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विद्यालयों में प्रतिदिन ध्वजारोहण के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे शासन

शिक्षक संघ म.प्र. (एसएसएमपी) ने म.प्र. शिक्षा विभाग के विद्यालयों में प्रतिदिन ध्वजारोहण का जो प्रस्ताव सार्वजनिक किया गया था उसके विरोध में शिक्षा मंत्री और प्रमुख सचिव शिक्षा को ईमेल से सुझाव भेजकर इस अव्यवहारिक विचार को स्थगित रखकर मांग की थी कि इस दिखावे की राष्ट्रभक्ति के बजाय पाठ्यक्रम में राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाले पाठों को सम्मिलित किया जावे और शिक्षकों केा व्यावहारिक कठिनाईयों से भी उन्हें अवगत कराया। एसएसएमपी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि ध्वजारोहण कहीं शिक्षकों को राजनैतिक अखाड़े में न डाल दे। साहसी, स्पष्ट निर्णय लेने वाले शिक्षक/संस्था प्रधान को निहित स्वार्थ इस बिन्दू पर शिकायत कर संकट में डाल सकते है जो विभाग विद्यालयों की साफ-सफाई और डाक लाने व ले जाने के कार्य के लिये किसी सहायक की नियुक्ति नहीं कर सकता वहां ध्वज की सुरक्षा के लिये गारंटी कौन देगा ? शिक्षक कक्षा में अध्यापन करायेगा या ध्वज के पास खड़ा रहेगा ? इसलिये एसएसएमपी के सर्व श्री दिलीप सांखला, आशीष बंसल, जयेश नागर, मनीष पारिख, अजय चेलावत, सुरेश गुप्ता, ललित सोनगरा, रामनिवास गोराना, राधेश्याम सेठिया, अंशुल धनोतिया, जगदीश काला, संदीप मलासा, हेमन्त वर्मा, दिपेश श्रीवास्तव ने पत्र लिखकर अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की माग की है।

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