दस्तावेज
8. फोटाे युक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र
9. फोटो युक्त शस्त्र लाइसेंस।
10. शारीरिक विकलांगता का प्रमाण पत्र
11. सांसद/विधायक, एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान-पत्र
12. मनरेगा जॉबकार्ड
13. श्रम मंत्रालय का स्वास्थ्य बीमा जॉब कार्ड
14. मतदाता पर्ची।

इसके अलावा आयोग ने मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन किया है। केंद्र में दो मतदाता मित्र तैनात किए हैं। उनका चयन इसी लिए हुआ है कि वे मतदाताओं की पहचान सत्यापित कर सकें।

वहीं इससे पहले भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि यदि मतदाता को मतदान केन्द्र में जाने पर पता चलता है कि उसका मत डाला जा चुका है, तो पीठासीन अधिकारी पहचान संबंधी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर पाने के बाद उस मतदाता को निविदत्त मतपत्र प्रदान करेगा।

यह मतपत्र उसी डिजाइन का होगा जैसा कि ईव्हीएम में लगाया गया है। इस मतपत्र पर ऐरोक्रॉस मार्क सील से मतदाता अपना मतांकन कर पीठासीन अधिकारी को देगा। पीठासीन अधिकारी दिए गए लिफाफे को सील बंद कर संग्रहण केन्द्र में जमा करेगा। समस्त पीठासीन अधिकारियों को आयोग द्वारा 20 निविदत्त मतपत्र उपलब्ध कराये गए हैं।

इसके अतिरिक्त निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान दिवस पर मतदान केन्द्र की 100 मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति मोबाइल या कार्डलेस फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा तथा अभ्यर्थी मतदान केन्द्र से 200 मीटर की परिधि के अंदर कोई भी बूथ नहीं बना सकेगें।

यह प्रतिबंध प्रतिबंध पीठासीन अधिकारी एवं निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, सुरक्षा में लगे अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारी पर लागू नहीं होगा ,लेकिन इन अधिकारियों को भी अपना मोबाइल साइलेंट मोड में रखना होगा।

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