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विवाह पंजीयन करना हुआ अब ओर जरूरी

विवाह का रजिस्ट्रीकरण कराना नितांत अनिवार्य है। विवाहों के अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण के संबंध में कलेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं सभी नगर पालिका/नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में कार्यवाही करने को कहा हैं। जारी आदेश में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा है कि समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा लम्बे समय से प्रचलित है, जिसके भयंकर दुष्परिणाम हमारे सामने आते रहते हैं। स्वास्थ्य सर्वेक्षणो में कुपोषण एवं मातृ-शिशु मृत्युदर में बाल विवाह एक प्रमुख कारण के रुप में सामने आया है। देश में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 जैसा कठोर कानून लागू है, जिसमें बाल विवाह आयोजको एवं प्रायोजको को दो साल के कारावास एवं एक लाख रुपए के अर्थदण्ड के प्रावधान रखे गए हैं। प्रदेश को बाल विवाहरहित बनाने के लिए हमारी सरकार लाडो अभियान का संचालन कर रही है। कानून के क्रियान्वयन के लिए अभियान का संचालन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। भारत सरकार द्वारा प्रदेश के इस अभियान की सराहना की गई है। अभियान के तहत लोगो को जागरूक किया गया, मौके पर रोकथाम की गई तथा दोषियो के विरुद्ध कार्यवाही भी की गई, जिसके फलस्वरुप बाल विवाहों की संख्या में काफी गिरावट आयी है। किन्तु आज भी चोरी छुपे बाल विवाह की शिकायते प्राप्त हो रही हैं। इस बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई मिटाने के लिए केवल कठोर कानून ही पर्याप्त नही है, वरन इस बुराई को सामाजिक सोच में बदलाव लाकर ही रोका जा सकता है। जिला प्रशासन इस कुप्रथा को स्थाई तौर पर बंद करने हेतु कृतसंकल्पित है। राज्य शासन के योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में विवाहो का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम, 2008 लागू किया गया है, किन्तु इसके बाबजूद भी विवाह पंजीयन में अपेक्षित प्रगति नही हो पाई है। जिला प्रशासन द्वारा मंदसौर जिले में होने वाले प्रत्येक विवाह का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने का निर्णय लिया गया है। मप्र के राजपत्र 15 जुलाई 2009 द्वारा ग्राम पंचायतस्तर पर पंचायत सचिव एवं नगरीय क्षेत्रो में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को विवाह रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। विवाह करने से पूर्व ग्राम पंचायत/नगर पालिका/नगर पंचायत की अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। अनुमति नही लेने पर स्थानीय विवाह रजिस्ट्रार के द्वारा 5000 रुपए तक अर्थदण्ड लगाने की कार्यवाही की जायेगी। इसके लिये संबंधित विवाह रजिस्ट्रार को प्रस्ताव तहसीलदार को देना होगा। नवविवाहिता का नाम राशन कार्ड में दर्ज करने (जोडने) के लिए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र आवश्यक होगा।
विवाह पंजीयन के लिए आवेदन कैसे करें– विवाह पंजीयन के लिए संबंधित वर-वधू के माता-पिता अपने क्षेत्र के विवाह रजिस्ट्रार (पंचायत सचिव/मुख्य नगर पालिका अधिकारी) को विवाह के आयोजन से पूर्व एक लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत करेगें जिसके साथ वर-वधू के उम्र के प्रमाण एवं हाल का पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्यतः संलग्न करना होगा। विवाह पंजीयन हेतु आवेदन का शुल्क 100 रुपए रहेगा। विवाह के बाद विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र के लिए 40 रुपए शुल्क अलग से लिया जायेगा। जिसे चालान के माध्यम से हेड 1475/001 (जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन/आर्थिक सेवाएं) में जमा किया जाएगा। आवेदन के साथ उम्र के प्रमाण हेतु विद्यालय का प्रमाणीकरण, जन्म प्रमाण पत्र एवं अंकसूची प्रस्तुत करना होगी। यदि वर-वधू में से कोई भी अनपढ़ है, तो निवास स्थान के प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता का प्रमाणीकरण आवश्यक होगा, जिसमें यह स्पष्ट अंकित हो कि संबंधित स्थाई रुप से गांव में निवासरत है तथा वह किसी भी विद्यालय में नही पढ़ा है और अनपढ़ है। आवेदन मिलने के बाद सचिव ग्राम पंचायत, आगंनवाडी कार्यकर्ता एवं प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुमोदन पश्चात ग्राम पंचायत द्वारा विवाह की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय में विवाह पंजी संधारित की जायेगी, जिसमें वर-वधू का संपूर्ण विवरण दर्ज किया जाएगा। संबंधित विवाह रजिस्ट्रार का यह दायित्व होगा कि वह ग्राम/वार्ड में होने वाले समस्त विवाहो का पंजीयन विवाह के 15 दिवस पूर्व आवश्यक रुप से कर ले। विवाह पूर्व पंजीयन शुल्क 100 रू. एवं अर्थदण्ड राशि संबंधित निकाय की विकासनिधि में जमा होगी।
विवाह पंजीयन न कराने पर दण्ड प्रावधान– संबंधित पंजीयन कार्यालय में विवाह कार्यक्रम आयोजन से पूर्व अनुमती न लेना दण्डनीय होगा जिसके लिये 5000 रू. का अर्थदण्ड लगाया जायेगा। बिना अनुमति कोई विवाह करता है तथा वह बाल विवाह प्रमाणित होता है, तो संबधित के खिलाफ बालविवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। इसके लिये दो वर्ष की सजा एवं एक लाख रूपये तक का जुर्माना होगा।
विवाह पंजीयन कराने के लाभ– विवाह संबंधी एक प्रमाणित दस्तावेज। बाल विवाह पर पूर्णतः रोकथाम। उत्तरादायित्व एवं सम्पति संबंधी विवादो के निराकरण में उपयोगी दस्तावेज। शासकीय/अर्द्धशासकीय कर्मचारियो के कार्यालयीन अभिलेख मे वैवाहिक स्थिति के परिवर्तन हेतु प्रमाणित एवं मान्य दस्तावेज। निर्देशों का कढाई से पालन करने के लिए जनपद पंचायत, नगर परिषद/पालिका एवं ग्राम पंचायत अपने स्तर पर पर्याप्त प्रचार-प्रसार करायेंगे तथा ग्रामसभा की बैठक में लोगो को विवाह पंजीयन से होने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से बतायेंगे।

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