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वाह रे सुशासन : शिव-राज में न्याय के लिए महिलाओं को करना पड़ रही भूख हड़ताल


खड़ी फ़सल पर जेसीबी चलाने और ज़मीन की पूरी क़ीमत देने की माँग को लेकर रत्नावत परिवार की एक महिला ओर उनकी दो बेटियां बैठी है दो दिनों से भूख हड़ताल पर, शामगढ़ थाने की इंदु इवने भूख हड़ताल खत्म करने का डाल रही महिलाओं पर दबाव !

मन्दसौर। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान खुद को प्रदेश की महिलाओं का भाई और बेटियों का मामा कहने का ढिंढोरा पीटते रहते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि शिव राज में माताएं बहने और भांजी न्याय के लिए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं। ऐसे में सोचने में आता है कि प्रदेश के मुखिया क्या महिलाओं और बेटियों को सिर्फ वोट कबाड़ने के लिए बहन और भांजी बोलते हैं ? पिछले 2 दिनों से जिले के सुवासरा विधानसभा अंतर्गत शामगढ़ में रत्नावत परिवार की एक महिला और उनकी दो  बेटीयाँ न्याय की आस लिए भूख हड़ताल पर बैठी है, ऐसी स्थिति में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह डंग के विधानसभा क्षेत्र में चल रही इस भूख हड़ताल पर मंत्री जी को मौके पर जाना था या अपना प्रतिनिधि भेजकर महिलाओं की समस्या सुनकर उसका समाधान करवाना था। बजाय इसके शामगढ़ थाने पर पदस्थ एसआई इंदु इवने महिलाओं पर भूख हड़ताल खत्म करने का दबाव बना रही है। इतना ही नहीं प्रशासन की ज़्यादती देखिए कि रत्नावत परिवार की महिला व उनकी बेटियों ने भूख हड़ताल पर बैठने से पूर्व एक टेंट लगवाया था। रात में पुलिस ने वह टेंट यह कह कर हटवा दिया कि आपके पास अनुमति नहीं है। ऐसे में सोचने वाली बात ये है कि कितने राजनीतिक आयोजन की अनुमति पुलिस द्वारा देखी जाती है ? टेंट हटने से महिला व उनकी बेटियां धूप व बरसात में भूख हड़ताल पर बैठी रही, आँखे लाल हो गई, दो दिन से भूखी बैठी माँ बेटियों की सुध लेने को कोई तैयार नहीं है, आखिर किसके दबाव में सुध नहीं ली जा रही है ? महिलाओं को न्याय दिलाने की बजाय प्रशासन उन पर दबाव बनाकर भूख हड़ताल खत्म क्यों करवाना चाहता है?

यह है पूरा मामला

शामगढ़ के रत्नावत परिवार की ज़मीन है जिसका बंटवारा होना बाकी है और भाइयों के बीच जमीन को लेकर न्यायालय में केस चल रहा है। परिवार के बड़े लड़के मोहनलाल रत्नावत ने ज़मीन शामगढ़ के अशोक संघवी को बेच दी, इस पर छोटे लड़के मुकेश रत्नावत ने बड़े भाई मोहनलाल रत्नावत से कहा कि ज़मीन का बंटवारा होने से पहले आपने ज़मीन कैसे बेच दी। उधर अशोक संघवी ने ज़मीन का पूरा पेमेंट नहीं किया है और ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी। इसके बाद रत्नावत परिवार की महिला व बेटियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी क्योंकि उनको ज़मीन का पूरा पैसा भी नही दिया बल्कि उनकी फसल नष्ट कर दी गई। 

थाने की मैडम भी दबाव डालने में पीछे नहीं

जिला पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ चौधरी अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट कह चुके हैं कि थाने पर आने वाले फरियादियों की सुनवाई हो और उन्हें मान सम्मान दिया जाए। इस आदेश के ठीक विपरीत थाना शामगढ़ पर पदस्थ इंदु इवने भूख हड़ताल कर रही महिला व उनकी बेटियों पर दबाव बना रही है ,असहयोग दर्शा रही है, रिपोर्ट लिखने की बजाय हाथ बांधे देख रही है, गुरुवार रात को दो पुलिसकर्मी ये बोलकर डराने पहुंचे थे की यहाँ से हट जाओ वरना प्रकरण दर्ज हो जाएगा, उन्हें डराया जा रहा है, धमकाया जा रहा है, आखिर यह सब किसके इशारे पर किया जा रहा है ? जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए पटाक्षेप करना चाहिए ओर भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं के साथ न्याय होना चाहिए।

मामला पोरवाल समाज के दो पक्षो का है

पोरवाल समाज के कुछ लोग समझौता एक्सप्रेस चलाने मौके पर पहुंचे थे लेकिन मामला एक करोड़ से अधिक की भुमि का हो गया है इसलिये कोई ज्यादा बोलने की स्थिति में नही है। दोनो पक्ष मिडिया से भी जुडे़ है। मोहनलाल रत्नावत मालव केसरी सम्पादक मुकेश रत्नावत के बडे़ भाई है जिन्होने उनसे बिना सम्पत्ति बंटवारे के अशोक संघवी को 4 प्लॉट बेच दिए थे। अशोक संघवी, डिम्पल सम्पादक ओम संघवी का छोटा भाई है जिन्होने मुकेश रत्नावत की बिना सहमति के 4 प्लॉट पैतृक सम्पत्ति में बिना बंटवारा हुए खरीद लिये थे। अशोक संघवी ने जो 4 प्लॉट 5 – 5 लाख में खरीदे थे उनकी बकायदा रजिस्ट्री अशोक संघवी, पार्षद निलेश संघवी, अशोक की बडी़ बहन शकुंतला व एक भांजे के नाम से मोहनलाल द्वारा की गई है। डायवर्शन नामांतरण भी हुआ है लेकिन रत्नावत परिवार की महिला का यह आरोप है की पहले हमें हमारी पुरी रकम दी जाए फिर कब्जा देंगे। बताया जा रहा है की प्लॉट लगभग 5 साल पहले खरीदे गए थे जिनकी किमत अब 25 लाख से अधिक तक हो चुकी है। अशोक संघवी ने एक जाहीर सुचना के माध्यम से यह हवाला दिया है की नियत बिगड़ने का मामला है। हमारे पास समस्त दस्तावेज है और भुमि अन्य दो व्यक्ति को विक्रय कर दी गई है व कब्जा दिया जा रहा है।

महिला की तबियत बिगड़ी अस्पताल भेजा

देर शाम रत्नावत परिवार की महिला की लगातार दो दिन तक भूख हड़ताल पर बैठने से तबीयत बिगड़ गई, स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

जहाँ भूख हड़ताल वहीं हरि झंडी देंगे कैबिनेट मंत्री

पिछले 2 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी मां बेटियों की सुध लेने कोई भी जिम्मेदार भूख हड़ताल स्थल पर नहीं पहुंचा। लेकिन कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह डंग भूख हड़ताल स्थल के पास ही सुबह कोरोना योद्धाओं के सम्मान में होने वाले आयोजन में हरी झंडी दिखाएंगे। देखना यह है कि कैबिनेट मंत्री प्रदेश की महिलाओं के भाई और भांजियों की सुध लेने जाते हैं या नहीं।वर्जनहमने रजिस्ट्रार कार्यालय से ज़मीन के दस्तावेज मंगवाए है, रजिस्ट्री नामान्तर व डायवर्शन सही है, गवाह का भी कहना है कि रजिस्ट्री सही है, फसल नष्ट की गई है या नहीं, फसल खड़ी भी थी या नहीं हम पता लगा रहे है। -अरविंदसिंह ठाकुरथाना प्रभारी शामगढ़

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